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किसानों के विरोध के बाद इको सिटी का नंबरिंग ड्रॉ कैंसिल
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:37 AM IST
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किसानों के दो गुट भिड़े, गमाडा ने रद्द किया इको सिटी का नंबरिंग ड्रॉ
सेक्टर-70 स्थित कम्युनिटी सेंटर में गमाडा द्वारा निकाला जा रहा था कॉमर्शियल प्लॉटों का ड्रॉ
पहला मौका है जब गमाडा द्वारा ड्रॉ स्थगित किया गया, जल्दी ही जारी होगी ड्रॉ की नई डेट
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को इको सिटी के जमीन मालिकों को दी जाने वाली कॉमर्शियल साइटों का नंबरिंग ड्रॉ स्थगित करना पड़ गया। इस दौरान किसानों के दो गुट आपस में भिड़ गए। एक गुट का कहना था कि जिन लोगों को एक से अधिक बूथ दिए जाने हैं, उन्हें एक साथ ही प्लॉट दी जाए। जबकि दूसरे गुट का कहना था कि गमाडा जिस तरह ड्रॉ निकाल रहा है, वह ठीक है। लोगों को जल्द से जल्द बूथ अलॉट किए जाएं। स्थिति तनावपूर्ण होता देख गमाडा ने ड्रॉ को स्थगित कर दिया। यह गमाडा के रिकॉर्ड में पहला मौका था, जब किसी ड्रॉ को एन मौके पर स्थगित किया गया हो। गमाडा द्वारा जल्द ही ड्रॉ की नई तिथि घोषित की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा द्वारा करीब सात पहले एक्वायर की गई जमीन के बदले किसानों को दी जाने वाली कॉमर्शियल साइ़टस का शुक्रवार को सेक्टर-70 स्थित कम्युनिटी सेंटर में नंबरिंग ड्रॉ निकालने का फैसला लिया गया था। गमाडा केे अधिकारी और किसान तय समय पर वहां पहुंच गए थे। जब गमाडा ने ड्रॉ की प्रक्रिया शुरू की, किसानों के दो गुट खड़े होकर अपनी बात रखने लगे। इको सिटी किसान संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष एमएल गुप्ता, महासचिव अजीत सिंह, धन्ना सिंह ने मांग रखी कि जिस किसान के एक से अधिक कामर्शियल प्लॉट मिलने हैं। उन्हें एक ही जगह पर इकट्ठा कर कर प्लॉट दिए जाएं। हालांकि गमाडा का तर्क था कि प्लॉट तो सबको मिलने हैं, क्योंकि प्लॉटों की संख्या ज्यादा है। प्लॉट 400 सौ है। जबकि लाभार्थी 380 हैं। यह कंफर्म है कि सबको प्लॉट मिलेंगे, ऐसे में विरोध क्यों किया जा रहा है। इसी बीच दूसरे गुट का कहना था कि प्लॉटो का ड्रॉ निकाला जाए, जहां भी उन्हें साइट्स मिलेगी। वह अडजस्ट कर लेंगे। इसके बाद दो किसान आपस में भिड़ गए। माहौल पूरी तरह से गरमा गया। इसके बाद गमाडा ने नंबरिंग ड्रॉ कैंसिल कर दिया। गमाडा की एस्टेट अफसर पूजा सियाल ने कहा यह मामला जल्द ही सुलझा लिया जाए। जल्द ड्रॉ की अगली तारीख रखी जाएगी।
नई पॉलिसी के तहत यह नहीं हो सकता
गमाडा के अधिकारियों का कहना था कि कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा कॉमर्शियल प्लॉटों को क्लब करने का मामला उठाया गया है। उस संबंध में किसी भी किसान ने व्यक्तिगत तौर पर कभी कोई आवेदन नहीं दिया। गमाडा की लैंड पूलिंग स्कीम संबंधी जिस पॉलिसी की बात किसानों द्वारा की जा रही है, वह वर्ष 2013 की थी।
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कनाडा से आए लाली जौहल, बोले ड्रॉ होना चाहिए
एनआरआई लाली जौहल ने कहा कि वह कनाडा में रहते हैं। चंडीगढ़ में उनकी रिहायश है। उन्होंने कहा कि सात साल से वह अपने प्लॉटों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द उन्हें प्लॉट अलॉट किए जाएं। ताकि दोबारा परेशानी न उठानी पड़े।
