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प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 30 Mar 2016 10:23 PM IST
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- फोटो : demo
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प्रदेश सरकार ने सूबे में एक अप्रैल 2016 से प्लास्टिक कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके विरोध में प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सड़कों पर उतर कर संघर्ष करने का एलान कर दिया है।
एक अप्रैल से एसोसिएशन के सभी सदस्य इकाईयों को बंद कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। वहीं सरकार को सचेत करने के लिए 31 मार्च को लुधियाना में रोष मार्च निकाला जाएगा। एसोसिएशन के मुताबिक यह मार्च विश्वकर्मा चौक से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक जाएगा। मिनी सचिवालय में डीसी को ज्ञापन देकर कारोबारी खुद को गिरफ्तारी के लिए पेश करेंगे। इसके बाद एक अप्रैल से रोजाना डीसी दफ्तर के समक्ष कारोबारी धरना देंगे। एसोसिएशन ने साफ किया है कि जब तक निर्धारित मानकों के तहत इजाजत नहीं मिलती, संघर्ष जारी रहेगा। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार की नोटिफिकेशन के तहत पचास माइक्रोन से अधिक के कैरी बैग की इजाजत दी जाए।
एसोसिएशन के प्रधान गुरदीप सिंह बतरा का कहना है कि इस प्रतिबंध के बाद सूबे में कैरी बैग बनाने वाली करीब पांच हजार इकाईयां बंद हो जाएंगी और लाखों लोग बेरोजगार जाएंगे। वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के ऋण के तौर पर दिए करीब तीन हजार करोड़ रुपये फंस सकते हैं। इससे सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान होगा। बतरा ने कहा कि पंजाब की सत्तर से अस्सी फीसदी तक इकाईयां अकेले लुधियाना में ही हैं। इस अवसर पर सुभाष सेठी, मुकेश मरजारा, राज कुमार, सुशील जैन मौजूद रहे।
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एक अप्रैल से एसोसिएशन के सभी सदस्य इकाईयों को बंद कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। वहीं सरकार को सचेत करने के लिए 31 मार्च को लुधियाना में रोष मार्च निकाला जाएगा। एसोसिएशन के मुताबिक यह मार्च विश्वकर्मा चौक से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक जाएगा। मिनी सचिवालय में डीसी को ज्ञापन देकर कारोबारी खुद को गिरफ्तारी के लिए पेश करेंगे। इसके बाद एक अप्रैल से रोजाना डीसी दफ्तर के समक्ष कारोबारी धरना देंगे। एसोसिएशन ने साफ किया है कि जब तक निर्धारित मानकों के तहत इजाजत नहीं मिलती, संघर्ष जारी रहेगा। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार की नोटिफिकेशन के तहत पचास माइक्रोन से अधिक के कैरी बैग की इजाजत दी जाए।
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एसोसिएशन के प्रधान गुरदीप सिंह बतरा का कहना है कि इस प्रतिबंध के बाद सूबे में कैरी बैग बनाने वाली करीब पांच हजार इकाईयां बंद हो जाएंगी और लाखों लोग बेरोजगार जाएंगे। वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के ऋण के तौर पर दिए करीब तीन हजार करोड़ रुपये फंस सकते हैं। इससे सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान होगा। बतरा ने कहा कि पंजाब की सत्तर से अस्सी फीसदी तक इकाईयां अकेले लुधियाना में ही हैं। इस अवसर पर सुभाष सेठी, मुकेश मरजारा, राज कुमार, सुशील जैन मौजूद रहे।
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