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महिला मुलाजिमों को नहीं सताएगी बच्चों की टेंशन, डीसी आफिस में खुला क्रेच

Tue, 09 Mar 2021 03:01 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 03:01 AM IST
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Children's tension will not haunt female employees, open crche in DC office
डीसी मोहाली की ओर से खोला गया क्रेच। - फोटो : MOHALI
मोहाली। सेक्टर-76 स्थित जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के विभिन्न दफ्तरों में काम करने वाली महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन ने बड़ा तोहफा दिया है। कांप्लेक्स में अब क्रेच स्थापित किया गया है। जहां पर महिला मुलाजिम अपने छोटे-छोटे बच्चों को सुबह नौ बजे से पांच बजे तक आसानी से छोड़कर ड्यूटी कर पाएंगी।
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प्रशासन को उम्मीद है कि इस फैसले से जहां जिला प्रशासन के काम में सुधार आएगा। वहीं, महिला मुलाजिमों की छुट्टियां भी कम होंगी। साथ ही उन्हें बच्चों को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। डीसी गिरीश दियालन ने क्रेच की सुविधा का शुरू किया।
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जानकारी के मुताबिक जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में क्रैच बनाने का मामला भी रोचक है। जिला प्रबंधकीय कांप्लेस में तीस के करीब महिला मुलाजिम ऐसी हैं, जिनके बच्चे काफी छोटे हैं। इस वजह से महिला मुलाजिमों को बच्चों की काफी टेंशन रहती है। जैसे यह मामला आया तो सहायक कमिश्नर अंडर ट्रेनिंग मनीषा राणा व जिला विकास फैलो प्रिया सिंह ने इस मामले को डीसी के समक्ष उठाया। डीसी ने तुरंत प्रोजेक्ट को मंजूरी दी।
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क्रेच में मिलेंगी ये सुविधाएं
क्रेच में कई तरह के खिलौने, संगीत, खेल, बिल्डिंग ब्लॉक, अल्फाबेटस, पेंटिंग व थ्रेडिंग उपकरण, बच्चों के लिए बास्केट बाल, स्लीपिंग कोट आदि के साथ ही एलईडी, इंटरनेट की सुविधा वाले कंप्यूटर सामान शामिल है। बच्चों की देखभाल के लिए एक मुलाजिम तैनात किया गया है। वहीं, कैमरे भी लगाए गए हैं। शुरुआत समय नौ से पांच बजे तक का है। बाद में इसे घटाया बढ़ाया जा सकता है।

महिला मुलाजिम बोलीं - बच्चे रहेंगे सुरक्षित
डीसी ऑफिस में डॉटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात उमिंद्र कौर ने कहा कि मैं अपने बच्चों को घर में अकेले छोड़ने को लेकर चिंता में रहती हूं। खासकर हफ्ते के अंत में जब उनके स्कूल बंद होते हैं। वहीं, अब दफ्तर में इस सुविधा के शुरू होने से उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है। वहीं, बच्चे अब सुरक्षित रहेंगे। वहीं, जब दिल करेगा, वह बच्चों को देख पाएंगी। एसएसपी दफ्तर के डॉटा सेल में तैनात सिपाही सुखदीप कौर ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। एक की उम्र एक साल से कम है। जबकि दूसरे की उम्र तीन साल हैं। उन्होंने बताया कि दफ्तर के समय में बच्चों को लेकर चिंता में रहती थी। कई बार जब घर में कोई नहीं होता था तो उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती थी। इस सुविधा से वह काफी खुश है।
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