फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   पैसेंजर सर्विस कमेटी के चेयरमैन के आदेश को किया दरकिनार, रियलिटी चेक में स्वच्छता कहीं दिखी नहीं

पैसेंजर सर्विस कमेटी के चेयरमैन के आदेश को किया दरकिनार, रियलिटी चेक में स्वच्छता कहीं दिखी नहीं

Thu, 07 Feb 2019 06:56 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Thu, 07 Feb 2019 06:56 PM IST
विज्ञापन
पैसेंजर सर्विस कमेटी के चेयरमैन के आदेश को किया दरकिनार, रियलिटी चेक में स्वच्छता कहीं दिखी नहीं
- पैसेंजर सर्विस कमेटी के चेयरमैन के आदेश को किया दरकिनार
विज्ञापन

- रियलिटी चेक में स्वच्छता कहीं दिखी नहीं

दीपक शाही
जीरकपुर। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था को लेकर पैसेंजर सर्विस कमेटी के चेयरमैन ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। वहीं सफाई व्यवस्था में बरती गई लापरवाही को लेकर सीएचआई चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर को सस्पेंड भी कर दिया गया है, बावजूद इसके बुधवार को अमर उजाला की टीम ने रेलवे स्टेशन परिसर का रियलिटी चेक किया तो सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखा। जैसे पहले हालात थे, पैसेंजर सर्विस कमेटी के चेयरमैन के जाने के 21 दिन बाद भी वैसे ही हालात हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो चेयरमैन के आदेशों को दरकिनार कर दिया गया है। बता दें कि 16 जनवरी को रेलवे पैसेंजर कमेटी के चेयरमैन रमेश चंद्र रत्न कमेटी के सदस्यों के साथ दौरा करने आए थे, उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त नाराजगी जताई थी। स्थानीय स्टेशन डायरेक्टर को जमकर फटकार भी लगाई। लेकिन सफाई में सुधार की बात करें तो न तो स्टेशन परिसर में सफाई है और न ही स्टेशन के बाहर।

दिव्यांगों को दर्जा नहीं, सुविधाएं चाहिए
विकलांगों को अब दिव्यांग कहा जाने लगा है, लेकिन इस सम्मानजनक संबोधन से उनकी समस्याओं में कोई कमी नहीं आई है। अधिकतर सार्वजनिक जगहों पर उनके लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव है। जैसे चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन। यहां आम लोगों की तरह दिव्यांग भी टिकट के लिए लाइन में लगते हैं। उनके लिए अलग रिजर्वेशन काउंटर तो हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते टिकट काउंटर्स पर व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दिव्यांगों के लिए बनाए गए, शौचालय से इतनी बदबू आती है, कि आप वहां पांच मिनट खड़े नहीं हो सकते। इसकी सफाई की जिम्मेदारी हेल्थ इंस्पेक्टर और स्टेशन डायरेक्टर के पास है, इतने फटकार के बाद भी यहां के स्थानीय अधिकारी सबक नहीं ले पाए।
विज्ञापन


बेबी केयर सेंटर में पर्दे तक नहीं लगे
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर वन पर क्लास वन प्रतीक्षालय में एक बेबी केयर सेंटर बनाया गया। ताकि स्टेशन पर आने वाली महिलाएं अपने नवजात बच्चों दूध पिला सके। लेकिन इनमें पर्दे तक नहीं लगे। खिड़की का शीशा ऐसा लगा है कि बाहर से अंदर का नजारा सीधा दिखता है। वहीं स्लीपर क्लास के लिए बनाए गए प्रतीक्षालय के शौचालय में कही भी नहीं लिखा कि कौन लेडीज और जेंड्स शौचालय है। यहां कमेेटी के चेयरमैन ने तत्काल नेम प्लेट लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन स्थिति जस की तस है। इसके अलावा क्लास वन श्रेणी के प्रतीक्षालय के शौचालय के बाहर महिला का सिंबल युक्त नेम प्लेट लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। कहने को तो रेलवे स्टेशन एवन श्रेणी में आता है, लेकिन यहां यात्रियों को सुविधाएं दोयम दर्जे की मिलती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुर्सियों पर कबूतर के बीट
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार और पांच पर यात्रियों के बैठने के लिए लगा बेंच कबूतर की बीट से भरा पड़ा है। वहां बैठना तो दूर गंदगी इतनी है, कि आप एक मिनट खड़े नहीं हो सकते। ये सच्चाई तस्वीरें बयां कर रही हैं। इसके अलावा प्लेटफार्मों पर बनाए गए कई वॉश बेसिन टूटे हुए हैं तो कहीं गंदा पड़ा है।


जहां सीटीयू की बसें वहां गंदगी ही गंदगी
रेलवे स्टेशन पर जहां सीटीयू की बसें खड़ी होती हैं, वहां चारों तरफ गंदगी का ढेर लगा हुआ है। देख ऐसा लगता है कि यहां महीनों पहले यहां की साफ सफाई हुई होगी। तेज हवा चलने पर अक्सर वहां स्थित बस क्यू सेल्टर में बस की प्रतीक्षा में खड़े यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्वच्छता को लेकर इतनी मुहिम चलाई गई, लेकिन स्टेशन परिसर में स्वच्छता है ही नहीं। इसके अलावा यहां कई मेन होले खुले पड़े हैं, जिसके चलते कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed