मोहाली: चढूनी के दफ्तर में आधी रात घुसे हमलावर, मुलाजिमों को पीटकर की तोड़फोड़, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज
गुरनाम चढूनी के बेटे अर्शपाल ने कहा कि हमलावर कह रहे थे कि गुरनाम सिंह चढूनी और उसके बेटे को राजनीति सिखाने आए हैं। चारों हमलावरों ने कमरों की तलाशी करते हुए दफ्तर का सारा सामान तोड़ दिया। साफ करने वाला लड़का किसी तरह बचकर गार्ड को बुलाने के लिए भागा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की संयुक्त संघर्ष पार्टी के सेक्टर-97 दफ्तर में रविवार की रात तीन हमलावरों की ओर से तोड़फोड़ और मुलजिमों से मारपीट कर उन्हें घायल करने का मामला सामने आया है। हमलावरों के हाथ में रिवाल्वर और लोहे की रॉड समेत कई हथियार थे। इस दौरान दफ्तर में मौजूद दोनों मुलाजिमों ने भागकर अपनी जान बचाई।
चढूनी के बेटे अर्शपाल ने आरोप लगाया कि तीनों हमलावर उनके पिता और उन्हें जान से मारने आए थे। हालांकि वह यहां पर मौजूद नहीं थे। इसलिए उनका बचाव हो गया। उन्होंने इसकी शिकायत सोहाना थाने और निर्वाचन आयोग को दी है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अर्शपाल ने बताया कि रविवार को वह चुनाव प्रचार के लिए पंजाब में थे और रात को करतारपुर में एक होटल में ठहरे हुए थे। उनकी योजना सोमवार भुलत्थ और गुरदासपुर में प्रचार करने की थी। इसी बीच रात 12 बजकर 18 मिनट पर दफ्तर के मुलाजिम गौरव का फोन आया वह काफी डरकर बोल रहा था, वह समझ नहीं पा रहे थे कि वह क्या बोल रहा है।
उन्होंने दोबारा फोन करके पूछा तो उसने बताया कि तीन हमलावर उनके दफ्तर में आ धमके और उनके ऊपर हमला करके पूछा कि चढूनी और उसका बेटा कहां है। आज हम उन्हें सिखाते हैं कि राजनीति कैसे होती है। इस दौरान उन्होंने दफ्तर में तोड़फोड़ भी की। हमलावर कोई सामान नहीं ले गए। लगता है वह हमला करने की नीयत से ही आए थे। इसके बाद वह रात को ही करतारपुर से मोहाली पहुंचे और अपने दोनों घायल मुलाजिमों का इलाज करवाया।
हमलावरों को पता था पिता दफ्तर में ठहरेंगे
अर्शपाल ने बताया कि उनके पिता ने रविवार की रात दफ्तर में ही ठहरना था लेकिन जरूरी काम आने पर वह यहां से चले गए थे। लगता है कि हमलावरों को इसकी जानकारी थी। अगर पिता यहां ठहरे होते तो उनकी जान जा सकती थी। हमलावर कौन थे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह यहां वैसे ही डराने आए थे या किसी राजनीतिक पार्टी ने हमला करवाया है, इसकी जांच मतदान से पहले होनी चाहिए।
दीवार फांदकर घुसते ही किया हमला
दफ्तर के मुलाजिम गौरव ने बताया कि वह सो रहे थे तभी उन्होंने आवाज सुनी तो लाइट जलाकर पूछा कि कौन है तो तभी हमलावरों ने रिवाल्वर के बट से उस पर हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गया और घबराकर भागने लगा तो उन्होंने उसे नीचे गिरा दिया और उसको जमकर पीटा। वह किसी तरह भागकर बाहर सिक्योरिटी स्टाफ को मिला। उन्होंने उसके साथ दफ्तर में आकर देखा तो तब तक हमलावर दीवार फांदकर भाग चुके थे।
चढूनी के दफ्तर के मुलाजिम को चोटें आई है। उसकी जांच के बाद मेडिकल की रिपोर्ट आ गई है। पीड़ित के बयान पर इस मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा रही है। तीनों हमलावर कौन हैं, इसकी गहराई से पड़ताल की जाएगी और आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। -कुलजीत सिंह, एसएचओ सोहाना थाना।