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गंदगी से बिजली ओर तेल बनाने का प्रोजेक्ट मंजूर
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कूड़े से बिजली और तेल बनाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी
305 करोड़ की लागत से गांव समगौली में लगेगा प्रोजेक्ट, जनवरी के पहले हफ्ते में प्राइवेट कंपनी को अलाट होगा काम
पीपीपी मोड़ पर 25 साल के लिए कंपनी करेगी काम
अमित शर्मा
मोहाली। नगर निगम ने मोहाली जिला व पटियाला के विभिन्न इलाकों के घरों से निकलने वाले कूड़े से बिजली व तेल बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है, जिसके लिए गांव समगौली में पचास एकड़ इंटीग्रेटेड सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट पर करीब 305 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके बाद अब इसे बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है, जिसके पहले चरण में नगर निगम ने प्राइवेट कंपनियों से आवेदन मांगे है। यह काम पीपीपी मोड़ पर होना है। अगर सब कुछ सही रहा तो जनवरी 2019 तक प्रोजेक्ट को बनाने की दिशा में काम शुरू हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने हरियाणा मॉडल व गमाडा व पटियाला कलस्टर के लिए म्यूनिसिपल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का फैसला लिया है। इसे प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए सरकार ने आईएलएंडएफएस अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर को कसल्टेंट नियुक्त किया है। समगौली में प्रोजेक्ट के लिए पहले ही जमीन एक्वायर की जा चुकी है, जिसके लिए अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एक रुपये के रेट से जमीन दी जाएगी लीज पर
इस प्रोजेक्ट में जो कंपनी चुनी जाएगी। वह 25 साल के लिए नगर निगम के साथ काम करेगी। उस कंपनी को नगर निगम द्वारा प्रोजेक्ट लगाने के लिए एक रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन लीज पर दी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई चलेगी।
ऐसे प्रोजेक्ट मेें होगा काम
जानकारी के मुताबिक प्रोजेक्ट में गमाडा की 15 व पटियाला की 22 नगर काउंसिल कमेटियां शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट सरकार ने 2011 में हुई जनगणना को आधार रखकर तैयार किया है। प्रोजेक्ट में जहां मोहाली नगर निगम प्रमुख इकाई होगी। वहीं, प्रोजेक्ट में शामिल अन्य इकाइयों से होने वाले भुगतान में दिक्कत न आए, इसके लिए निगम द्वारा एस्करों का एकाउंट खुलेगा, जिसमें काउंसिलों को जारी होने वाली ग्रांट से पहले इस प्रोजेक्ट पर आने वाला खर्च नगर निगम मोहाली में मिल जाएगा।
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दूधर में प्लांट लगाकर तैयार होगा फ्यूल
पटियाला साइड के कूड़े से आरडीएफ फ्यूल तैयार किया जाएगा। इसके लिए दूधर में एक प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट 19 एकड़ जमीन में स्थापित होगा। इस दौरान जो फ्यूल तैयार होगा, वह समगौली में चलने वाले प्लांट के लिए प्रयोग किया जाएगा।
बिजली पावरकॉम को बेचेंगे
इस प्रोजेक्ट के तहत जो बिजली पैदा होगी। उसे प्लांट चलाने वाली कंपनी पावरकॉम को बेचकर अपने खर्च निकालेगी। इसके अलावा उत्पादन अधिक होता है, तो उसमें नगर निगम मोहाली को हिस्सा मिलेगा।
दो घंटे में कूड़ा नहीं उठेगा तो लगेगी पेनल्टी
इस प्रोजेक्ट के लागू होने से शहर की सफाई में सुधार होगा। स्वच्छता रैकिंग भी सुधरेगी। इस मौके कंसलटेंट कंपनी ने बताया कि उक्त सिस्टम के लागू होने के बाद एक बनाई जाएगी। लोग जहां भी गंदगी देखेंगे, उसकी फोटो खींचकर एक एप बनाई जाएगी। लोग जहां भी गंदगी देखेंगे उसकी फोटो खींचकर एप पर भेजेंगे। दो घंटे मेें उक्त एरिया में सफाई होगी। ऐसा नहीं होता तो कंपनी प्रबंधन पर जुर्माना लगेगा। यह प्रस्ताव मोहाली नगर निगम की मीटिंग में पहले ही पारित किया जा चुका है।
