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12 एकड़ की परमिशन, खनन माफिया ने खोद डाली 70 एकड़ जमीन

Tue, 19 Nov 2019 02:12 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2019 02:12 AM IST
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12 acres permission granted, mining mafia dig 70 acres
जीरकपुर। गांव रामपुर और छत गांव से निकलने वाली घग्गर नदी से खनन माफिया ने करीब 70 एकड़ जमीन खोदकर करोड़ों रुपये का रेत निकाल लिया है, लेकिन पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बात पूरी तरह हजम होने वाली नहीं है क्योंकि नंडियाली बनूड़ निवासी किसान नेता बलवंत सिंह नंडियाली ने एक साल पहले प्रशासन को इस खनन के संबंध में सूचित किया था। सूचना के एक साल बाद मोहाली के डीसी गिरीश दयालन के आदेश पर अवैध खनन करने वालों की गिरफ्तारी के लिए एसडीएम खरड़ हिमांशु जैन के नेतृत्व और डीएसपी डेराबसी गुरबख्शीश सिंह, डीएफओ गुरअमन प्रीत सिंह, एक्सईएन माइनिंग गुरप्रितपाल सिंह की मौजूदगी में माइनिंग विभाग और वन विभाग के अन्य अधिकारी जीरकपुर के गांव छत में पहुंचे पर इनके पहुंचने से पहले माइनिंग वाले मशीनों सहित वहां से फरार हो चुके थे। मौके पर एक खराब मशीन पुलिस और प्रशासन को मौके पर मिली है क्योंकि खनन माफिया मशीन खराब होने की वजह से उसे ले जा नहीं सका। इतनी बड़ी मशीनरी शिफ्ट करने में काफी वक्त लगता है, अब यहां से सिर्फ एक मशीन मिली है। इससे इस बात की संभावना भी है कि विभाग के कुछ लोग इनसे मिले हुए हैं।
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बता दें कि खनन माफिया की कारगुजारी को डेढ़ माह पहले अमर उजाला ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजा अब अवैध खनन की बात 70 एकड़ तक पहुंच गई है। इससे डैम को भी खतरा पैदा हो गया है। बता दें कि यह ईको सेंसटिव जोन है, यहां अवैध खनन करना तो दूर यहां से मिट्टी उठाना और हरे पेड़ों को नुकसान पहुंचाना भी अपराध की श्रेणी में माना जाता है। गांववालों का कहना है कि खनन पर प्रतिबंध कागजों तक सीमित है। इसी का नतीजा है कि प्रतिदिन यहां से बड़ी मात्रा में अवैध खनन कर राजस्व को चूना लगाया जा रहा है।
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चुनावी मुद्दा बनकर रह गया अवैध खनन का खेल
पंजाब में प्राकृतिक खनिज पदार्थों की अवैध रूप में हो रही माइनिंग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ऑफ इंडिया ने पाबंदी लगाई है, लेकिन राज्य में सत्ताधारी नेताओं की कथित शह पर अवैध खनन का खेल जारी है। अवैध खनन को पिछली सरकार के समय सारी पार्टियों ने चुनाव में मुद्दा बनाया था। मौजूदा कैप्टन सरकार ने 2017 में इसे मुद्दा बनाकर सरकार बनाई थी पर चुनाव जीतने के बाद यह मुद्दा सिर्फ चुनावी मुद्दा बनकर रह गया।
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प्रदेश सरकार ने नई खनन पॉलिसी भी नहीं बनाई
मौजूदा पंजाब सरकार ने कहा था कि नई खनन पॉलिसी बनाई जाएगी, परंतु अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार के इस ढीले रवैये के चलते जीरकपुर क्षेत्र में जायज अलॉट रामपुरा घाट की आड़ में घग्गर नदी के किनारे छतबीड़ जू के पीछे वन विभाग और ड्रेनेज विभाग की सैकड़ों एकड़ जमीन से माफिया ने करोड़ों की रेत और मिट्टी खोद करके सरकार को चूना लगा दिया है, जो रविवार की रात तक जारी था। इसके गवाही पोकलेन मशीनों के चेन और टिप्परों के टायरों के निशान दे रहे हैैं। विभाग की कार्रवाई के बाद छत गांव में रामपुरा घाट के नाम पर खोले अपने दफ्तर को भी खनन माफिया ने ताले जड़ दिए थे।
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