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मोहाली : दो गनमैन के साथ नकली पुलिस इंस्पेक्टर ने ठगे 20 लाख, तीनों शातिरों को दबोचा गया

Sun, 14 Mar 2021 03:55 PM IST
मोहाली ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब) Published by: मोहाली ब्‍यूरो Updated Sun, 14 Mar 2021 03:55 PM IST
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Fake Inspector arrested in Mohali Of Punjab
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

नकली इंस्पेक्टर बनकर लोगों को ठगने के आरोप में पुलिस ने एक शातिर को दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी राजिंदर सिंह बल निवासी नवांशहर बडाला, हरबंस सिंह निवासी रसनेहड़ी और भूपिंदर सिंह उर्फ पप्पू निवासी दतारपुर मोरिंडा है। तीनों पर थाना सिटी खरड़ में धोखाधड़ी समेत 10 धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

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मोहाली फेज-6 निवासी तेजिंदर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि बडाला रोड खरड़ पर उनकी टाइल्स की दुकान है। करीब चार महीने पहले राजिंदर सिंह उनकी दुकान पर आया और खुद को पंजाब पुलिस में स्पेशल सेल का इंस्पेक्टर बताया। उसके साथ दो गनमैन भी थे।
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राजिंदर उनकी दुकान से चार बार टाइल्स खरीदकर ले गया। इस बीच उसके साथ अच्छी जान पहचान हो गई। वह अक्सर मिलने आता रहता था। हमेशा पुलिस की वर्दी में होता था और फोन पर किसी से आपराधिक मामलों की जांच और छापा मारने की बातें करता रहता था।

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तेजिंदर ने बताया कि पिछले साल दिसंबर में राजिंदर सिंह दुकान पर आया। उसने कहा कि वह एक केस की जांच कर रहा है, जिसमें फंसे लोगों की जमीन संतेमाजरा में है। वह सस्ते दाम में जमीन हमें बेच सकते हैं। अगर हम जमीन को बुक करवा लेते हैं तो काफी मुनाफा हो सकता है।

राजिंदर ने बताया कि जमीन का बयाना 33 लाख रुपये में करना है। इसमें 13 लाख रुपये वह खुद डालेगा जबकि 20 लाख रुपये मुझे डालने होंगे। उसने मौके पर ले जाकर जमीन भी दिखाई। जमीन देखते ही मैं जमीन के सौदे के लिए तैयार हो गया।

20 लाख बयाना लिया, रजिस्ट्री नहीं करवाई
तेजिंदर ने बताया कि 29 दिसंबर को उक्त जमीन के मालिक जिंदर सिंह और रणधीर सिंह निवासी संतेमाजरा के साथ राजिंदर ने इकरारनामा करवाया। राजिंदर ने इस इकरारनामे पर अपना नाम नहीं लिखवाया। उसकी दलील थी कि वह सरकारी मुलाजिम है, ऐसे में वह इसका हिस्सा नहीं बनेगा।

मैंने उस पर भरोसा कर लिया और 20 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद बयाने का जाली इकरारनामा बनाकर उसे दे दिया, जिस पर राजिंदर ने अपने हस्ताक्षर भी किए। कुछ दिन बाद जब जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए मैंने राजिंदर को फोन किया तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब भी राजिंदर को फोन किया जाता तो कोई दूसरा व्यक्ति मोबाइल उठाता और कहता कि साहब किसी मामले की जांच में व्यस्त हैं। इसके बाद न तो जमीन की रजिस्ट्री करवाई और न 20 लाख रुपये ही वापस किए गए। परेशान होकर तेजिंदर ने पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस ने जांच के बाद तीनों शातिरों को धर दबोचा।

आरोपियों से पूछताछ चल रही है कि उन्होंने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। आरोपियों को पकड़ने में एसपी जांच हरमन सिंह और डीएसपी जांच गुरचरण सिंह की टीम का योगदान है। - सतिंदर सिंह, एसएसपी, मोहाली।

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