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छह माह बाद हुई नयागांव काउंसिल की बैठक में सभी प्रस्ताव खारिज
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नयागांव। नगर काउंसिल नयागांव के चुनाव होने के छह महीने के बाद बुधवार को नगर काउंसिल की दूसरी बैठक हुई। लेकिन इसमें नतीजा कुछ नहीं निकल पाया। इस दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ और विपक्षी दलों (कांग्रेस और भाजपा) के पार्षदों की दलील थी पहली मीटिंग में पास हुए विकास कार्य तो शुरू नहीं हो पाए हैं। ऐसे में इस तरह मीटिंग का दिखावा आखिर क्यों किया जा रहा है। विपक्षी दलों के पार्षदों के विरोध के बीच बीस प्रस्तावों वाले एजेंडे को खारिज कर दिया गया। नगर काउंसिल के ईओ वरिंदर जैन ने कहा कि पक्ष एवं विपक्ष के पार्षदों से बात करके दोबारा हाउस की मीटिंग बुलाई जाएगी। इलाके के अधूरे पड़े विकास कार्यों के लिए मीटिंग में प्रस्ताव पास होना जरूरी है। जिसके लिए आगे प्रयास किए जाएंगे।
इस मौके पर विपक्ष की तरफ से प्रधान पर पिछले कार्यों को पूरा करने का दबाव बनाया गया। हंगामे के बीच विपक्षी पार्षदों की ओर से पहले एजेंडे में लाए गए सभी प्रस्तावों को रद्द करने का एलान कर दिया। जिस पर पार्षदों ने हाथ उठाकर वोट किया और उपस्थित 19 पार्षदों में से 12 पार्षदों ने प्रस्ताव रद्द करने के पक्ष में वोट किया।
नयागांव को नहीं मिलेगा सीएम के एलान का फायदा
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा शहरी क्षेत्रों में पानी के बकाया बिलों को माफ करने का एलान किया था। जिस पर कार्यवाही करते हुए स्थानीय निकाय विभाग की ओर से पानी के बिल माफ करने संबंधी आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन नयागांव का इलाका शहरी होने के बावजूद भी यहां पर पानी की सप्लाई वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग द्वारा की जाती है। इस कारण स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश लागू नहीं होते हैं। जिस पर वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग ने पत्र के जरिए नगर काउंसिल को पानी की सप्लाई अपने अधीन लेने के लिए लिखा था। जिस पर बुधवार को हुई नगर काउंसिल की बैठक में एक प्रस्ताव भी लाया गया था, लेकिन हंगामे के कारण सभी प्रस्ताव रद्द कर दिए गए। अगर यह प्रस्ताव नगर काउंसिल की बैठक मे मंजूर होता तो, इलाके के लोगों का लगभग 8.33 करोड़ पानी का बकाया बिल माफ हो सकता था।
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अभी नहीं शुरू हुए विकास कार्य
नगर काउंसिल में अकाली दल का कब्जा है। इलाके के विकास को लेकर अकाली दल द्वारा राजनीति की जा रही है। पिछली मीटिंग में जो प्रस्ताव पास किए गए थे, उनका भी काम अब तक शुरू नहीं करवाया गया है । - प्रमोद कुमार, भाजपा पार्षद।
हंगामे से इलाके का नुकसान
काउंसिल की बैठक में विपक्ष के हंगामे के कारण इलाके का नुकसान हुआ है। इलाके के विकास के लिए प्रस्ताव लाए गए थे। लेकिन विपक्ष ने हंगामा करके सभी प्रस्ताव रद्द करवा दिए। 21.52 करोड़ रुपये की लागत से करीब 170 विकास कार्य करवाए जाने थे। -बलविंदर कौर प्रधान नगर काउंसिल नयागांव।
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इस मौके पर विपक्ष की तरफ से प्रधान पर पिछले कार्यों को पूरा करने का दबाव बनाया गया। हंगामे के बीच विपक्षी पार्षदों की ओर से पहले एजेंडे में लाए गए सभी प्रस्तावों को रद्द करने का एलान कर दिया। जिस पर पार्षदों ने हाथ उठाकर वोट किया और उपस्थित 19 पार्षदों में से 12 पार्षदों ने प्रस्ताव रद्द करने के पक्ष में वोट किया।
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नयागांव को नहीं मिलेगा सीएम के एलान का फायदा
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा शहरी क्षेत्रों में पानी के बकाया बिलों को माफ करने का एलान किया था। जिस पर कार्यवाही करते हुए स्थानीय निकाय विभाग की ओर से पानी के बिल माफ करने संबंधी आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन नयागांव का इलाका शहरी होने के बावजूद भी यहां पर पानी की सप्लाई वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग द्वारा की जाती है। इस कारण स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश लागू नहीं होते हैं। जिस पर वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग ने पत्र के जरिए नगर काउंसिल को पानी की सप्लाई अपने अधीन लेने के लिए लिखा था। जिस पर बुधवार को हुई नगर काउंसिल की बैठक में एक प्रस्ताव भी लाया गया था, लेकिन हंगामे के कारण सभी प्रस्ताव रद्द कर दिए गए। अगर यह प्रस्ताव नगर काउंसिल की बैठक मे मंजूर होता तो, इलाके के लोगों का लगभग 8.33 करोड़ पानी का बकाया बिल माफ हो सकता था।
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अभी नहीं शुरू हुए विकास कार्य
नगर काउंसिल में अकाली दल का कब्जा है। इलाके के विकास को लेकर अकाली दल द्वारा राजनीति की जा रही है। पिछली मीटिंग में जो प्रस्ताव पास किए गए थे, उनका भी काम अब तक शुरू नहीं करवाया गया है । - प्रमोद कुमार, भाजपा पार्षद।
हंगामे से इलाके का नुकसान
काउंसिल की बैठक में विपक्ष के हंगामे के कारण इलाके का नुकसान हुआ है। इलाके के विकास के लिए प्रस्ताव लाए गए थे। लेकिन विपक्ष ने हंगामा करके सभी प्रस्ताव रद्द करवा दिए। 21.52 करोड़ रुपये की लागत से करीब 170 विकास कार्य करवाए जाने थे। -बलविंदर कौर प्रधान नगर काउंसिल नयागांव।