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शहर की सफाई का ठेका होगा रद

Wed, 06 Feb 2019 12:32 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Wed, 06 Feb 2019 12:32 AM IST
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शहर की सफाई का ठेका होगा रद
- निकाय विभाग के आदेश पर नगर निगम जुटा तैयारी में
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- कंपनी को भेजा गया नोटिस, बाद में होगी अगली कार्रवाई
- मंहगे रेटों पर सफाई होने की कहीं है बात, अधिकारी खामोश

अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। अकाली सरकार के समय में मशीनों से शहर की सफाई के लिए शुरू किए गए अहम प्रोजेक्ट पर निकाय विभाग की नजर लग गई है। विभाग को लगता है कि मशीनों से मंहगे रेटों पर सफाई हो रही है। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में सफाई का ठेका कैंसिल किया जाना चाहिए, जिसके बाद विभाग के आदेश पर नगर निगम की तरफ से कंपनी को नोटिस भेज दिया है। साथ ही सफाई का ठेका कैंसिल करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि अधिकारी इस मामले में बोलने से बच रहे हैं। जब इस प्रोजेक्ट को देख रहे असिस्टेंट कमिश्नर सरबजीत सिंह ने संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि इस बारे में इंजीनियर शाखा के अधिकारियों को पता है। प्रोजेक्ट उनके द्वारा देखा जा रहा है। जबकि इंजीनियर शाखा के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया।
जानकारी के मुताबिक गत अकाली सरकार के समय में यह अहम प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। उस समय दावा किया गया था कि शहर की सड़कों की सफाई जहां मशीनों से हुआ करेगी। वहीं, विभिन्न एरिया में कंपनी के मुलाजिम मैनुअल काम भी करेंगे। इसके अलावा सड़कों व फुटपाथों की धुलाई आदि भी होनी थी, लेकिन शुरू से ही प्रोजेक्ट पर सवाल उठना शुरू हो गए थे। क्योंकि पहले उचित तरीके से सफाई नहीं हो रही थी। दूसरी तरफ मौजूदा विधायक व कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने भी इस पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि नियमों को ताक में रखकर ठेका दिया गया है। इससे नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ पता चला है कि कंपनी को पहले नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कंपनी के पास अगस्त 2020 तक सफाई का ठेका है।
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विजिलेंस द्वारा भी की थी गई प्रोजेक्ट की जांच
जानकारी के मुताबिक जब शहर की सफाई का ठेका उक्त कंपनी को दिया गया था। उस समय ही इसका विरोध हो गया था। कई लोगों ने इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी थी। लोगों ने दलील रखी थी कि जब शहर की सफाई मैनुअल होती थी तो उस पर करीब दस करोड़ खर्च आता था। जबकि कंपनी को अधिक पैसे पर ठेका दिया गया। जो नियमों के खिलाफ है। ऐसे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद विजिलेंस द्वारा भी इसकी जांच की गई था।
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तेरह दिन में ठेका कैंसिल करने की कहीं थी बात
जब आजाद ग्रुप की अगुवाई कर कांग्रेस के सहयोग से कुलवंत सिंह नगर निगम के मेयर बने तो उस समय मेयर का पद संभालते ही दावा किया था कि सफाई का ठेका संभाल रही कंपनी के काम की जांच की जाएगी। अगर काम संतोषजनक नहीं रहा तो उसे कैंसिल कर दिया जाएगा। हालांकि यह बात बीच में ही रह गई थी। इसके बाद मेयर ने फिर से अकाली दल ज्वाइन कर लिया था।


कंपनी के काम पर कई बार उठ चुके है सवाल
शहर में प्राइवेट कंपनी को दिए गए सफाई के ठेके का कई बार विरोध हो चुका है। पहले तो आरोप लगते रहे है कि कंपनी ने नियमों के मुताबिक मुलाजिम तक नहीं रखे हुए हैं। यह मुद्दा हाउस की मीटिंग में कई बार उठा चुका है। इसके अलावा मार्केटों की सफाई का काम कई बार ठप हुआ है। क्योंकि काम संभालने वाली कंपनी ने पहले उचित तरीके से बीट तक नहीं बनाई थी। इसके चलते यह समस्या आ रही थी। इसके बाद सफाई की बीट बनाई गई थी।


अकाली सरकार का दूसरा प्रोजेक्ट होंगा कैंसिल
इससे पहले निकाय विभाग ने नगर निगम द्वारा विदेश से मंगवाई गई प्रूनिंग मशीन के खिलाफ विजिलेंस जांच की थी। साथ ही कहा था कि उचित मशीन ऊंचे रेटों पर खरीदी गई है। इससे सरकारी खजाने का नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद यह मशीन सड़क पर उतर तक नहीं पाई थी। वहीं, अब सफाई ठेके की बारी आई है।
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