{"_id":"e55728a2f0f6f95491bb80de3e15bcc1","slug":"majithia-comment-navjot-sidhu","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजीठिया पर बयान से पहले खुद को परखें डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजीठिया पर बयान से पहले खुद को परखें डॉ. नवजोत कौर सिद्धू
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Mon, 19 May 2014 09:48 PM IST
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माझा क्षेत्र से शिरोमणि अकाली दल के विधायक खुल कर भाजपा की विधायक और संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ मैदान में आ गए हैं।
डॉ. सिद्धू ने कुछ दिन पहले अमृतसर से भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली की हार के लिए बिक्रम सिंह मजीठिया और अकाली दल की जन विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया था। अकाली विधायकों हरमीत सिंह संधू, मंजीत सिंह मन्ना, बलजीत सिंह जलाल उसमा और विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि मजीठिया पर उंगली उठाने से पहले डॉ. नवजोत कौर को अपने विधानसभा क्षेत्र में पड़े मतों का विश्लेषण कर लेना चाहिए था।
अकाली विधायकों ने एक संयुक्त बयान जारी करके कहा कि डॉ. सिद्धू को पहले यह देखना चाहिए था कि जेटली को उनके विधानसभा क्षेत्र अमृतसर पूर्वी से कितने वोट मिले हैं। जेटली डॉ. सिद्धू के क्षेत्र में से 32 हजार से अधिक वोटों से हारे हैं। अपने राजनीतिक गुुरु के चुनाव प्रचार अभियान में उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू भी नहीं पहुंचे। अकाली नेताओं ने कहा कि जिस मजीठिया पर डॉ. नवजोत ने उंगली उठाई है,
उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को लोकसभा चुनावों के दौरान दो बार मजीठा विधानसभा क्षेत्र से 16 और फिर 20 हजार वोटों की लीड दिलवाई है। इस बार मजीठा विधानसभा क्षेत्र से अरुण जेटली को 21 हजार वोटों की लीड दिलवाई गई है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिद्धू को अपना राजनीतिक गठबंधन धर्म निभाना चाहिए और मजीठिया के खिलाफ बोलने के जगह यह मामले अपनी पार्टी के अंदर उठाने चाहिए थे।
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डॉ. सिद्धू ने कुछ दिन पहले अमृतसर से भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली की हार के लिए बिक्रम सिंह मजीठिया और अकाली दल की जन विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया था। अकाली विधायकों हरमीत सिंह संधू, मंजीत सिंह मन्ना, बलजीत सिंह जलाल उसमा और विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि मजीठिया पर उंगली उठाने से पहले डॉ. नवजोत कौर को अपने विधानसभा क्षेत्र में पड़े मतों का विश्लेषण कर लेना चाहिए था।
अकाली विधायकों ने एक संयुक्त बयान जारी करके कहा कि डॉ. सिद्धू को पहले यह देखना चाहिए था कि जेटली को उनके विधानसभा क्षेत्र अमृतसर पूर्वी से कितने वोट मिले हैं। जेटली डॉ. सिद्धू के क्षेत्र में से 32 हजार से अधिक वोटों से हारे हैं। अपने राजनीतिक गुुरु के चुनाव प्रचार अभियान में उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू भी नहीं पहुंचे। अकाली नेताओं ने कहा कि जिस मजीठिया पर डॉ. नवजोत ने उंगली उठाई है,
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उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को लोकसभा चुनावों के दौरान दो बार मजीठा विधानसभा क्षेत्र से 16 और फिर 20 हजार वोटों की लीड दिलवाई है। इस बार मजीठा विधानसभा क्षेत्र से अरुण जेटली को 21 हजार वोटों की लीड दिलवाई गई है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिद्धू को अपना राजनीतिक गठबंधन धर्म निभाना चाहिए और मजीठिया के खिलाफ बोलने के जगह यह मामले अपनी पार्टी के अंदर उठाने चाहिए थे।
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