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बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Sun, 20 Mar 2016 09:52 PM IST
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बठिंडा में तेज बरसात और हवा के बाद गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बेमौसम बारिश होने से जहां किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही हैं। शनिवार देर रात हुई चार एमएम बारिश के साथ साढे़ नौ किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से तेज हवाएं चलीं और ओले गिरे।
इससे किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित होकर जमीन पर बिछ गई है। मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदर सिंह ने बताया कि बारिश होने से एक दम से तापमान में गिरावट आ गई है। इसके चलते रविवार को न्यूनतम 16 डिग्री और अधिकतम 28 डिग्री तापमान रहा। उन्होंने बताया कि अगले दिनों में भी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
गांव मुलतानियां, त्योना के किसान गुरविंदर सिंह, गुरतेज सिंह और छिंदर सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश के साथ उनकी 100 एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने बताया कि गांव की करीब एक हजार एकड़ गेहूं की फसल जमीन पर बिछने से बर्बाद हो गई। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि इस बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसल का सरकार उन्हें मुआवजा दे। इससे वे अगली फसल को अपने खेतों में बीज सकें।
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इससे किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित होकर जमीन पर बिछ गई है। मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदर सिंह ने बताया कि बारिश होने से एक दम से तापमान में गिरावट आ गई है। इसके चलते रविवार को न्यूनतम 16 डिग्री और अधिकतम 28 डिग्री तापमान रहा। उन्होंने बताया कि अगले दिनों में भी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
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गांव मुलतानियां, त्योना के किसान गुरविंदर सिंह, गुरतेज सिंह और छिंदर सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश के साथ उनकी 100 एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने बताया कि गांव की करीब एक हजार एकड़ गेहूं की फसल जमीन पर बिछने से बर्बाद हो गई। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि इस बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसल का सरकार उन्हें मुआवजा दे। इससे वे अगली फसल को अपने खेतों में बीज सकें।
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