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Punjab Budget 2022: लुधियाना के उद्यमी बोले-बजट खोखला और दिशाहीन, कहा- सरकार के पास विकास का रोडमैप ही नहीं
Mon, 27 Jun 2022 04:25 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 27 Jun 2022 04:25 PM IST
सार
उद्यमियों के अनुसार उद्योगों के विकास के लिए सस्ती बिजली की जरूरत है। सरकार ने पांच रुपये बिजली यूनिट देने का वादा किया था लेकिन बजट में उसका कोई जिक्र नहीं है।
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बजट पेश करने जाते वित्तमंत्री हरपाल चीमा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा द्वारा पेश किए गए बजट को लुधियाना की उद्यमियों ने खोखला और दिशाहीन बताया है। उद्यमियों का कहना है सरकार ने पुरानी बोतल में नई शराब परोसी है। सरकार ने उद्योगों को खास राहत नहीं दी है। उद्योग के लिए महंगी बिजली जारी है तो वैट रिफंड की समस्या बरकरार है। विकास के लिए रोडमैप नहीं है। विदेशी निवेश भी मजाक है। ऊपर से कानून व्यवस्था की हालत बुरी है। सरकार लॉलीपाप दिए जा रही है। सरकार अपने वादों पर नहीं उतर रही है। ऐसे में इंडस्ट्री की ग्रोथ कैसे होगी।
उन्होंने कहा कि बजट से इंडस्ट्री ने काफी उम्मीदें लगा रखी थी। मगर वैसा नहीं हुआ है। चावला के मुताबिक इंडस्ट्री ने चुनावों को दौरान आप ने उद्योगों को पांच रुपये बिजली यूनिट देने का वादा किया था। वो पूरा नहीं किया। सस्ती बिजली से उद्योग कुछ राहत मिलती। मगर बजट में इस मुद्दे पर कोई एलान नहीं किया। यही नहीं पिछले पांच महीने का करोड़ों का वैट का मामला सरकार के पास चल रहा है जिसे जारी नहीं किया गया।
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बजट की तस्वीर साफ नहीं, उद्योगों को सस्ती बिजली का एलान नहीं है: चावला
एशिया की सबसे बड़ी साइकिल इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व करती यूनाइेटिड साइकिल पार्ट्स मैन्यूफैक्च्ररर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस चावला ने कहा है कि सरकार के बजट की तस्वीर साफ नहीं है। पंजाब सरकार ने इंडस्ट्री के लिए 3161 करोड़ रुपये उद्योग के विकास के लिए रखे है। लेकिन ये साफ नहीं किया कि ये पैसा किस इंडस्ट्री के लिए रखा है। ये पैसा हैवी इंडस्ट्री के लिए है या मध्यम व लघु उद्योग के लिए है। कहीं ऐसा न हो सारा पैसा हैवी इंडस्ट्री पर खर्च कर दिया जाए। पहले तो ये साफ किया जाए कि पैसा किस किस वर्ग की इंडस्ट्री को दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि बजट से इंडस्ट्री ने काफी उम्मीदें लगा रखी थी। मगर वैसा नहीं हुआ है। चावला के मुताबिक इंडस्ट्री ने चुनावों को दौरान आप ने उद्योगों को पांच रुपये बिजली यूनिट देने का वादा किया था। वो पूरा नहीं किया। सस्ती बिजली से उद्योग कुछ राहत मिलती। मगर बजट में इस मुद्दे पर कोई एलान नहीं किया। यही नहीं पिछले पांच महीने का करोड़ों का वैट का मामला सरकार के पास चल रहा है जिसे जारी नहीं किया गया।
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