फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   Punjab has handled the power crisis, now there will be no power cuts in any sector: Saund

Ludhiana News: पंजाब में बिजली कटौती के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन, जाम<bha>;</bha> सरकार ने पावरकॉम सीएमडी को हटाया

Mon, 14 Sep 2026 07:34 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना Updated Mon, 14 Sep 2026 07:34 PM IST
विज्ञापन
Punjab has handled the power crisis, now there will be no power cuts in any sector: Saund
पटियाला में कांग्रेसियों पर पानी की बौछारें; राजा वड़िंग समेत कई कांग्रेस नेता हिरासत में, जगरांव में चार घंटे धरना देकर जालंधर रोड जाम
विज्ञापन

लुधियाना में उद्योगपतियों ने 14 घंटे कटौती का आरोप लगाया , फरीदकोट में पावरकॉम कार्यालय घेरा, गुरकीरत किरपाल बने नए सीएमडी
पंजाब ने संभाला बिजली संकट, अब किसी भी सेक्टर पर पावरकट नहीं : सौंद
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला/लुधियाना/जगरांव। पंजाब में बिजली कटौती को लेकर सोमवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ और कई जगह सड़कें जाम कर दी गईं। पटियाला में पावरकॉम मुख्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेसियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें मारीं और प्रदेश कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। जगरांव में किसानों ने चार घंटे धरना देने के बाद जगरांव-जालंधर मार्ग जाम कर दिया। लुधियाना में उद्योगपतियों ने 14 घंटे तक कटौती का आरोप लगाकर लुधियाना-चंडीगढ़ रोड जाम किया। फरीदकोट में भी किसानों ने पावरकॉम कार्यालय का घेराव किया। लगातार बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने पीएसपीसीएल के सीएमडी आईएएस बसंत गर्ग को हटा दिया और उनकी जगह गुरकीरत किरपाल सिंह को नया सीएमडी नियुक्त कर दिया।

पटियाला में राजा वड़िंग की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली संकट के विरोध में पावरकॉम मुख्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। आगे बढ़ने को लेकर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और तीखी बहस हुई। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड पार करने के प्रयास के बाद पुलिस ने पानी की बौछारें शुरू कर दीं। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलबीर सिंह जीरा के पैर में चोट लगने की भी जानकारी है। वड़िंग ने आरोप लगाया कि सरकार 24 घंटे निर्बाध बिजली देने के वादे में विफल रही है। उन्होंने संकट के लिए सरकार और पावरकॉम के कथित कुप्रबंधन को जिम्मेदार बताते हुए बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
विज्ञापन


जगरांव में संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर किसानों ने पावरकॉम एक्सईएन कार्यालय के सामने धरना दिया। किसानों ने धान की फसल के लिए आठ घंटे निर्बाध बिजली की मांग की। एक्सईएन के मौके पर नहीं पहुंचने पर किसानों ने जगरांव-जालंधर सड़क जाम कर दी। बाद में एसडीओ ने आठ घंटे बिजली आपूर्ति का लिखित भरोसा दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया। फरीदकोट में किसानों ने भी पावरकॉम कार्यालय घेरा। किसान नेताओं ने कई इलाकों में करीब 20 दिन से अघोषित कटौती का आरोप लगाया। उनका कहना था कि आठ घंटे आपूर्ति के दावे के बावजूद कई जगह तीन-चार घंटे ही बिजली मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लुधियाना में डाइंग उद्योगपतियों ने वर्धमान चौक पर लुधियाना-चंडीगढ़ रोड जाम किया। उन्होंने रोजाना करीब 14 घंटे बिजली कटौती का आरोप लगाया। उद्योगपतियों के अनुसार इससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है और श्रमिक फैक्टरियां छोड़ रहे हैं। उन्होंने बिजली की दर करीब आठ से बढ़कर 9.50 रुपये प्रति यूनिट होने और एक फैक्टरी का बिल 15 लाख से बढ़कर 18 लाख रुपये तक पहुंचने का दावा किया।

मांग 16,600 मेगावाट, सरकार का दावा- संकट टला
विरोध के बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दावा किया कि पंजाब ने बिजली संकट पर काबू पा लिया है। 13 सितंबर सुबह सात बजे से बिजली की कमी के कारण कोई कट नहीं लगाया गया और आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा कृषि क्षेत्र को 24 घंटे बिजली मिल रही है। सौंद के अनुसार, दो निजी ताप विद्युत संयंत्रों की तकनीकी खराबियां दूर कर दी गई हैं और एक अन्य निजी प्लांट से करीब 100 मेगावाट बिजली मिलनी शुरू हो गई है। किसानों को सिंचाई के लिए आठ के बजाय 10 घंटे बिजली देने का भी दावा किया गया। उन्होंने बिजली संकट के लिए केंद्र से कोयले में कटौती और पंजाब के हिस्से की करीब 1,000 मेगावाट बिजली नहीं मिलने को भी कारण बताया। मंत्री ने कहा कि राज्य के पास करीब 17,000 मेगावाट तक की मांग पूरी करने की क्षमता है।

--
रिकॉर्ड 17,405 मेगावाट मांग, 1,478 मेगावाट उत्पादन ठप
पटियाला। पंजाब में सोमवार को बिजली की मांग 17,405 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 18 जुलाई को 17,452 मेगावाट की सर्वाधिक मांग दर्ज हुई थी। मांग के दबाव के बीच करीब 1,478 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित रही। रोपड़, लहरा मोहब्बत और तलवंडी साबो थर्मल की कुछ इकाइयां कम क्षमता पर चलीं, जबकि पानी की कमी से हाइडल की पांच इकाइयां बंद रहीं। पावरकॉम के मुताबिक इसके बावजूद उद्योग, शहर और गांव में कोई कट नहीं लगाया गया। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed