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Ludhiana News: बिजली कटों के विरोध पर पुलिस कार्रवाई, लुधियाना उद्योग जगत में रोष
Thu, 01 Oct 2026 10:45 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Thu, 01 Oct 2026 10:45 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पावरकॉम के बिजली कटों के विरोध में सड़क पर उतरे कारोबारियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा। 14 सितंबर को वर्धमान चौक और समराला चौक पर धरना देकर यातायात बाधित करने का आरोप लगा। थाना डिवीजन नंबर-7 पुलिस ने डाइंग एसोसिएशन के प्रधान बॉबी जिंदल समेत करीब 250 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया। इससे लुधियाना के उद्योग जगत में भारी रोष है।
औद्योगिक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि वे मुकदमों से डरने वाले नहीं। यदि एफआईआर तुरंत रद्द न हुई तो सरकार के खिलाफ महाआंदोलन होगा। ढंडारी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतनाम सिंह मक्कड़ ने बताया कि पंजाब के उद्योग गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे थे। रात में 8 घंटे और दिन में कई घंटों के कट से कारखाने ठप थे। पावरकॉम से समाधान न मिलने पर कारोबारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा।
उद्योगपतियों का पक्ष
स्माल स्केल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान जसविंदर सिंह ठुकराल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीतिक दलों के आंदोलनों पर केस नहीं होते। यह उद्योगपतियों को डराने का लोकतंत्र विरोधी प्रयास है। बॉबी जिंदल ने कहा उद्योग के हितों के लिए आवाज उठाना सांविधानिक अधिकार है। उनके धरने से बिजली आपूर्ति में राहत मिली थी। उन्होंने साफ किया एफआईआर से कारोबारी पीछे नहीं हटेंगे। सभी औद्योगिक संगठनों ने एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा कर इसे रद्द करने की मांग की।
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लुधियाना। पावरकॉम के बिजली कटों के विरोध में सड़क पर उतरे कारोबारियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा। 14 सितंबर को वर्धमान चौक और समराला चौक पर धरना देकर यातायात बाधित करने का आरोप लगा। थाना डिवीजन नंबर-7 पुलिस ने डाइंग एसोसिएशन के प्रधान बॉबी जिंदल समेत करीब 250 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया। इससे लुधियाना के उद्योग जगत में भारी रोष है।
औद्योगिक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि वे मुकदमों से डरने वाले नहीं। यदि एफआईआर तुरंत रद्द न हुई तो सरकार के खिलाफ महाआंदोलन होगा। ढंडारी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतनाम सिंह मक्कड़ ने बताया कि पंजाब के उद्योग गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे थे। रात में 8 घंटे और दिन में कई घंटों के कट से कारखाने ठप थे। पावरकॉम से समाधान न मिलने पर कारोबारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा।
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उद्योगपतियों का पक्ष
स्माल स्केल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान जसविंदर सिंह ठुकराल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीतिक दलों के आंदोलनों पर केस नहीं होते। यह उद्योगपतियों को डराने का लोकतंत्र विरोधी प्रयास है। बॉबी जिंदल ने कहा उद्योग के हितों के लिए आवाज उठाना सांविधानिक अधिकार है। उनके धरने से बिजली आपूर्ति में राहत मिली थी। उन्होंने साफ किया एफआईआर से कारोबारी पीछे नहीं हटेंगे। सभी औद्योगिक संगठनों ने एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा कर इसे रद्द करने की मांग की।
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