लुधियाना में दर्दनाक हादसा: होजरी कारोबारी के घर में बने गोदाम में लगी आग, दादी-पोते की दम घुटने से मौत
लुधियाना के होजरी कारोबारी भाइयों के घर के नीचे गोदाम बना हुआ है। कारोबारी रजत चोपड़ा ने मंदिर से लाैटकर गोदाम खोला तो आग की बदबू आई। वे कुछ कर पाते, इससे पहले ही आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। दम घुटने से उनकी माता और बेटे की माैत हो गई।
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लुधियाना के भारत नगर चौक के पास स्थित मोहल्ले में रहने वाले होजरी कारोबारी रजत चोपड़ा और राजन चोपड़ा के घर के नीचे बने गोदाम में बुधवार सुबह अचानक आग लग गई। पूरे एरिया में काले धुएं से लोग दहशत में आ गए।
आग इतनी ज्यादा फैल गई थी कि पहली मंजिल पर रजत चोपड़ा की माता सुधा रानी (70) की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि परिवार का बेटा गर्व (17) सेकेंड फ्लोर पर था, उसकी भी दम घुटने से मौत हो गई। आस-पास के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। लेकिन कोई कामयाब नहीं हो सका। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम माैके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आशंका है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है।
ग्राउंड फ्लोर पर ऊन के गोदाम में लगी आग
चोपड़ा इंडस्ट्री होजरी और निधि कलेक्शन के नाम से होजरी के मालिक रजत चोपड़ा और राजन चोपड़ा दो सगे भाई है। दोनों का परिवार इकट्ठा ही भारत नगर चौक के पास स्थित मोहल्ले में रहता है। घर के ग्राऊंड फ्लोर पर ऊन का गोदाम है, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता है। रोजाना सुबह रजत चोपड़ा मंदिर में माथा टेक कर वापस आते हैं और गोदाम खोल देते हैं। बुधवार की सुबह भी वह मंदिर होकर आए तो उन्होंने रुटीन की तरह गोदाम खोल दिया। जैसे ही गोदाम खोला तो आग की बदबू आई।
बाकी परिवार ने भागकर बचाई जान
इससे पहले की वे कुछ कर पाते, अचानक से आग ज्यादा फैल गई। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और परिवार को इकट्ठा किया। परिजनों ने नीचे आकर अपनी जान बचाई। लेकिन उनकी मां सुधा पहली मंजिल पर ही थी। वह उन्हें लेने जाने लगे तो आग के कारण ऊपर नहीं जा सके। लोगों ने उन्हें रोक लिया। उनका बेटा गर्व भी सेकेंड फ्लोर पर कमरे में सो रहा था। उसे भी नींद में कुछ पता नहीं चला। जब उसे पता चला, तब तक आग इतनी ज्यादा फैल चुकी थी कि उसने पूरे घर को घेर लिया था।
फायर ब्रिगेड की टीम आई तो कर्मचारियों ने हिम्मत जुटा कर पानी डाला और कुछ आग कम की। जिसके बाद कुछ कर्मचारी पहली मंजिल पर गए और उन्होंने सुधा रानी को नीचे उतारा। इसके बाद वह सेकेंड फ्लोर पर गए और दरवाजा तोड़ कर गर्व को नीचे लेकर आए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन दोनों की मौत हो चुकी थी। फायर ब्रिगेड के सभी स्टेशनों से गाड़ियां मंगवाई गई और बीस से 22 गाड़ियां पानी की डाली गई। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आशंका है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। बाकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सभी तथ्य सामने आएंगे।