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हरियाणा में एसजीपीसी को तोड़ने का हलफनामा दाखिल करना गलत
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फोटो-31आरपीडी1,2-रोपड़ प्रैस कल्ब में पत्रकारों से बातचित करते हुए ड़ा दलजीत सिंह चीमा तथा उनके साथ ?
- फोटो : ROPAR
अकाली दल के सीनियर उपाध्यक्ष और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि जब से देश आजाद हुआ तभी से कांग्रेस की कोशिश रही है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को तोड़ा जा सके या इस पर कब्जा किया जा सके। हमेशा ही खालसा पंथ ने इनका विरोध किया। डॉ. चीमा शुक्रवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हल्फिया बयान दायर कर हरियाणा को अलग कमेटी बनाने की बात कही है। एसजीपीसी के चुनाव की रोजाना बातें करने वाले दूसरे ग्रुप क्या अब इस हलफनामे के बारे में बोलेंगे। उन्होंने इस हलफनामे की निंदा करते हुए कहा कि यह एसजीपीसी को तोड़ने की पुरानी साजिश का ही हिस्सा है। हरियाणा में कांग्रेस की सरकार के समय साजिश रच कुछ सिखों को साथ लेकर अलग हरियाणा प्रबंधक कमेटी बनाने का मुद्दा उठाया था और अपनी विधानसभा में एक्ट भी बना दिया। वहां से विधायक हरभजन सिंह मसाणा ने इसे अदालत में चुनौती दी। उन्होंने कहा कि इसमें हरभजन सिंह ने एसजीपीसी के साथ रहने की बात कही थी।
चीमा ने कहा कि एसजीपीसी की बॉडी को राष्ट्रीय स्तर पर अहमियत देने के लिए 170 सदस्य चुनाव प्रक्रिया के जरिए चुने जाने के बाद 15 सदस्य सारे देश से चुने जाते हैं। एसजीपीसी को इंटर स्टेट बॉडी कारपोरेट घोषित किया गया है। इसके लिए इसके एक्ट में केंद्र सरकार ही संशोधन कर सकती है, राज्य इसमें छेड़छाड़ नहीं कर सकता। डॉ. चीमा ने कहा कि कैप्टन बताएं कि वह सिखों के साथ हैं या सिखों को कमजोर करने वाली शक्तियों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के मामले में उन्होंने पंजाब का केस कमजोर किया था।
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उन्होंने कहा कि अब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हल्फिया बयान दायर कर हरियाणा को अलग कमेटी बनाने की बात कही है। एसजीपीसी के चुनाव की रोजाना बातें करने वाले दूसरे ग्रुप क्या अब इस हलफनामे के बारे में बोलेंगे। उन्होंने इस हलफनामे की निंदा करते हुए कहा कि यह एसजीपीसी को तोड़ने की पुरानी साजिश का ही हिस्सा है। हरियाणा में कांग्रेस की सरकार के समय साजिश रच कुछ सिखों को साथ लेकर अलग हरियाणा प्रबंधक कमेटी बनाने का मुद्दा उठाया था और अपनी विधानसभा में एक्ट भी बना दिया। वहां से विधायक हरभजन सिंह मसाणा ने इसे अदालत में चुनौती दी। उन्होंने कहा कि इसमें हरभजन सिंह ने एसजीपीसी के साथ रहने की बात कही थी।
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चीमा ने कहा कि एसजीपीसी की बॉडी को राष्ट्रीय स्तर पर अहमियत देने के लिए 170 सदस्य चुनाव प्रक्रिया के जरिए चुने जाने के बाद 15 सदस्य सारे देश से चुने जाते हैं। एसजीपीसी को इंटर स्टेट बॉडी कारपोरेट घोषित किया गया है। इसके लिए इसके एक्ट में केंद्र सरकार ही संशोधन कर सकती है, राज्य इसमें छेड़छाड़ नहीं कर सकता। डॉ. चीमा ने कहा कि कैप्टन बताएं कि वह सिखों के साथ हैं या सिखों को कमजोर करने वाली शक्तियों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के मामले में उन्होंने पंजाब का केस कमजोर किया था।
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