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छह साल के बच्चे की मौत, परिवार ने डाक्टर पर गलत इलाज का लगाया आरोप
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लुधियाना। नूरवाला रोड स्थित बसंत विहार कालोनी में उस समय शुक्रवार की रात को हंगामा हो गया, जब एक छह साल के बच्चे की मौत हो गई और परिवार वालों ने डाक्टर पर इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया। इतना ही नहीं वह बच्चे को इलाज के लिए इधर-उधर लेकर घूमते रहे, लेकिन अस्पताल वाले भी रेफर करते रहे। इस दौरान पीजीआई ले जाते हुए बच्चे की मौत हो गई। जिसके बाद वह बच्चे के शव को वहीं ले आए, जहां बच्चे का इलाज शुरू हुआ था। सूचना के बाद थाना बस्ती जोधेवाल की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस जांच में जुटी है।
मृतक बच्चे गणेश पंडित (6) के पिता मंजीत पंडित ने बताया कि वह मूल रूप से गांव लदो जिला दरभंगा बिहार के हैं। 10 मई को करीब दोपहर दो बजे बेटे गणेश को लेकर क्लीनिक पर आए थे। बच्चे को बुखार था। डाक्टर ने खून का सैंपल लिया और शाम को बुलाया। जब शाम को बच्चे को लेकर आया तो डाक्टर ने बताया कि सेल कम हैं। उसे भर्ती कर लिया और ग्लूकोज की कई बोतलें कुछ घंटों में चढ़ा दीं। जिससे बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी।
डाक्टर ने किसी फार्म पर दस्तखत करवाकर उसे कहा कि बच्चे को राम चैरिटेबल अस्पताल ले जाएं। जहां उसकी हालत और भी गंभीर हो गई और उसे इलाज के लिए सीएमसी अस्पताल भेज दिया, लेकिन वहां से भी डाक्टरों ने बच्चे को पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में बच्चे की मौत हो गई। जिसके बाद रास्ते से वह जहां पहले दिन इलाज हुआ था, वहां आए। पिता मंजीत का कहना है कि बच्चे की मौत का जिम्मेदार डाक्टर है। मौके पर थाना बस्ती के एसएचओ डीएस देओल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
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मृतक बच्चे गणेश पंडित (6) के पिता मंजीत पंडित ने बताया कि वह मूल रूप से गांव लदो जिला दरभंगा बिहार के हैं। 10 मई को करीब दोपहर दो बजे बेटे गणेश को लेकर क्लीनिक पर आए थे। बच्चे को बुखार था। डाक्टर ने खून का सैंपल लिया और शाम को बुलाया। जब शाम को बच्चे को लेकर आया तो डाक्टर ने बताया कि सेल कम हैं। उसे भर्ती कर लिया और ग्लूकोज की कई बोतलें कुछ घंटों में चढ़ा दीं। जिससे बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी।
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डाक्टर ने किसी फार्म पर दस्तखत करवाकर उसे कहा कि बच्चे को राम चैरिटेबल अस्पताल ले जाएं। जहां उसकी हालत और भी गंभीर हो गई और उसे इलाज के लिए सीएमसी अस्पताल भेज दिया, लेकिन वहां से भी डाक्टरों ने बच्चे को पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में बच्चे की मौत हो गई। जिसके बाद रास्ते से वह जहां पहले दिन इलाज हुआ था, वहां आए। पिता मंजीत का कहना है कि बच्चे की मौत का जिम्मेदार डाक्टर है। मौके पर थाना बस्ती के एसएचओ डीएस देओल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
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