मोहाली। नयागांव के बड़ी करोरां इलाके दो दिन की बच्ची को जिंदा जमीन में दबाने और अस्पताल में उसकी मौत हो जाने के मामले की सुनवाई मोहाली की अदालत में हुई। इस मामले में बच्ची की हत्या की आरोपी उसकी मां अनिता ने अदालत में अपने वकील के माध्यम से नियमित जमानत याचिका दायर की थी। आरोपी महिला अनिता के वकील ने अदालत में दलील दी कि अनिता को केस में झूठा फंसाया गया है। महिला मनोरोगी है और उसने कभी किसी बच्चे को जन्म नहीं दिया। यह भी तर्क दिया कि वह कभी गर्भवती नहीं रही। वह हमेशा अपनी गर्भावस्था पर विवाद करती थी और जब आरोपी मां ने उसे जन्म नहीं दिया तो 3 फरवरी, 2023 को हुई बच्ची को मिट्टी में दबाने का सवाल उत्पन्न नहीं होता। अदालत को बताया गया कि छह फरवरी से महिला हिरासत में हैं। मामले में चालान कोर्ट में पेश कर दिया गया है। निष्कर्ष में काफी समय लगेगा, इसलिए महिला की नियमित जमानत याचिका मंजूर की जाए।
वहीं, दूसरी ओर सरकारी वकील ने इसके विरोध में कहा कि महिला पर आरोप काफी गंभीर हैं। आरोपी की बताई गई कहानी मनगढंत है। आरोपी हत्या की धाराओं का सामना कर रही है। बच्ची की हत्या में आरोपी महिला राहत की हकदार नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट में भी डिलीवरी का होना पाया गया है। जमानत पर आकर महिला फरार हो सकती है। इसलिए महिला की जमानत याचिका खारिज की जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी महिला की जमानत याचिका को यह कहकर रद्द कर दी कि ऐसे घिनौने अपराध में जमानत की मंजूरी नहीं दी जा सकती।