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Mohali News: शिमला के लिए वैकल्पिक रास्ता, पीजीआई से सीधे पहुंचेंगे पिंजौर
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नयागांव। शिवालिक की पहाड़ियों में बसे गांव टांडा-टांडी के पास स्थित पांच जगहों पर करीब 11 करोड़ से पटियाला की राव नदी पर जल्द पांच पुल बनने का काम शुरू होगा। इनके बनने से पिंजौर-शिमला को जाने के लिए नया वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इस रास्ते के बनने से शिमला से आने वाले लोग पिंजौर से इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस रास्ते का प्रयोग करने से उन्हें टोल से भी राहत मिलेगी। वहीं, मध्य मार्ग पर लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी।
इस समय गांव टांडा-टांडी, काने का बाड़ा, मसोल आदि गांवों के लोग ज्यादातर खरीदारी और इलाज के लिए हरियाणा के पिंजौर में आते-जाते हैं। ऐसा नहीं है कि इस रास्ते का प्रयोग केवल यही गांव वाले करते हैं हिमाचल और हरियाणा के लोग भी चंडीगढ़ आने के लिए इस रास्ते से आते जाते हैं क्योंकि इस रास्ते पर उन्हें यहां एक और कम ट्रैफिक से निजात मिलती है वहीं टोल भी नहीं देना पड़ता है लेकिन बरसाती मौसम में नदी में पानी आने से नयागांव से यह इलाका बिल्कुल कट जाता है। वहीं, हर साल नदी पार करते समय लोग अपनी जान गंवा देते हैं। अगर पुल बन जाए तो हादसे नहीं होंगे। वहीं, लोगों को वैकल्पिक रास्ता भी मिलेगा। संवाद
पुलों के साथ सड़क चौड़ी हो तो पीजीआई समय पर पहुंच सकेंगे गंभीर मरीजपीजीआई के साथ पटियाला की राव नदी के किनारे वाली सड़क काफी संकरी है। वहां पर पांच पुल बनने जा रहे हैं। अगर इस सड़क को पुलों के साथ ही चौड़ा कर दिया जाए तो पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा। इस सड़क के बनने से शिमला, कसौली, पिंजौर की ओर से इमरजेंसी में लाने वाले गंभीर रोगियों को इलाज के लिए पीजीआई पहुंचाने में आसानी होगी क्योंकि अभी ज्यादातर मरीजों को पिंजौर से पंचकूला होते हुए चंडीगढ़ के सारे ट्रैफिक से गुजरना पड़ता है। इस कारण कई बार जाम में एंबुलेंस फंस जाती है और मरीज की जान पर बन जाती है क्योंकि तब हर एक मिनट कीमती होता है। इस पीजीआई से पिंजौर बाया टांडा गांव से आने पर विचार किया जाए तो गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती सकती है।
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न्यू चंडीगढ़, खरड़-कुराली की ओर से कसौली-पिंजौर जाने वाले लोगों को भी मिलेगा लाभ अभी खरड़ की ओर से पिंजौर, परमाणु जाने वाले लोग चंड़ीगढ़ से पंचकूला होकर जाते हैं। इस कारण काफी समय लगता है। वहीं, चंडीगढ़ की सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ता है। इस सड़क के निर्माण होने पर इन स्थानों के लोग इस सड़क का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका फायदा पंजाब टूरिज्म को भी मिलेगा क्योंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार चंडीगढ़ के आसपास की शिवालिक की पहाड़ियों को टूरिज्म के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इन इलाकों में पड़ने वाले पर्यटक स्थल पुरातन जयंती माता मंदिर (जिसे कांगड़ा देवी का मंदिर भी कहा जाता है), जयंती डैम, पड़छ डैम आदि देखने वाले पर्यटकों को आसानी होगी।
इसी रोड से निकलते हैं मंत्रियों के बड़े-बड़े काफिले पटियाला की राव नदी के किनारे वाली रोड बहुत संकरा है। वहीं, नयागांव की शिवालिक पहाड़ियों में बड़े-बड़े फार्म हाउस और रिजॉर्ट है जिनमें नामी लोगों और मंत्रियों के बच्चों की शादियां होती हैं। इस इलाके में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर पूर्व एवं वर्तमान मुख्य मंत्रियों के काफिले सायरन बजाते शादी समारोह में शामिल होने अक्सर आते-जाते रहते हैं। इन काफिलों की वजह से स्थानीय निवासियों को इस सड़क पर चलने के लिए रोक दिया जाता है क्योंकि सड़क सिंगल लेन रोड होने की वजह से आवाजाही में मुश्किल आती है। ऐसे में अगर सरकार रोड चौड़ी करे तो स्थानीय निवासियों को भी रोज लगने वाले जाम से छुटकारा मिल सकेगा।
