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Mohali News: हाईकोर्ट, पीजीआई में नौकरी के नाम पर 45 लाख की ठगी
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मोहाली। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और पीजीआई सहित अन्य सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। मोहाली पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि आरोपी ने सत्रह से उन्नीस बेरोजगार युवाओं से 45 लाख रुपये ऐंठे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहाली के आदेश पर थाना सोहाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ताओं हरीश शर्मा और राजेश शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी।
उनके रिश्तेदार पंकज शर्मा ने नौकरी दिलाने का दावा किया था। पंकज शर्मा ने हाईकोर्ट के एक जज से करीबी संबंध होने की बात कही। उसने सेवादार, एमटीएस, क्लर्क और ड्राइवर जैसी नौकरियों का झांसा दिया। एक नौकरी के लिए साढ़े तीन लाख रुपये मांगे गए थे।
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शिकायतकर्ताओं ने आरोपी के बैंक खातों में कुल तीन लाख रुपये ट्रांसफर किए। आरोपी ने अन्य युवाओं को भी नौकरी दिलाने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, किसी को भी नौकरी नहीं मिली और पैसे भी वापस नहीं किए गए।
जांच के दौरान आरोपी की पत्नी अनु शर्मा ने किसी भी लेन-देन से इन्कार किया। उसने बताया कि संयुक्त बैंक खाता उसका पति ही संचालित करता था। मुख्य आरोपी पंकज शर्मा जांच में शामिल नहीं हुआ।
पुलिस जांच में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप सही पाए गए। पुलिस उपाधीक्षक सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक बलबीर सिंह को जांच सौंपी गई है।
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आरोप है कि आरोपी ने सत्रह से उन्नीस बेरोजगार युवाओं से 45 लाख रुपये ऐंठे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहाली के आदेश पर थाना सोहाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ताओं हरीश शर्मा और राजेश शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी।
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उनके रिश्तेदार पंकज शर्मा ने नौकरी दिलाने का दावा किया था। पंकज शर्मा ने हाईकोर्ट के एक जज से करीबी संबंध होने की बात कही। उसने सेवादार, एमटीएस, क्लर्क और ड्राइवर जैसी नौकरियों का झांसा दिया। एक नौकरी के लिए साढ़े तीन लाख रुपये मांगे गए थे।
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शिकायतकर्ताओं ने आरोपी के बैंक खातों में कुल तीन लाख रुपये ट्रांसफर किए। आरोपी ने अन्य युवाओं को भी नौकरी दिलाने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, किसी को भी नौकरी नहीं मिली और पैसे भी वापस नहीं किए गए।
जांच के दौरान आरोपी की पत्नी अनु शर्मा ने किसी भी लेन-देन से इन्कार किया। उसने बताया कि संयुक्त बैंक खाता उसका पति ही संचालित करता था। मुख्य आरोपी पंकज शर्मा जांच में शामिल नहीं हुआ।
पुलिस जांच में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप सही पाए गए। पुलिस उपाधीक्षक सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक बलबीर सिंह को जांच सौंपी गई है।