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आरटीआई मांगकर पूछा ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की

Tue, 05 Feb 2019 02:06 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Tue, 05 Feb 2019 02:06 AM IST
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आरटीआई मांगकर पूछा ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की
आरटीआई लगाकर पूछा ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की
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- प्रबंधकीय कांप्लेक्स में ठेकेदार द्वारा पार्किंग के नाम पर की जा रही वसूली का मामला
- रोजाना प्रबंधकीय कांप्लेक्स में आने वाले लोग हो रहे परेशान, मामला सीएम के संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सेक्टर-76 स्थित जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में ठेकेदार द्वारा लोगों से पार्किंग के लिए वसूले जा रहे मनमाने दाम के मामले में शिकायतकर्ता काफी आहत हैं। ठेकेदार के खिलाफ डीसी से सीएम तक को शिकायत करने वाले फेज-3बी1 मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जतिंदर पाल सिंह उर्फ जेपी ने अब डीसी से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी है। उन्होंने आरटीआई लगाकर पूछा है कि बताया जाए कि अब तक उनके पास ठेकेदार के खिलाफ कितनी शिकायतें आई हैं और उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गई। जेपी पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह इस तरह लोगों से लूट नहीं होने देंगे। जरूरत पड़ने पर अदालत की शरण लेने से पीछे नहीं हटेंगे।
प्रबंधकीय कांप्लेक्स का ठेका डीसी ऑफिस की तरफ से एक प्राइवेट ठेकेदार का दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक यह ठेका लगभग 24 लाख का है। दूसरी तरफ जब से नया ठेकेदार आया है वह लोगों से मनमाने रेट वसूल रहा है। एक तरफ जहां चार पहिया वाहनों के बीस रुपये वसूलता है तो दोपहिया वाहनों के दस रुपये चार्जेस किए जाते हैं जबकि डीसी की तरफ से प्रबंधकीय कांप्लेक्स के गेटों पर जो बोर्ड लगाए गए हैं उसमें दोपहिया वाहन के पांच और चार पहिया वाहन के दस रुपये रेट तय हैं। ठेकेदार ने पहले उक्त रेटों को अखबार फिर नए फ्लेक्स बोर्ड लगाकर कवर कर दिया था। मामला सीएम तक होने के बाद भी यह लूट रुक नहीं रही है।
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पार्षद समेत कई लोगों से हो चुका विवाद
पार्किंग ठेकेदार के कारिंदों का आम लोगों से पर्ची के रेटों को लेकर भिड़ना तो आम है। इससे पहले भाजपा पार्षद अशोक झा से भी पर्ची को लेकर विवाद हो चुका है। उन्होंने इस संबंध में तहसीलदार ऑफिस में शिकायत की थी। हालांकि नियमों के मुताबिक पार्षद और पंच सरपंचों की पार्किंग फीस वसूली तक नहीं जा सकती है। दूसरी तरफ कुछ समय पहले उक्त ठेकेदार के कारिंदे एसडीएम दफ्तर के मुलाजिम से भिड़ गए थे। मुलाजिम की पगड़ी तक उतर गई थी। पीड़ित ने सोहाना थाने की पुलिस को शिकायत दी थी जिसके बाद कारिंदों को पुलिस उठाकर ले गई थी। बाद में उन्हें रिहा किया था।
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मजबूरी में लोग सड़कों पर खड़े करते हैं वाहन
पार्किंग को लेकर होने वाले झगड़ों और विवाद से बचने के लिए अब लोग प्रबंधकीय कांप्लेक्स के बाहर से गुरजने वाली सड़क पर ही वाहन खड़े कर निकल जाते हैं।
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