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Mohali News: एम्स मोहाली को नहीं मिला ठिकाना, सेक्टर-81 में अब तक खड़ी है सिर्फ चहारदीवारी
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मोहाली। एम्स मोहाली को फेज-6 के जिला अस्पताल से निकालकर अपने स्थायी परिसर में स्थानांतरित करने की घोषणा को तीन साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक सेक्टर-81 स्थित प्रस्तावित स्थल पर निर्माण कार्य की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। जमीन की चहारदीवारी बनने के बाद साइट जस की तस पड़ी है। लोगों में यह संशय गहराता जा रहा है कि क्या वाकई एम्स का स्थायी भवन कभी यहां बन पाएगा। 2019 में एम्स मोहाली की स्थापना हुई थी। तब से यह संस्थान फेज-6 स्थित जिला अस्पताल की इमारत में अस्थायी रूप से संचालित हो रही है। यहां मेडिकल कॉलेज, आईसीयू, ओपीडी और हॉस्टल सहित कई जरूरी सुविधाओं की कमी है। 2022 में सरकार ने इसे सेक्टर-81 में स्थानांतरित करने का फैसला लिया और जुझार नगर पंचायत की ओर से 40 एकड़ ज़मीन उपलब्ध कराई गई।
डॉ. भारती के अनुसार, स्थायी परिसर में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, स्टाफ रेजिडेंशियल ब्लॉक, हॉस्टल्स और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही परिसर में प्रस्तावित हैं। लेकिन अभी तक टेंडर प्रक्रिया की कोई आधिकारिक समय सीमा नहीं तय की गई है। संवाद
पहले सेक्टर-66 में रखा गया था प्रस्ताव
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज के लिए पहले सैक्टर-66 में जिला अस्पताल की नई इमारत बनाने का प्रस्ताव था। तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 2021 में यहां आधारशिला भी रखी थी। लेकिन सरकार बदलने के बाद वह योजना रद्द कर दी गई और एम्स को सैक्टर-81 में बसाने का फैसला लिया गया।हालांकि, जब ग्राउंड पर जाकर स्थिति देखी जाती है, तो सच्चाई कुछ और बयां करती है। तीन साल में सिर्फ चारदीवारी का काम हुआ है और न ही कोई निर्माण सामग्री पहुंची है, न ही काम शुरू होने के संकेत हैं।
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छात्रावास, आईसीयू और स्टाफ क्वार्टर की भारी कमी
फिलहाल फेज-6 में चल रहे एम्स मोहाली को आईसीयू, स्टाफ क्वार्टर, वार्ड और छात्रावास जैसी जरूरी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों और मेडिकल स्टाफ को पढ़ाई और काम के लिए उपयुक्त माहौल नहीं मिल पा रहा है। ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की समस्याएं भी इस स्थान को असुविधाजनक बनाती हैं।
लोगों में घट रहा भरोसा
सरकार की बार-बार बदलती योजनाओं और निर्माण की धीमी रफ्तार के चलते अब लोगों में मेडिकल कॉलेज के भविष्य को लेकर संशय पैदा हो रहा है। सेक्टर-81 में तीन साल से किसी तरह की निर्माण गतिविधि शुरू न होने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह स्थान भी पिछली योजनाओं की तरह अधूरा ही रह जाएगा?
सेक्टर-81 में मेडिकल कॉलेज के लिए प्लॉट अलॉट हो चुका है। संबंधित इमारतों की ड्राइंग्स पूरी हो चुकी हैं। अब आगे टेंडर की चर्चा चल रही है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। - डॉ. भवनीत भारती, निदेशक, एम्स मोहाली
सेक्टर-81 की जगह शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से ज्यादा उपयुक्त है। फेज-6 में ट्रैफिक, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं थीं। इसलिए लोकेशन बदली गई। सारी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि एक-दो महीने में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - कुलवंत सिंह, विधायक, मोहाली
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डॉ. भारती के अनुसार, स्थायी परिसर में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, स्टाफ रेजिडेंशियल ब्लॉक, हॉस्टल्स और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही परिसर में प्रस्तावित हैं। लेकिन अभी तक टेंडर प्रक्रिया की कोई आधिकारिक समय सीमा नहीं तय की गई है। संवाद
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पहले सेक्टर-66 में रखा गया था प्रस्ताव
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज के लिए पहले सैक्टर-66 में जिला अस्पताल की नई इमारत बनाने का प्रस्ताव था। तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 2021 में यहां आधारशिला भी रखी थी। लेकिन सरकार बदलने के बाद वह योजना रद्द कर दी गई और एम्स को सैक्टर-81 में बसाने का फैसला लिया गया।हालांकि, जब ग्राउंड पर जाकर स्थिति देखी जाती है, तो सच्चाई कुछ और बयां करती है। तीन साल में सिर्फ चारदीवारी का काम हुआ है और न ही कोई निर्माण सामग्री पहुंची है, न ही काम शुरू होने के संकेत हैं।
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छात्रावास, आईसीयू और स्टाफ क्वार्टर की भारी कमी
फिलहाल फेज-6 में चल रहे एम्स मोहाली को आईसीयू, स्टाफ क्वार्टर, वार्ड और छात्रावास जैसी जरूरी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों और मेडिकल स्टाफ को पढ़ाई और काम के लिए उपयुक्त माहौल नहीं मिल पा रहा है। ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की समस्याएं भी इस स्थान को असुविधाजनक बनाती हैं।
लोगों में घट रहा भरोसा
सरकार की बार-बार बदलती योजनाओं और निर्माण की धीमी रफ्तार के चलते अब लोगों में मेडिकल कॉलेज के भविष्य को लेकर संशय पैदा हो रहा है। सेक्टर-81 में तीन साल से किसी तरह की निर्माण गतिविधि शुरू न होने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह स्थान भी पिछली योजनाओं की तरह अधूरा ही रह जाएगा?
सेक्टर-81 में मेडिकल कॉलेज के लिए प्लॉट अलॉट हो चुका है। संबंधित इमारतों की ड्राइंग्स पूरी हो चुकी हैं। अब आगे टेंडर की चर्चा चल रही है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। - डॉ. भवनीत भारती, निदेशक, एम्स मोहाली
सेक्टर-81 की जगह शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से ज्यादा उपयुक्त है। फेज-6 में ट्रैफिक, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं थीं। इसलिए लोकेशन बदली गई। सारी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि एक-दो महीने में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - कुलवंत सिंह, विधायक, मोहाली