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शहर का यह भी एक बड़ा मुदा है जी
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:37 AM IST
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फेज-11 केे पार्षद ने नगर निगम को पत्र लिखकर उठाया मुद्दा
पत्र में लिखा है तीनों गेम्स के चलते पार्क में आने वाले बुजुर्ग व महिलाएं परेशान
हमेशा हादसे का बना रहता है डर, पुलिस को भी नजर रखने के लिए किया जाए तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। फेज-11 के नेबरहुड पार्क में सैर करने आने वाले बुजुर्गों व महिलाओं को इन दिनों पार्क में क्रिकेट, फुटबाल या बालीवॉल खेलने वाले युवाओं की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। क्योंकि कई बार तीन गेम्स में प्रयोग होने वाली बाल बुजुर्गों को लग जाती है। इससे उन्हें काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। इस मामले को लेकर पार्षद अमरीक सिंह तहसीलदार ने इस बारे में नगर निगम को पत्र लिखा है। साथ ही मांग की है कि उक्त गेमों के पार्क में खेलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि सुबह शाम वहां पर इस बात पर नजर रखने के लिए पुलिस मुलाजिम तैनात किए जाए।
पार्षद अमरीक सिंह तहसीलदार ने अपने पत्र में लिखा है कि पार्क लोगों के सैर करने व बच्चों के खेलने के लिए बनाया गया है, लेकिन पार्क में बड़ी उम्र के लड़के आए दिन क्रिकेट, फुटबाल व बालीवाल खेलते हैं। इन गेम्स की गेंदों की रफ्तार बहुत ज्यादा होती है। अक्सर इन गेंदों का शिकार पार्क में बैठे या सैर कर रहे बुजुर्ग या महिलाएं होती हैं। इस कारण कई बुजुर्ग तो घायल तक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पार्क में सैर करने वाले बुजुर्गों ने कई बार उक्त लड़कों को पार्क में क्रिकेट, बालीवॉल व फुटबाल खेलने से रोका है, लेकिन यह पार्क में खेलने से नहीं रुकते हैं। उन्होंने मांग की है कि इन लड़कों को पार्क में क्रिकेट, बालीवाल व फुटबाल खेलने पर रोक लगाई जाए। साथ ही वहां पर पुलिस मुलाजिम तैनात किए जाए।
जिक्रयोग है कि कुछ समय पहले पार्कों में बच्चों के खेलने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी एक प्रस्ताव भी लाया गया था, लेकिन उस समय प्रस्ताव का विरोध हुआ था। लोगों की दलील थी कि अगर पार्कों में बच्चे नहीं खेलेंगे तो कहां पर खेलेंगे। इसके चलते यह प्रस्ताव बीच में छोड़ दिया गया था। दूसरी तरफ गमाडा की तरफ से सभी पार्कों में बोर्ड लगाए हैं, जिनमें साफ किया गया है कि पार्कों में खेलना मना है। नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन अभी तक यह लागू नहीं हो पाया है।
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पत्र में लिखा है तीनों गेम्स के चलते पार्क में आने वाले बुजुर्ग व महिलाएं परेशान
हमेशा हादसे का बना रहता है डर, पुलिस को भी नजर रखने के लिए किया जाए तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। फेज-11 के नेबरहुड पार्क में सैर करने आने वाले बुजुर्गों व महिलाओं को इन दिनों पार्क में क्रिकेट, फुटबाल या बालीवॉल खेलने वाले युवाओं की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। क्योंकि कई बार तीन गेम्स में प्रयोग होने वाली बाल बुजुर्गों को लग जाती है। इससे उन्हें काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। इस मामले को लेकर पार्षद अमरीक सिंह तहसीलदार ने इस बारे में नगर निगम को पत्र लिखा है। साथ ही मांग की है कि उक्त गेमों के पार्क में खेलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि सुबह शाम वहां पर इस बात पर नजर रखने के लिए पुलिस मुलाजिम तैनात किए जाए।
पार्षद अमरीक सिंह तहसीलदार ने अपने पत्र में लिखा है कि पार्क लोगों के सैर करने व बच्चों के खेलने के लिए बनाया गया है, लेकिन पार्क में बड़ी उम्र के लड़के आए दिन क्रिकेट, फुटबाल व बालीवाल खेलते हैं। इन गेम्स की गेंदों की रफ्तार बहुत ज्यादा होती है। अक्सर इन गेंदों का शिकार पार्क में बैठे या सैर कर रहे बुजुर्ग या महिलाएं होती हैं। इस कारण कई बुजुर्ग तो घायल तक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पार्क में सैर करने वाले बुजुर्गों ने कई बार उक्त लड़कों को पार्क में क्रिकेट, बालीवॉल व फुटबाल खेलने से रोका है, लेकिन यह पार्क में खेलने से नहीं रुकते हैं। उन्होंने मांग की है कि इन लड़कों को पार्क में क्रिकेट, बालीवाल व फुटबाल खेलने पर रोक लगाई जाए। साथ ही वहां पर पुलिस मुलाजिम तैनात किए जाए।
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जिक्रयोग है कि कुछ समय पहले पार्कों में बच्चों के खेलने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी एक प्रस्ताव भी लाया गया था, लेकिन उस समय प्रस्ताव का विरोध हुआ था। लोगों की दलील थी कि अगर पार्कों में बच्चे नहीं खेलेंगे तो कहां पर खेलेंगे। इसके चलते यह प्रस्ताव बीच में छोड़ दिया गया था। दूसरी तरफ गमाडा की तरफ से सभी पार्कों में बोर्ड लगाए हैं, जिनमें साफ किया गया है कि पार्कों में खेलना मना है। नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन अभी तक यह लागू नहीं हो पाया है।
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