सुखबीर बादल का चन्नी सरकार पर निशाना: तीन रुपये बिजली सस्ती करना महज चुनावी स्टंट, करना था तो पांच रुपये करते
चन्नी और सिद्धू की केदारनाथ यात्रा पर चुटकी लेते हुए सुखबीर ने कहा कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ बोलने से हटते नहीं हैं, इसलिए दोनों को केदारनाथ ले जाकर चुप रहने की शपथ दिलाई जाएगी। वहीं पंजाब विधानसभा के विशेष सेशन पर सुखबीर ने कहा कि हमने तो पहले कहा था कि तीन काले कानून को लेकर सरकार धोखा दे रही है। अब भी कुछ नहीं होगा। बीएसएफ को ज्यादा अधिकार देने पर तुरंत कैबिनेट की बैठक बुलाएं और पंजाब पुलिस को साफ निर्देश दिए जाएं कि वह अपनी सीमा में बीएसएफ को आने ही न दे।
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की तरफ से बिजली उपभोक्ताओं को तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली सस्ती देने के एलान के बाद विरोधी नेता तिलमिला चुके हैं। मंगलवार को लुधियाना पहुंचे शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने इस मुद्दे पर कहा कि बिजली तीन रुपये क्यों सस्ती की, इसे पांच रुपये कर देना था, लोगों को सीधे बिजली बिल से छुटकारा मिल जाता।
बीते साढ़े चार साल से खुद वित्तमंत्री से लेकर सीएम खजाना खाली होने की बात करते रहे, अब दो माह में खजाना कहां से भर गया। सुखबीर ने तीन रुपये बिजली यूनिट सस्ती करने के फैसले को चुनावी स्टंट करार देते पंजाब को बर्बादी की तरफ धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खुद कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्ध बोल रहे हैं कि ये घोषणाएं एक लॉलीपॉप की तरह हैं।
सुखबीर बादल ने कहा कि इस समय पंजाब सरकार को पावरकॉम का लगभग सात हजार करोड़ रुपये देना है, जबकि नई घोषणाएं के बाद पांच हजार करोड़ रुपये और बढ़ गया है। ऐसे में सीएम बताएं कि 12 हजार करोड़ रुपये कहा है। जीवीके के साथ एमओयू पर सुखबीर बादल ने कहा कि कैप्टन सरकार ने इसे साइन किया था। अगर इस कंपनी को हटाना है तो एग्रीमेंट के अनुसार लगभग उसे 17 सौ करोड़ रुपये देना होगा। अगर पंजाब सरकार के खजाने में इतना पैसा है तो शगुन स्कीम, मोबाइल फोन से लेकर अन्य घोषणाओं को क्यों नहीं पूरा करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के समय बनावाली थर्मल प्लांट और राजपुरा में थर्मल प्लांट लगाया गया था। इन दोनों प्लांट से लगभग 2.80 रुपये यूनिट बिजली तैयार हो रही है। सीएम चन्नी सभी इकरार रद्द कर देंगे उससे पहले पांच हजार मेगावाट बिजली का इंतजाम तो करें। क्या पंजाब की जनता को अंधेरे में रखने का इरादा है। बिना किसी प्लानिंग के इस तरह के फैसले पंजाब की जनता पर भारी पड़ेंगे।
वहीं पंजाब के मुलाजिमों को 11 फीसदी डीए की घोषणा पर सुखबीर बादल ने कहा कि इससे पहले चार साल का लगभग पांच हजार करोड़ रुपये बकाया पड़ा है। जो मुलाजिमों को मिला नहीं, अब घोषणाएं करने से क्या होगा। पहले मुलाजिमों को बकाया तो दे चन्नी सरकार।
37 साल पहले दिल्ली दंगों के मृतकों को श्रद्धांजलि
मंगलवार लुधियाना पहुंचे सुखबीर बादल ने एक बार फिर से 1984 में दिल्ली दंगों के तार छेड़ दिए। उन्होंने कहा कि 37 साल पहले आज के ही दिन गांधी परिवार के इशारे पर दिल्ली में सैकड़ों का कत्लेआम किया गया था। वह उन्हें अपने श्रद्धांजलि देते हैं। अफसोस है कि 37 साल बाद भी इंसाफ नहीं मिला है। पुलिस एक हत्या के आरोपी को चंद दिनों में काबू कर लेती है, 1984 में सैकड़ों का कत्ल हो गया लेकिन दोषी नहीं पकड़े।