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विद्यार्थियों को किताबों के लिए नहीं आएगी दिक्कत
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अब विद्यार्थियों को किताबों के लिए नहीं आएगी दिक्कत
- बोर्ड के पांच डिपुओं पर दोबारा शुरू होगी किताबों की बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपने पांच क्षेत्रीय दफ्तरों पर साल 2019-20 से दोबारा पुस्तकों की बिक्री शुरू करने का फैसला लिया है। इससे जहां बोर्ड की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, वहीं विद्यार्थियों को उनके इलाकों में किताबें मिल पाएंगी। इसमें जिला संगरूर, लुधियाना, गुरदासपुर, फतेहगढ़ साहिब और मुक्तसर साहिब के हेडक्वार्टर शामिल हैं।
बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक दो साल पहले पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कुल 21 डिपो कार्य कर रहे थे, लेकिन जब सरकार से बोर्ड को आर्थिक राशि नहीं मिली, इसके बाद 11 दफ्तरों को बंद कर दिया गया। इस फैसले से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। साथ ही बोर्ड की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हुई थी। अब तक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का अमृतसर, बठिंडा, होशियारपुर, जालंधर, मोगा, मोहाली, पठानकोट, रूपनगर के शहीद भगत सिंह नगर व अपने दस क्षेत्रीय दफ्तरों व डिपुओं के सहारे काम चल रहा है। बोर्ड के इस फैसले के बाद भी अभी तक तरनतारन, अबोहर, कपूरथला, फिरोजपुर, फरीदकोट व मानसा के छह दफ्तरों के डिपुओं का भविष्य साफ नहीं है, क्योंकि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को सरकार से उचित राशि नहीं मिल रही है जिसके चलते यह स्थिति बनी हुई है।
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- बोर्ड के पांच डिपुओं पर दोबारा शुरू होगी किताबों की बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपने पांच क्षेत्रीय दफ्तरों पर साल 2019-20 से दोबारा पुस्तकों की बिक्री शुरू करने का फैसला लिया है। इससे जहां बोर्ड की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, वहीं विद्यार्थियों को उनके इलाकों में किताबें मिल पाएंगी। इसमें जिला संगरूर, लुधियाना, गुरदासपुर, फतेहगढ़ साहिब और मुक्तसर साहिब के हेडक्वार्टर शामिल हैं।
बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक दो साल पहले पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कुल 21 डिपो कार्य कर रहे थे, लेकिन जब सरकार से बोर्ड को आर्थिक राशि नहीं मिली, इसके बाद 11 दफ्तरों को बंद कर दिया गया। इस फैसले से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। साथ ही बोर्ड की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हुई थी। अब तक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का अमृतसर, बठिंडा, होशियारपुर, जालंधर, मोगा, मोहाली, पठानकोट, रूपनगर के शहीद भगत सिंह नगर व अपने दस क्षेत्रीय दफ्तरों व डिपुओं के सहारे काम चल रहा है। बोर्ड के इस फैसले के बाद भी अभी तक तरनतारन, अबोहर, कपूरथला, फिरोजपुर, फरीदकोट व मानसा के छह दफ्तरों के डिपुओं का भविष्य साफ नहीं है, क्योंकि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को सरकार से उचित राशि नहीं मिल रही है जिसके चलते यह स्थिति बनी हुई है।
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