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Ludhiana News: सड़क हादसों में जख्मीं मरीजों को फरिश्ते योजना के तहत मिलेगा मुफ्त इलाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब में सड़क हादसों में जख्मीं मरीजों को फरिश्ते योजना के तहत मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप मोहिंद्रा ने बताया कि इस योजना के तहत सड़क हादसों के दौरान गोल्डन आवर का अधिकतम उपयोग करते हुए बिना किसी भेदभाव के निकटतम सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। डॉ. प्रदीप मोहिंद्रा ने बताया कि गोल्डन आवर सड़क हादसे के बाद का पहला महत्वपूर्ण घंटा होता है। यदि इस दौरान गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर सही इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इस योजना के तहत जिले में 16 सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ 31 सूचीबद्ध निजी अस्पताल भी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और यह योजना सड़क हादसों के पीड़ितों की जान बचाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डिप्टी मेडिकल कमिश्नर एवं नोडल अधिकारी डॉ. हरिंदर सूद ने बताया कि सड़क हादसे के दौरान घायल मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को सरकार की तरफ से सम्मानित किया जाएगा और पुलिस की तरफ से किसी भी प्रकार की पूछताछ तब तक नहीं की जाएगी, जब तक मरीज को लाने वाला व्यक्ति खुद गवाह बनने की इच्छा व्यक्त न करे। फरिश्ते योजना के तहत पैनल में शामिल राज्य के सभी अस्पतालों की सूची विभाग की वेबसाइट sha.punjab.gov.in पर उपलब्ध रहेगी।
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लुधियाना। पंजाब में सड़क हादसों में जख्मीं मरीजों को फरिश्ते योजना के तहत मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप मोहिंद्रा ने बताया कि इस योजना के तहत सड़क हादसों के दौरान गोल्डन आवर का अधिकतम उपयोग करते हुए बिना किसी भेदभाव के निकटतम सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। डॉ. प्रदीप मोहिंद्रा ने बताया कि गोल्डन आवर सड़क हादसे के बाद का पहला महत्वपूर्ण घंटा होता है। यदि इस दौरान गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर सही इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इस योजना के तहत जिले में 16 सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ 31 सूचीबद्ध निजी अस्पताल भी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और यह योजना सड़क हादसों के पीड़ितों की जान बचाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डिप्टी मेडिकल कमिश्नर एवं नोडल अधिकारी डॉ. हरिंदर सूद ने बताया कि सड़क हादसे के दौरान घायल मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को सरकार की तरफ से सम्मानित किया जाएगा और पुलिस की तरफ से किसी भी प्रकार की पूछताछ तब तक नहीं की जाएगी, जब तक मरीज को लाने वाला व्यक्ति खुद गवाह बनने की इच्छा व्यक्त न करे। फरिश्ते योजना के तहत पैनल में शामिल राज्य के सभी अस्पतालों की सूची विभाग की वेबसाइट sha.punjab.gov.in पर उपलब्ध रहेगी।
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