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Mohali News: विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष विकास प्रभाकर की हत्या के आरोपी को जमानत
Wed, 01 Oct 2025 03:00 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Wed, 01 Oct 2025 03:00 AM IST
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एनआईए कोर्ट में मामले की हुई सुनवाई, 1 लाख जमानत बांड भरने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब के नंगल में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में आरोपी गुरप्रीत राम उर्फ गोरा को जमानत मिल गई है। उसको एक लाख का बांड भरने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले की सुनवाई एनआईए कोर्ट में की गई। मामले में आरोपी गुरप्रीत राम उर्फ गोरा ने अदालत में नियमित जमानत याचिका लगाई थी, जिसे एनआईए कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। गुरप्रीत राम उर्फ गोरा के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि विकास प्रभाकर की हत्या में उसकी भूमिका का खुलासा नहीं किया गया है। उनपर सिर्फ शस्त्र अधिनियम क धारा 25 और 27 के तहत आरोप लगाए हैं। वह 22 अप्रैल 2024 से हिरासत में है। अभियुक्त को अनिश्चित काल तक सलाखों के पीछे रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि वह राज्य के खजाने पर बोझ बनेगा।
इस मामले में अदालत ने दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया कि गुरप्रीत को 1 लाख रुपये का जमानत बांड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार देना होगा। वह प्रत्येक सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित होगा। अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही वह अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह को कोई धमकी, वादा या प्रलोभन देगा।
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यह है मामला
13 अप्रैल 2024 की शाम रूपनगर के नंगल के रेलवे रोड पर स्थित वीएचपी नंगल मंडल के प्रधान विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की दुकान पर दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक हमलावर ने हेलमेट लगाया था और दूसरे ने मफलर के साथ मुंह ढका था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल .32 बोर के दो पिस्टल बरामद किए थे। साथ ही पुलिस को आरोपियों से करीब 16 कारतूस और एक खाली कारतूस भी मिला था। बाद में एनआइए को जांच सौंपी गई थी जिसके बाद एनआईए ने अलग से नई एफआईआर दर्ज थी। हत्या के आरोप में मंदीप कुमार उर्फ मंगली, सुरिंदर कुमार उर्फ रिक्का, जमानत आवेदक गुरप्रीत राम उर्फ गोरा, धरमिंदर कुमार उर्फ कुणाल और जगजीत सिंह उर्फ राजू को नामजद किया गया था। जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी वाधवा सिंह उर्फ बब्बर ने जर्मनी स्थित सहयोगियों हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू की सहायता से विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की हत्या के लिए आपराधिक साजिश रची थी।
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मोहाली। पंजाब के नंगल में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में आरोपी गुरप्रीत राम उर्फ गोरा को जमानत मिल गई है। उसको एक लाख का बांड भरने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले की सुनवाई एनआईए कोर्ट में की गई। मामले में आरोपी गुरप्रीत राम उर्फ गोरा ने अदालत में नियमित जमानत याचिका लगाई थी, जिसे एनआईए कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। गुरप्रीत राम उर्फ गोरा के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि विकास प्रभाकर की हत्या में उसकी भूमिका का खुलासा नहीं किया गया है। उनपर सिर्फ शस्त्र अधिनियम क धारा 25 और 27 के तहत आरोप लगाए हैं। वह 22 अप्रैल 2024 से हिरासत में है। अभियुक्त को अनिश्चित काल तक सलाखों के पीछे रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि वह राज्य के खजाने पर बोझ बनेगा।
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इस मामले में अदालत ने दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया कि गुरप्रीत को 1 लाख रुपये का जमानत बांड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार देना होगा। वह प्रत्येक सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित होगा। अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही वह अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह को कोई धमकी, वादा या प्रलोभन देगा।
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यह है मामला
13 अप्रैल 2024 की शाम रूपनगर के नंगल के रेलवे रोड पर स्थित वीएचपी नंगल मंडल के प्रधान विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की दुकान पर दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक हमलावर ने हेलमेट लगाया था और दूसरे ने मफलर के साथ मुंह ढका था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल .32 बोर के दो पिस्टल बरामद किए थे। साथ ही पुलिस को आरोपियों से करीब 16 कारतूस और एक खाली कारतूस भी मिला था। बाद में एनआइए को जांच सौंपी गई थी जिसके बाद एनआईए ने अलग से नई एफआईआर दर्ज थी। हत्या के आरोप में मंदीप कुमार उर्फ मंगली, सुरिंदर कुमार उर्फ रिक्का, जमानत आवेदक गुरप्रीत राम उर्फ गोरा, धरमिंदर कुमार उर्फ कुणाल और जगजीत सिंह उर्फ राजू को नामजद किया गया था। जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी वाधवा सिंह उर्फ बब्बर ने जर्मनी स्थित सहयोगियों हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू की सहायता से विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की हत्या के लिए आपराधिक साजिश रची थी।