{"_id":"6ab0422df94b9c5bc605f36b","slug":"ban-on-night-time-paddy-harvesting-in-mohali-complete-ban-on-stubble-burning-mohali-news-c-289-1-pkl1068-2935-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: मोहाली में रात में धान कटाई पर रोक, पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: मोहाली में रात में धान कटाई पर रोक, पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
विज्ञापन
मोहाली। जिला प्रशासन ने धान कटाई के सीजन में रात के समय कंबाइन चलाने पर सख्ती की है। जिला मजिस्ट्रेट कोमल मित्तल ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत शाम सात बजे से सुबह नौ बजे तक कंबाइन से धान की कटाई पर रोक रहेगी। इसके साथ ही, धान की पराली या फसल अवशेष जलाने पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
प्रशासन के अनुसार, रात में कंबाइन चलाने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। रात में ओस और बारिश के कारण धान में नमी बढ़ जाती है। इससे कच्चे और हरे दाने वाली फसल की कटाई होती है। ऐसे धान में निर्धारित सीमा से अधिक नमी आ सकती है। इससे किसानों को मंडियों में फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंबाइन मालिक बिना सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाए धान की कटाई नहीं करेंगे। एसएमएस के बिना फसल अवशेषों को संभालना मुश्किल होता है। इससे पराली जलाने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
पराली जलाने पर प्रतिबंध के कारण
जिला प्रशासन ने धान की कटाई के बाद फसल अवशेषों को आग लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं। ये गैसें वायु प्रदूषण बढ़ाती हैं। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशासन के अनुसार, रात में कंबाइन चलाने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। रात में ओस और बारिश के कारण धान में नमी बढ़ जाती है। इससे कच्चे और हरे दाने वाली फसल की कटाई होती है। ऐसे धान में निर्धारित सीमा से अधिक नमी आ सकती है। इससे किसानों को मंडियों में फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंबाइन मालिक बिना सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाए धान की कटाई नहीं करेंगे। एसएमएस के बिना फसल अवशेषों को संभालना मुश्किल होता है। इससे पराली जलाने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
पराली जलाने पर प्रतिबंध के कारण
जिला प्रशासन ने धान की कटाई के बाद फसल अवशेषों को आग लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं। ये गैसें वायु प्रदूषण बढ़ाती हैं। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
विज्ञापन