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305 करोड़ की लागत से गांव समगौली में लगेगा प्रोजेक्ट, जनवरी के पहले हफ्ते में प्राइवेट कंपनी को अलाट होगा काम
पीपीपी मोड़ पर 25 साल के लिए कंपनी करेगी काम
अमित शर्मा
मोहाली। नगर निगम ने मोहाली जिला व पटियाला के विभिन्न इलाकों के घरों से निकलने वाले कूड़े से बिजली व तेल बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है, जिसके लिए गांव समगौली में पचास एकड़ इंटीग्रेटेड सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट पर करीब 305 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके बाद अब इसे बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है, जिसके पहले चरण में नगर निगम ने प्राइवेट कंपनियों से आवेदन मांगे है। यह काम पीपीपी मोड़ पर होना है। अगर सब कुछ सही रहा तो जनवरी 2019 तक प्रोजेक्ट को बनाने की दिशा में काम शुरू हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने हरियाणा मॉडल व गमाडा व पटियाला कलस्टर के लिए म्यूनिसिपल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का फैसला लिया है। इसे प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए सरकार ने आईएलएंडएफएस अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर को कसल्टेंट नियुक्त किया है। समगौली में प्रोजेक्ट के लिए पहले ही जमीन एक्वायर की जा चुकी है, जिसके लिए अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एक रुपये के रेट से जमीन दी जाएगी लीज पर
इस प्रोजेक्ट में जो कंपनी चुनी जाएगी। वह 25 साल के लिए नगर निगम के साथ काम करेगी। उस कंपनी को नगर निगम द्वारा प्रोजेक्ट लगाने के लिए एक रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन लीज पर दी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई चलेगी।
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ऐसे प्रोजेक्ट मेें होगा काम
जानकारी के मुताबिक प्रोजेक्ट में गमाडा की 15 व पटियाला की 22 नगर काउंसिल कमेटियां शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट सरकार ने 2011 में हुई जनगणना को आधार रखकर तैयार किया है। प्रोजेक्ट में जहां मोहाली नगर निगम प्रमुख इकाई होगी। वहीं, प्रोजेक्ट में शामिल अन्य इकाइयों से होने वाले भुगतान में दिक्कत न आए, इसके लिए निगम द्वारा एस्करों का एकाउंट खुलेगा, जिसमें काउंसिलों को जारी होने वाली ग्रांट से पहले इस प्रोजेक्ट पर आने वाला खर्च नगर निगम मोहाली में मिल जाएगा।
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दूधर में प्लांट लगाकर तैयार होगा फ्यूल
पटियाला साइड के कूड़े से आरडीएफ फ्यूल तैयार किया जाएगा। इसके लिए दूधर में एक प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट 19 एकड़ जमीन में स्थापित होगा। इस दौरान जो फ्यूल तैयार होगा, वह समगौली में चलने वाले प्लांट के लिए प्रयोग किया जाएगा।
बिजली पावरकॉम को बेचेंगे
इस प्रोजेक्ट के तहत जो बिजली पैदा होगी। उसे प्लांट चलाने वाली कंपनी पावरकॉम को बेचकर अपने खर्च निकालेगी। इसके अलावा उत्पादन अधिक होता है, तो उसमें नगर निगम मोहाली को हिस्सा मिलेगा।
दो घंटे में कूड़ा नहीं उठेगा तो लगेगी पेनल्टी
इस प्रोजेक्ट के लागू होने से शहर की सफाई में सुधार होगा। स्वच्छता रैकिंग भी सुधरेगी। इस मौके कंसलटेंट कंपनी ने बताया कि उक्त सिस्टम के लागू होने के बाद एक बनाई जाएगी। लोग जहां भी गंदगी देखेंगे, उसकी फोटो खींचकर एक एप बनाई जाएगी। लोग जहां भी गंदगी देखेंगे उसकी फोटो खींचकर एप पर भेजेंगे। दो घंटे मेें उक्त एरिया में सफाई होगी। ऐसा नहीं होता तो कंपनी प्रबंधन पर जुर्माना लगेगा। यह प्रस्ताव मोहाली नगर निगम की मीटिंग में पहले ही पारित किया जा चुका है।