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मोहाली में कोरोना का टीका लगवाने के बाद नहीं मिल रहा ऑनलाइन सर्टिफिकेट, लोग चक्कर लगाकर हो रहे परेशान
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मोहाली। कोरोना टीकाकरण की मुहिम जिले में जोरशोर से चल रही है। इसमें हिस्सा लेकर लोग रोजाना कोरोना का टीका लगवा रहे हैं। लेकिन इसके बाद लोगों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है और लोगों को अस्पताल के चक्कर लगाने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट एक ऐसा दस्तावेज है, जो आने वाले दिनों में लोगों के लिए अहम साबित हो सकता है। अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के अलावा कई कार्यालयों में इसकी जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में लोग ऑनलाइन सर्टिफिकेट न मिलने से परेशान होकर अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा है। लोग टीकाकरण के लिए आगे भी आ रहे हैं। बहुत से सेहत कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर्स और बुजुर्ग वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन सर्टिफिकेट न मिलने से बहुत से लोग परेशान हैं। बात दें कि टीकाकरण होने के बाद मोबाइल फोन पर एक मैसेज आता है। जिसमें दिए लिंक को ओपन करने पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट खुल जाता है। जिसे डाउनलोड किया जा सकता है। पिछले दो-तीन दिन से मैसेज नहीं आने और ऑनलाइन सर्टिफिकेट ओपन नहीं होने की शिकायत लोग कर रहे हैं। मोहाली के ही रहने वाले जसबीर सिंह बताते हैं कि उन्होंने तीन दिन पहले वैक्सीन की डोज लगवाई थी। बताया गया था कि फोन पर लिंक मिलेगा, जिसे ओपन कर सर्टिफिकेट डाउनलोड किया जा सकेगा। अभी तक वैक्सीनेशन का न तो मैसेज ही आया और न ही कोई लिंक भेजा गया। जसबीर सिंह ने सर्टिफिकेट के लिए अस्पताल में संपर्क किया तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
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कुछ ऐसा ही अमित कुमार के साथ भी हुआ। अमित ने दो दिन पहले वैक्सीन की दूसरी डोज ली थी। अमित बताते हैं कि पहली डोज लेने के बाद उनके फोन पर मैसेज आया था। जिसमें वैक्सीन की पूरी जानकारी के साथ एक लिंक दिया गया था। जिस पर क्लिक कर उन्हें वैक्सीन की पहली डोज का सर्टिफिकेट मिल गया था। अब दो दिन पहले उन्होंने दूसरी डोज ली। जिसके बाद उनके फोन पर अभी तक कोई मैसेज नहीं आया। इस बारे में अस्पताल में संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं दिया गया।
ऐसे से बहुत से लोग हैं जिन्हें वैक्सीनेशन के बाद ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं मिला। ये लोग अब अस्पताल से संपर्क कर रहे हैं, जहां से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। इस बारे में मोहाली की सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर का कहना है कि वैक्सीनेशन के दौरान व्यक्ति का आधार नंबर व फोन नंबर दर्ज किए जाते हैं। जिन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता हैै। बाकी की प्रक्रिया ऑनलाइन है। उन्होंने कहा कि संभव है किन्हीं तकनीकी कारणों के चलते कुछ लोगों को सर्टिफिकेट मिलने में परेशानी हुई हो, लेकिन वैक्सीनेशन का ऑनलाइन डाटा दर्ज होने के बाद सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
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वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट एक ऐसा दस्तावेज है, जो आने वाले दिनों में लोगों के लिए अहम साबित हो सकता है। अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के अलावा कई कार्यालयों में इसकी जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में लोग ऑनलाइन सर्टिफिकेट न मिलने से परेशान होकर अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।
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कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा है। लोग टीकाकरण के लिए आगे भी आ रहे हैं। बहुत से सेहत कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर्स और बुजुर्ग वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन सर्टिफिकेट न मिलने से बहुत से लोग परेशान हैं। बात दें कि टीकाकरण होने के बाद मोबाइल फोन पर एक मैसेज आता है। जिसमें दिए लिंक को ओपन करने पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट खुल जाता है। जिसे डाउनलोड किया जा सकता है। पिछले दो-तीन दिन से मैसेज नहीं आने और ऑनलाइन सर्टिफिकेट ओपन नहीं होने की शिकायत लोग कर रहे हैं। मोहाली के ही रहने वाले जसबीर सिंह बताते हैं कि उन्होंने तीन दिन पहले वैक्सीन की डोज लगवाई थी। बताया गया था कि फोन पर लिंक मिलेगा, जिसे ओपन कर सर्टिफिकेट डाउनलोड किया जा सकेगा। अभी तक वैक्सीनेशन का न तो मैसेज ही आया और न ही कोई लिंक भेजा गया। जसबीर सिंह ने सर्टिफिकेट के लिए अस्पताल में संपर्क किया तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
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कुछ ऐसा ही अमित कुमार के साथ भी हुआ। अमित ने दो दिन पहले वैक्सीन की दूसरी डोज ली थी। अमित बताते हैं कि पहली डोज लेने के बाद उनके फोन पर मैसेज आया था। जिसमें वैक्सीन की पूरी जानकारी के साथ एक लिंक दिया गया था। जिस पर क्लिक कर उन्हें वैक्सीन की पहली डोज का सर्टिफिकेट मिल गया था। अब दो दिन पहले उन्होंने दूसरी डोज ली। जिसके बाद उनके फोन पर अभी तक कोई मैसेज नहीं आया। इस बारे में अस्पताल में संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं दिया गया।
ऐसे से बहुत से लोग हैं जिन्हें वैक्सीनेशन के बाद ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं मिला। ये लोग अब अस्पताल से संपर्क कर रहे हैं, जहां से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। इस बारे में मोहाली की सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर का कहना है कि वैक्सीनेशन के दौरान व्यक्ति का आधार नंबर व फोन नंबर दर्ज किए जाते हैं। जिन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता हैै। बाकी की प्रक्रिया ऑनलाइन है। उन्होंने कहा कि संभव है किन्हीं तकनीकी कारणों के चलते कुछ लोगों को सर्टिफिकेट मिलने में परेशानी हुई हो, लेकिन वैक्सीनेशन का ऑनलाइन डाटा दर्ज होने के बाद सर्टिफिकेट मिल जाएगा।