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सेक्टर-70 स्थित कम्युनिटी सेंटर में गमाडा द्वारा निकाला जा रहा था कॉमर्शियल प्लॉटों का ड्रॉ
पहला मौका है जब गमाडा द्वारा ड्रॉ स्थगित किया गया, जल्दी ही जारी होगी ड्रॉ की नई डेट
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को इको सिटी के जमीन मालिकों को दी जाने वाली कॉमर्शियल साइटों का नंबरिंग ड्रॉ स्थगित करना पड़ गया। इस दौरान किसानों के दो गुट आपस में भिड़ गए। एक गुट का कहना था कि जिन लोगों को एक से अधिक बूथ दिए जाने हैं, उन्हें एक साथ ही प्लॉट दी जाए। जबकि दूसरे गुट का कहना था कि गमाडा जिस तरह ड्रॉ निकाल रहा है, वह ठीक है। लोगों को जल्द से जल्द बूथ अलॉट किए जाएं। स्थिति तनावपूर्ण होता देख गमाडा ने ड्रॉ को स्थगित कर दिया। यह गमाडा के रिकॉर्ड में पहला मौका था, जब किसी ड्रॉ को एन मौके पर स्थगित किया गया हो। गमाडा द्वारा जल्द ही ड्रॉ की नई तिथि घोषित की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा द्वारा करीब सात पहले एक्वायर की गई जमीन के बदले किसानों को दी जाने वाली कॉमर्शियल साइ़टस का शुक्रवार को सेक्टर-70 स्थित कम्युनिटी सेंटर में नंबरिंग ड्रॉ निकालने का फैसला लिया गया था। गमाडा केे अधिकारी और किसान तय समय पर वहां पहुंच गए थे। जब गमाडा ने ड्रॉ की प्रक्रिया शुरू की, किसानों के दो गुट खड़े होकर अपनी बात रखने लगे। इको सिटी किसान संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष एमएल गुप्ता, महासचिव अजीत सिंह, धन्ना सिंह ने मांग रखी कि जिस किसान के एक से अधिक कामर्शियल प्लॉट मिलने हैं। उन्हें एक ही जगह पर इकट्ठा कर कर प्लॉट दिए जाएं। हालांकि गमाडा का तर्क था कि प्लॉट तो सबको मिलने हैं, क्योंकि प्लॉटों की संख्या ज्यादा है। प्लॉट 400 सौ है। जबकि लाभार्थी 380 हैं। यह कंफर्म है कि सबको प्लॉट मिलेंगे, ऐसे में विरोध क्यों किया जा रहा है। इसी बीच दूसरे गुट का कहना था कि प्लॉटो का ड्रॉ निकाला जाए, जहां भी उन्हें साइट्स मिलेगी। वह अडजस्ट कर लेंगे। इसके बाद दो किसान आपस में भिड़ गए। माहौल पूरी तरह से गरमा गया। इसके बाद गमाडा ने नंबरिंग ड्रॉ कैंसिल कर दिया। गमाडा की एस्टेट अफसर पूजा सियाल ने कहा यह मामला जल्द ही सुलझा लिया जाए। जल्द ड्रॉ की अगली तारीख रखी जाएगी।
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नई पॉलिसी के तहत यह नहीं हो सकता
गमाडा के अधिकारियों का कहना था कि कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा कॉमर्शियल प्लॉटों को क्लब करने का मामला उठाया गया है। उस संबंध में किसी भी किसान ने व्यक्तिगत तौर पर कभी कोई आवेदन नहीं दिया। गमाडा की लैंड पूलिंग स्कीम संबंधी जिस पॉलिसी की बात किसानों द्वारा की जा रही है, वह वर्ष 2013 की थी।
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कनाडा से आए लाली जौहल, बोले ड्रॉ होना चाहिए
एनआरआई लाली जौहल ने कहा कि वह कनाडा में रहते हैं। चंडीगढ़ में उनकी रिहायश है। उन्होंने कहा कि सात साल से वह अपने प्लॉटों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द उन्हें प्लॉट अलॉट किए जाएं। ताकि दोबारा परेशानी न उठानी पड़े।