{"_id":"60e09e188ebc3ebb4a5ab7c8","slug":"police-raided-in-mohali-and-delhi-ten-more-arrested-ludhiana-news-pkl418805662","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस का मोहाली और दिल्ली में छापा, दस और गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस का मोहाली और दिल्ली में छापा, दस और गिरफ्तार
विज्ञापन
फर्जी कॉल सेंटर के जरिये विदेशों में बैठे लोगों से लाखों की ठगी करने के मामले में महानगर की पुलिस ने मोहाली के खरड़ इलाके में मोहाली पुलिस के साथ दबिश दी। बताया जा रहा है कि वहां एक और फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। इसके अलावा कमिश्नरेट पुलिस ने दिल्ली में भी कई जगहों पर कार्रवाई की है। दोनों स्थानों से पुलिस ने दस से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।
लुधियाना और मोहाली से पुलिस को 100 से ज्यादा दस्तावेज मिले हैं, जिसमें आईडी प्रूफ, बैंक खातों की कापियां, पासपोर्ट व अन्य शामिल हैं। इनके कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और अन्य सामान बरामद किया है। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि नकदी, मोबाइल और लैपटॉप कितने हैं। वहीं गैंग के किंगपिन को पकड़ने के लिए लुधियाना पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।
डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींढसा ने बताया कि इस मामले में पहले दिन गिरफ्तार किए गए जोशी नगर निवासी लखन अबरोल, नई दिल्ली के रोहिणी निवासी हर्षित कश्यप उर्फ अंकुश, इस्लामिया स्कूल रोड के सोमल सूद, पुरानी माधोपुरी के जतिन कालरा, युगांडा के एम रोडिज, मैज्डी, तंजानियां के पीटर रिचर्ड, नैरोबी के कैनडी और जिंबाब्वे के कैलविन मुसबनहाका को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। अन्य सभी को केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से कई लोग ऐसे हैं, जो छोटे मोटे धंधे करते थे, लेकिन फर्जी कॉल सेंटर के जरिये उन्होंने लाखों रुपये की संपत्ति और नकदी बना ली। बता दें कि 30 जून को महानगर के पाश इलाके में पक्खोवाल रोड पर चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींढसा, एडीसीपी रुपिंदर कौर भट्टी की अगुवाई में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 27 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में कुल 37 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
विज्ञापन
विदेशी खातों से घूमता था पैसा, 40 बैंक अकाउंट किए फ्रीज
सूत्रों के अनुसार आरोपी ठगी के रुपये विदेशी खातों में डालते थे, इसके बाद उन रुपयों बिटक्वाइन खरीदा जाता था। इसकी खरीद दिल्ली में बैठे आरोपी की मदद से होती थी। बताया जा रहा है कि यह गिरोह अब तक करोड़ों के बिटक्वाइन खरीद चुका है। फिलहाल खातों को खंगाला जा रहा है। इस सारे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने 40 के करीब बैंक खातों को फ्रीज किया है। जिनमें ठगी के पैसों का लेनदेन होता रहा है। इसके अलावा आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है कि वह पैसे कैसे कैसे मंगवाते थे और उनके साथ और कितने लोग शामिल हैं। डीसीपी ने कहा कि मोहाली से जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, उनका कनेक्शन गुजरात से है। अगर जरूरत पड़ेगी तो गुजरात पुलिस से बात कर जांच के लिए टीम वहां भी भेजी जाएगी।
विज्ञापन
लुधियाना और मोहाली से पुलिस को 100 से ज्यादा दस्तावेज मिले हैं, जिसमें आईडी प्रूफ, बैंक खातों की कापियां, पासपोर्ट व अन्य शामिल हैं। इनके कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और अन्य सामान बरामद किया है। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि नकदी, मोबाइल और लैपटॉप कितने हैं। वहीं गैंग के किंगपिन को पकड़ने के लिए लुधियाना पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।
विज्ञापन
डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींढसा ने बताया कि इस मामले में पहले दिन गिरफ्तार किए गए जोशी नगर निवासी लखन अबरोल, नई दिल्ली के रोहिणी निवासी हर्षित कश्यप उर्फ अंकुश, इस्लामिया स्कूल रोड के सोमल सूद, पुरानी माधोपुरी के जतिन कालरा, युगांडा के एम रोडिज, मैज्डी, तंजानियां के पीटर रिचर्ड, नैरोबी के कैनडी और जिंबाब्वे के कैलविन मुसबनहाका को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। अन्य सभी को केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से कई लोग ऐसे हैं, जो छोटे मोटे धंधे करते थे, लेकिन फर्जी कॉल सेंटर के जरिये उन्होंने लाखों रुपये की संपत्ति और नकदी बना ली। बता दें कि 30 जून को महानगर के पाश इलाके में पक्खोवाल रोड पर चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींढसा, एडीसीपी रुपिंदर कौर भट्टी की अगुवाई में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 27 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में कुल 37 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
विज्ञापन
विदेशी खातों से घूमता था पैसा, 40 बैंक अकाउंट किए फ्रीज
सूत्रों के अनुसार आरोपी ठगी के रुपये विदेशी खातों में डालते थे, इसके बाद उन रुपयों बिटक्वाइन खरीदा जाता था। इसकी खरीद दिल्ली में बैठे आरोपी की मदद से होती थी। बताया जा रहा है कि यह गिरोह अब तक करोड़ों के बिटक्वाइन खरीद चुका है। फिलहाल खातों को खंगाला जा रहा है। इस सारे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने 40 के करीब बैंक खातों को फ्रीज किया है। जिनमें ठगी के पैसों का लेनदेन होता रहा है। इसके अलावा आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है कि वह पैसे कैसे कैसे मंगवाते थे और उनके साथ और कितने लोग शामिल हैं। डीसीपी ने कहा कि मोहाली से जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, उनका कनेक्शन गुजरात से है। अगर जरूरत पड़ेगी तो गुजरात पुलिस से बात कर जांच के लिए टीम वहां भी भेजी जाएगी।