{"_id":"57a8b35a4f1c1b1562ee45d8","slug":"protest-villagers-protest-in-bhatinda-refinery-bhatinda-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह गांवों के लोगों का रिफाइनरी गेट के आगे धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह गांवों के लोगों का रिफाइनरी गेट के आगे धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Mon, 08 Aug 2016 10:01 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की रामा मंडी के पास गुरु गोबिंद सिंह तेल रिफाइनरी से निकलते भारी प्रदूषण से खराब हो रही फसलों से परेशान होकर इलाके के छह गांवों ने लोगों ने रोष जताया। गांव नौरंग, रामसरा, हस्सू, तिगड़ी, देसू मलकाणा और कणकवाल के वासियों ने रिफाइनरी के गेट के आगे धरना देकर रिफाइनरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
सैकड़ों किसानों ने बताया कि रिफाइनरी से भारी मात्रा में निकल रहे प्रदूषण से जहां लोगों की सेहत खराब हो रही है, वहीं रिफाइनरी से निकलने वाले काले धुएं से ज्यादातर फसलें धान, गवारा, कपास और सब्जियों के साथ-साथ पशुओं के लिए बीजे गए हरे चारे को भारी नुकसान पहुंचा है।
किसानों ने इस बारे में पंजाब सरकार को प्रदूषण बोर्ड के प्रतिनिधि भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस बारे में जब रिफाइनरी के प्रबंधकों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसानों के बताने के अनुसार खराब हुई फसलों के सैंपल ले लिए गए हैं, जो जांच के लिए लैब में भेजे जाएंगे। प्रबंधकों के इस भरोसे के बाद किसानों ने तुरंत धरना समाप्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सैकड़ों किसानों ने बताया कि रिफाइनरी से भारी मात्रा में निकल रहे प्रदूषण से जहां लोगों की सेहत खराब हो रही है, वहीं रिफाइनरी से निकलने वाले काले धुएं से ज्यादातर फसलें धान, गवारा, कपास और सब्जियों के साथ-साथ पशुओं के लिए बीजे गए हरे चारे को भारी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
किसानों ने इस बारे में पंजाब सरकार को प्रदूषण बोर्ड के प्रतिनिधि भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस बारे में जब रिफाइनरी के प्रबंधकों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसानों के बताने के अनुसार खराब हुई फसलों के सैंपल ले लिए गए हैं, जो जांच के लिए लैब में भेजे जाएंगे। प्रबंधकों के इस भरोसे के बाद किसानों ने तुरंत धरना समाप्त कर दिया।
विज्ञापन