{"_id":"574484454f1c1b642c690a77","slug":"sarna-sant-dandarianwale-attack-in-ludhiana-sarna-in-ludhiana","type":"story","status":"publish","title_hn":"संत ढडरियांवाले पर हमले की सीबीआई करे जांच : सरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संत ढडरियांवाले पर हमले की सीबीआई करे जांच : सरना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 24 May 2016 10:12 PM IST
विज्ञापन
लुधियाना में पूर्व दिल्ली गुरुदवारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पत्रकारों को संबोधित करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के राष्ट्रीय प्रधान परमजीत सिंह सरना ने संत ढडरियांवाले पर हुए कातिलाना हमले की निंदा की है। साथ ही पुलिस की जांच पर अंगुली उठाते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए।
इस संबंध में पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करेगा। सरना ने कहा कि सिखी का प्रचार करने वालों पर हमले होना आश्चर्यजनक है। सरना मंगलवार को मॉडल टाउन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सरना ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। वे केंद्र से मांग करते हैं कि बादल सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
विज्ञापन
सरना ने कहा कि पिछले साल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, अप्रैल में माता चंद कौर की हत्या के गुनाहगारों तक सरकार पहुंच नहीं पाई है। संत ढडरियांवाले पर हमले के आठ आरोपी पकड़े गए हैं, लेकिन 32 अभी तक फरार हैं।
सरकार न ही इस साजिश के मास्टर माइंड का खुलासा कर रही है। इससे साफ है कि सरकार काफी कुछ छिपा रही है। सरना ने आरोप लगाया कि यह हमला सरकारी शह पर हुआ है, क्योंकि बादल सरकार ने एसजीपीसी समेत अधिकतर सिख संस्थाओं पर अपना कब्जा जमा रखा है। अब प्रचारकों की आवाज भी बंद करने की कोशिश की जा रही है।
सरना ने कहा कि दमदमी टकसाल के बयान पर बादल सरकार अपना रुख साफ करें। इस हमले के पीछे आरएसएस का भी हाथ हो सकता है। ऐसे में हर पहलू की पारदर्शी तरीके से जांच होना अनिवार्य है। सरना ने कहा कि बादल डर का माहौल पैदा कर चुनाव कराना चाहते हैं, लेकिन उनको इन मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर हरविंदर सिंह सरना, जसविंदर सिंह बलिएवाल, गुरदर्श सिंह ढिल्लों और मनजीत सिंह सरना मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस संबंध में पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करेगा। सरना ने कहा कि सिखी का प्रचार करने वालों पर हमले होना आश्चर्यजनक है। सरना मंगलवार को मॉडल टाउन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन
सरना ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। वे केंद्र से मांग करते हैं कि बादल सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
विज्ञापन
सरना ने कहा कि पिछले साल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, अप्रैल में माता चंद कौर की हत्या के गुनाहगारों तक सरकार पहुंच नहीं पाई है। संत ढडरियांवाले पर हमले के आठ आरोपी पकड़े गए हैं, लेकिन 32 अभी तक फरार हैं।
सरकार न ही इस साजिश के मास्टर माइंड का खुलासा कर रही है। इससे साफ है कि सरकार काफी कुछ छिपा रही है। सरना ने आरोप लगाया कि यह हमला सरकारी शह पर हुआ है, क्योंकि बादल सरकार ने एसजीपीसी समेत अधिकतर सिख संस्थाओं पर अपना कब्जा जमा रखा है। अब प्रचारकों की आवाज भी बंद करने की कोशिश की जा रही है।
सरना ने कहा कि दमदमी टकसाल के बयान पर बादल सरकार अपना रुख साफ करें। इस हमले के पीछे आरएसएस का भी हाथ हो सकता है। ऐसे में हर पहलू की पारदर्शी तरीके से जांच होना अनिवार्य है। सरना ने कहा कि बादल डर का माहौल पैदा कर चुनाव कराना चाहते हैं, लेकिन उनको इन मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर हरविंदर सिंह सरना, जसविंदर सिंह बलिएवाल, गुरदर्श सिंह ढिल्लों और मनजीत सिंह सरना मौजूद रहे।