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Ludhiana News: मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान से राज्यसभा जाने की तैयारी में केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू
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कांग्रेस छोड़ भाजपा की टिकट पर लुधियाना से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं बिट्टू, मिली थी हार
21 अगस्त को है राज्यसभा के लिए नामांकन, केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र और केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान से भाजपा राज्यसभा के लिए भेज सकती है। राज्यसभा के लिए 21 अगस्त को नामांकन होना है। भाजपा आलाकमान ने रवनीत सिंह बिट्टू को अपने कागजात पूरे करने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। अब केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी केंद्रीय नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें कहां से राज्यसभा जाना है, वह वहीं पहुंचने की तैयारी में है। अगर केंद्रीय नेतृत्व उन्हें मध्यप्रदेश से भेजना चाहता है तो वह भोपाल पहुंचेंगे और अगर उन्हें राजस्थान से जाना है तो उन्हें जयपुर पहुंचना होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें ज्योतिरादित्या सिंधिया की जगह मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेज सकते हैं। ज्योतिरादित्या सिंधिया लोकसभा चुनाव जीत गए थे। उसके बाद राज्यसभा सीट खाली हुई थी। इससे पहले अटकलें थी कि रवनीत सिंह बिट्टू को हरियाणा से राज्यसभा भेजा जा सकता है।
राज्यसभा के लिए कई सीटों पर चुनाव होना है। जिसमें मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीटें भी शामिल हैं। दोनों राज्यों में भाजपा काे बहुमत भी है और वहां से रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा जाने में आसानी भी होगी।
पंजाब यूथ कांग्रेस से सफर शुरू करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री के पौत्र रवनीत सिंह बिट्टू तीन बार कांग्रेस की टिकट से सांसद भी रहे हैं। वह पहले श्री आनंदपुर साहिब और फिर दो बार लुधियाना से सांसद रहे। 2024 लोकसभा चुनाव से अहम पहले वह कांग्रेस को अलविदा कह भाजपा में चले गए और लुधियाना से ही भाजपा के उम्मीदवार बने। हालांकि वह लोकसभा चुनाव चुनाव हार गए थे। हार के बाद भी उन्हें मंत्रीपद से नवाजा गया है।
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हरियाणा से थी राज्यसभा जाने की थी चर्चा
सूत्रों की माने तो पहले रवनीत सिंह बिट्टू को हरियाणा से राज्यसभा भेजने की तैयारी थी। दीपेंद्र हुड्डा के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह सीट भी खाली हुई थी। इसके बाद चर्चा थी कि बिट्टू को हरियाणा से राज्यसभा भेजने की तैयारी हो रही है, लेकिन हरियाणा के साथ पंजाब का पानी का विवाद चल रहा है। इस कारण बिट्टू पानी के मुद्दे को लेकर पंजाब के खिलाफ नहीं बोल सकते। अगर वह हरियाणा से राज्यसभा जाते हैं तो वह हरियाणा के खिलाफ भी पानी के मुद्दे को लेकर नहीं बोल पाएंगे। राजनीति सूत्र बताते हैं कि पानी के मुद्दे को लेकर बिट्टू ने हरियाणा से राज्यसभा में न जाने की इच्छा जताई थी। इसे भाजपा हाईकमान ने मान भी लिया है। इसके अलावा हरियाणा सीट पर कई बड़े नेता दावेदार है। हरियाणा में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है तो भाजपा हाईकमान किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती। जबकि राजस्थान में भी कई बड़े नेता जो भाजपा के हैं, वह दावेदार है।
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21 अगस्त को है राज्यसभा के लिए नामांकन, केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र और केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान से भाजपा राज्यसभा के लिए भेज सकती है। राज्यसभा के लिए 21 अगस्त को नामांकन होना है। भाजपा आलाकमान ने रवनीत सिंह बिट्टू को अपने कागजात पूरे करने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। अब केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी केंद्रीय नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें कहां से राज्यसभा जाना है, वह वहीं पहुंचने की तैयारी में है। अगर केंद्रीय नेतृत्व उन्हें मध्यप्रदेश से भेजना चाहता है तो वह भोपाल पहुंचेंगे और अगर उन्हें राजस्थान से जाना है तो उन्हें जयपुर पहुंचना होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें ज्योतिरादित्या सिंधिया की जगह मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेज सकते हैं। ज्योतिरादित्या सिंधिया लोकसभा चुनाव जीत गए थे। उसके बाद राज्यसभा सीट खाली हुई थी। इससे पहले अटकलें थी कि रवनीत सिंह बिट्टू को हरियाणा से राज्यसभा भेजा जा सकता है।
राज्यसभा के लिए कई सीटों पर चुनाव होना है। जिसमें मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीटें भी शामिल हैं। दोनों राज्यों में भाजपा काे बहुमत भी है और वहां से रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा जाने में आसानी भी होगी।
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पंजाब यूथ कांग्रेस से सफर शुरू करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री के पौत्र रवनीत सिंह बिट्टू तीन बार कांग्रेस की टिकट से सांसद भी रहे हैं। वह पहले श्री आनंदपुर साहिब और फिर दो बार लुधियाना से सांसद रहे। 2024 लोकसभा चुनाव से अहम पहले वह कांग्रेस को अलविदा कह भाजपा में चले गए और लुधियाना से ही भाजपा के उम्मीदवार बने। हालांकि वह लोकसभा चुनाव चुनाव हार गए थे। हार के बाद भी उन्हें मंत्रीपद से नवाजा गया है।
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हरियाणा से थी राज्यसभा जाने की थी चर्चा
सूत्रों की माने तो पहले रवनीत सिंह बिट्टू को हरियाणा से राज्यसभा भेजने की तैयारी थी। दीपेंद्र हुड्डा के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह सीट भी खाली हुई थी। इसके बाद चर्चा थी कि बिट्टू को हरियाणा से राज्यसभा भेजने की तैयारी हो रही है, लेकिन हरियाणा के साथ पंजाब का पानी का विवाद चल रहा है। इस कारण बिट्टू पानी के मुद्दे को लेकर पंजाब के खिलाफ नहीं बोल सकते। अगर वह हरियाणा से राज्यसभा जाते हैं तो वह हरियाणा के खिलाफ भी पानी के मुद्दे को लेकर नहीं बोल पाएंगे। राजनीति सूत्र बताते हैं कि पानी के मुद्दे को लेकर बिट्टू ने हरियाणा से राज्यसभा में न जाने की इच्छा जताई थी। इसे भाजपा हाईकमान ने मान भी लिया है। इसके अलावा हरियाणा सीट पर कई बड़े नेता दावेदार है। हरियाणा में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है तो भाजपा हाईकमान किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती। जबकि राजस्थान में भी कई बड़े नेता जो भाजपा के हैं, वह दावेदार है।