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इस समय गांव टांडा-टांडी, काने का बाड़ा, मसोल आदि गांवों के लोग ज्यादातर खरीदारी और इलाज के लिए हरियाणा के पिंजौर में आते-जाते हैं। ऐसा नहीं है कि इस रास्ते का प्रयोग केवल यही गांव वाले करते हैं हिमाचल और हरियाणा के लोग भी चंडीगढ़ आने के लिए इस रास्ते से आते जाते हैं क्योंकि इस रास्ते पर उन्हें यहां एक और कम ट्रैफिक से निजात मिलती है वहीं टोल भी नहीं देना पड़ता है लेकिन बरसाती मौसम में नदी में पानी आने से नयागांव से यह इलाका बिल्कुल कट जाता है। वहीं, हर साल नदी पार करते समय लोग अपनी जान गंवा देते हैं। अगर पुल बन जाए तो हादसे नहीं होंगे। वहीं, लोगों को वैकल्पिक रास्ता भी मिलेगा। संवाद
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पुलों के साथ सड़क चौड़ी हो तो पीजीआई समय पर पहुंच सकेंगे गंभीर मरीजपीजीआई के साथ पटियाला की राव नदी के किनारे वाली सड़क काफी संकरी है। वहां पर पांच पुल बनने जा रहे हैं। अगर इस सड़क को पुलों के साथ ही चौड़ा कर दिया जाए तो पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा। इस सड़क के बनने से शिमला, कसौली, पिंजौर की ओर से इमरजेंसी में लाने वाले गंभीर रोगियों को इलाज के लिए पीजीआई पहुंचाने में आसानी होगी क्योंकि अभी ज्यादातर मरीजों को पिंजौर से पंचकूला होते हुए चंडीगढ़ के सारे ट्रैफिक से गुजरना पड़ता है। इस कारण कई बार जाम में एंबुलेंस फंस जाती है और मरीज की जान पर बन जाती है क्योंकि तब हर एक मिनट कीमती होता है। इस पीजीआई से पिंजौर बाया टांडा गांव से आने पर विचार किया जाए तो गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती सकती है।
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न्यू चंडीगढ़, खरड़-कुराली की ओर से कसौली-पिंजौर जाने वाले लोगों को भी मिलेगा लाभ अभी खरड़ की ओर से पिंजौर, परमाणु जाने वाले लोग चंड़ीगढ़ से पंचकूला होकर जाते हैं। इस कारण काफी समय लगता है। वहीं, चंडीगढ़ की सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ता है। इस सड़क के निर्माण होने पर इन स्थानों के लोग इस सड़क का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका फायदा पंजाब टूरिज्म को भी मिलेगा क्योंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार चंडीगढ़ के आसपास की शिवालिक की पहाड़ियों को टूरिज्म के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इन इलाकों में पड़ने वाले पर्यटक स्थल पुरातन जयंती माता मंदिर (जिसे कांगड़ा देवी का मंदिर भी कहा जाता है), जयंती डैम, पड़छ डैम आदि देखने वाले पर्यटकों को आसानी होगी।
इसी रोड से निकलते हैं मंत्रियों के बड़े-बड़े काफिले पटियाला की राव नदी के किनारे वाली रोड बहुत संकरा है। वहीं, नयागांव की शिवालिक पहाड़ियों में बड़े-बड़े फार्म हाउस और रिजॉर्ट है जिनमें नामी लोगों और मंत्रियों के बच्चों की शादियां होती हैं। इस इलाके में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर पूर्व एवं वर्तमान मुख्य मंत्रियों के काफिले सायरन बजाते शादी समारोह में शामिल होने अक्सर आते-जाते रहते हैं। इन काफिलों की वजह से स्थानीय निवासियों को इस सड़क पर चलने के लिए रोक दिया जाता है क्योंकि सड़क सिंगल लेन रोड होने की वजह से आवाजाही में मुश्किल आती है। ऐसे में अगर सरकार रोड चौड़ी करे तो स्थानीय निवासियों को भी रोज लगने वाले जाम से छुटकारा मिल सकेगा।