{"_id":"5d1910b58ebc3e3cd516aa5f","slug":"156192374420-mohali-news187","type":"story","status":"publish","title_hn":"दमकल विभाग पर लापरवाही का आरोप, काउंसलर ने कमिश्नर को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दमकल विभाग पर लापरवाही का आरोप, काउंसलर ने कमिश्नर को लिखा पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। सेक्टर-70 की कोठी नंबर 237 में शनिवार को लगी आग के बाद फायर ब्रिगेड न पहुंचने पर काउंसलर कुलजीत सिंह बेदी ने इसे बड़ी लापरवाही बताया है। बेदी ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले दमकल विभाग के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र की कापी डायरेक्टर लोकल बॉडिज डिपार्टमेंट पंजाब को भी भेजी है।
बेदी ने कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा कि 29 जून को सुबह करीब साढ़े तीन बजे सेक्टर-70 की कोठी नंबर 237 में अचानक आग लग गई थी। आग लगने की पूरी जानकारी दमकल विभाग को फोन पर दे दी थी। विभाग के रजिस्टर में भी आग लगने की यह सूचना दर्ज है। हैरानी की बात है कि इसके बावजूद फायर ब्रिगेड वहां आग बुझाने के लिए पहुंची ही नहीं और मकान मालिक परमजीत सिंह रंधावा के घर का पूरा समान जलकर राख हो गया।
मीडिया की रिपोर्टों का हवाला देते हुए बेदी ने कहा कि फायर ब्रिगेड कर्मचारियों द्वारा कोठी को ढूंढे बिना ही वापस चले जाना शर्मनाक है। हैरानी की बात है कि सेक्टर-70 में कर्मचारियों को कोठी नंबर बताने पर भी वो ढूंढ नहीं सके। सुबह जब आग लगी उस समय शहर की सड़कें पूरी तरह खाली होती हैं, लिहाजा फायर ब्रिगेड को जल्दी घटनास्थल तक पहुंचना चाहिए था। दमकल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की यह लापरवाही बर्दाश्त करने लायक नहीं है। आग लगने से घर में कोई जानी नुकसान भी हो सकता था। यदि फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच जाती तो घर का काफी सामान जलने से बच सकता था। उन्होंने कहा कि घर में आग से जो भी नुकसान हुआ है, उसके लिए दमकल विभाग मोहाली सीधे तौर पर जिम्मेदार है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले फायर ब्रिगेड के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड की इस लापरवाही के मुद्दे को वह नगर निगम की आने वाली हाउस की मीटिंग में भी उठाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेदी ने कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा कि 29 जून को सुबह करीब साढ़े तीन बजे सेक्टर-70 की कोठी नंबर 237 में अचानक आग लग गई थी। आग लगने की पूरी जानकारी दमकल विभाग को फोन पर दे दी थी। विभाग के रजिस्टर में भी आग लगने की यह सूचना दर्ज है। हैरानी की बात है कि इसके बावजूद फायर ब्रिगेड वहां आग बुझाने के लिए पहुंची ही नहीं और मकान मालिक परमजीत सिंह रंधावा के घर का पूरा समान जलकर राख हो गया।
विज्ञापन
मीडिया की रिपोर्टों का हवाला देते हुए बेदी ने कहा कि फायर ब्रिगेड कर्मचारियों द्वारा कोठी को ढूंढे बिना ही वापस चले जाना शर्मनाक है। हैरानी की बात है कि सेक्टर-70 में कर्मचारियों को कोठी नंबर बताने पर भी वो ढूंढ नहीं सके। सुबह जब आग लगी उस समय शहर की सड़कें पूरी तरह खाली होती हैं, लिहाजा फायर ब्रिगेड को जल्दी घटनास्थल तक पहुंचना चाहिए था। दमकल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की यह लापरवाही बर्दाश्त करने लायक नहीं है। आग लगने से घर में कोई जानी नुकसान भी हो सकता था। यदि फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच जाती तो घर का काफी सामान जलने से बच सकता था। उन्होंने कहा कि घर में आग से जो भी नुकसान हुआ है, उसके लिए दमकल विभाग मोहाली सीधे तौर पर जिम्मेदार है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले फायर ब्रिगेड के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड की इस लापरवाही के मुद्दे को वह नगर निगम की आने वाली हाउस की मीटिंग में भी उठाएंगे।
विज्ञापन