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झोटा हत्याकांड: पीजीआई में हुआ पोस्टमार्टम, सुबह पांच बजे मानसा भेजा जाएगा शव; पिता एसएसपी के तबादले पर अड़े
Sat, 07 Nov 2026 03:10 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 07 Nov 2026 03:10 PM IST
सार
मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
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पीजीआई में पोस्टमार्टम के दाैरान सुरक्षा कड़ी
- फोटो : संवाद
विस्तार
मानसा के परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमार्टम पीजीआई में हो गया। बताया जा रहा है कि सुबह पांच बजे उनका शव मानसा ले जाया जाएगा जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं उनके पिता मानसा के एसएसपी के तबादले की मांग पर अड़े हुए हैं।
इससे पहले सुबह 10 बजे पोस्टमार्टम का प्रयास किया गया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। चंडीगढ़ पीजीआई से जुड़े सूत्रों ने बताया कि शव ज्यादा दिनों तक फ्रीजर में रखने के कारण अंदर से पूरी तरह सख्त हो चुका है।
शव का अंदरूनी पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा। इसके बाद शव को हीट देकर शव के अंदरूनी हिस्से को थोड़ा ढीला करने के बाद पोस्टमार्टम किया गया।
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इससे पहले सुबह 10 बजे पोस्टमार्टम का प्रयास किया गया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। चंडीगढ़ पीजीआई से जुड़े सूत्रों ने बताया कि शव ज्यादा दिनों तक फ्रीजर में रखने के कारण अंदर से पूरी तरह सख्त हो चुका है।
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शव का अंदरूनी पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा। इसके बाद शव को हीट देकर शव के अंदरूनी हिस्से को थोड़ा ढीला करने के बाद पोस्टमार्टम किया गया।
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कड़ी सुरक्षा रही
झोटा के पोस्टमार्टम के दौरान शनिवार को पीजीआई चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पंजाब पुलिस के साथ चंडीगढ़ पुलिस, सीबीआई की टीम और सीआरपीएफ के जवान भी मौके पर तैनात रहे। पंजाब पुलिस की दो गाड़ियां पोस्टमार्टम के दौरान पीजीआई में मौजूद रहीं। झोटा के परिजनों और समर्थकों के अलावा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी सुबह से शाम तक पीजीआई में डटे रहे। झोटा के पिता की हालत भी चर्चा का विषय रही। परिजनों के अनुसार, उन्होंने पिछले तीन दिन से खाना नहीं खाया है।
झोटा का साला हरप्रीत सिंह सेना में तैनात हैं। पूर्व सैनिक सर्व सांझी कमेटी, पंजाब के अध्यक्ष गुरदीप सिंह टांडा, दर्शन सिंह सहित कमेटी के करीब 30 सदस्य पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई पहुंचे। पांच निहंग भी वहां मौजूद रहे। अरबा खरबा दल के जत्थेदार राजा राज सिंह, दमनजीत सिंह और राजबीर सिंह समेत अन्य लोग भी सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक पीजीआई में मौजूद रहे।
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ प्रवक्ता हरजीत सिंह भुल्लर भी झोटा के पोस्टमार्टम के दौरान पीजीआई पहुंचे। उन्होंने इस घटना को पंजाब में खुलेआम बिक रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाने से जोड़ते हुए पुलिस और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। भुल्लर ने कहा कि नशे का जाल खुलेआम फैला हुआ है और इसे रोकने की कोशिश के चलते हत्या हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाकी की मिलीभगत से नशा बिक रहा है और पुलिस की मर्जी के बिना ऐसा संभव नहीं है। सरकार नशे के कारोबार पर कार्रवाई करने के बजाय खाकी को बचाने में लगी रहती है।
पीजीआई में विभिन्न संगठनों और पुलिस बलों की मौजूदगी के चलते पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
सरकार की तरफ से सभी मांगें मानने के बाद झोटा इंसाफ मोर्चा भी अब पोस्टपोन किया जाएगा। मोर्चा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अब मांगें पूरी होने के बाद मोर्चा पोस्टपोन करने का आधिकारिक ताैर पर एलान होगा। सूत्रों ने बताया कि मोर्चा पूरी तरह से समाप्त करने का कोई इरादा नहीं है, क्योंकि अगर सरकार ने कोई मांग पूरी ना की तो फिर से मोर्चा खुल सकता है।
13 अक्तूबर को हुई थी हत्या
मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा की हत्या के बाद पूरे पंजाब में आक्रोश फैल गया था। परिवार इंसाफ की मांग पर अड़ गया था। झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष के 23वें दिन पंजाब सरकार और एक्शन कमेटी के बीच सहमति बनी थी। परिवार को 2 करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने का भरोसा दिया गया। दलजीत सिंह भम्मे के परिवार को भी नौकरी और मुआवजा देने का भरोसा दिया गया है।
झोटा के पोस्टमार्टम के दौरान शनिवार को पीजीआई चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पंजाब पुलिस के साथ चंडीगढ़ पुलिस, सीबीआई की टीम और सीआरपीएफ के जवान भी मौके पर तैनात रहे। पंजाब पुलिस की दो गाड़ियां पोस्टमार्टम के दौरान पीजीआई में मौजूद रहीं। झोटा के परिजनों और समर्थकों के अलावा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी सुबह से शाम तक पीजीआई में डटे रहे। झोटा के पिता की हालत भी चर्चा का विषय रही। परिजनों के अनुसार, उन्होंने पिछले तीन दिन से खाना नहीं खाया है।
झोटा का साला हरप्रीत सिंह सेना में तैनात हैं। पूर्व सैनिक सर्व सांझी कमेटी, पंजाब के अध्यक्ष गुरदीप सिंह टांडा, दर्शन सिंह सहित कमेटी के करीब 30 सदस्य पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई पहुंचे। पांच निहंग भी वहां मौजूद रहे। अरबा खरबा दल के जत्थेदार राजा राज सिंह, दमनजीत सिंह और राजबीर सिंह समेत अन्य लोग भी सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक पीजीआई में मौजूद रहे।
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ प्रवक्ता हरजीत सिंह भुल्लर भी झोटा के पोस्टमार्टम के दौरान पीजीआई पहुंचे। उन्होंने इस घटना को पंजाब में खुलेआम बिक रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाने से जोड़ते हुए पुलिस और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। भुल्लर ने कहा कि नशे का जाल खुलेआम फैला हुआ है और इसे रोकने की कोशिश के चलते हत्या हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाकी की मिलीभगत से नशा बिक रहा है और पुलिस की मर्जी के बिना ऐसा संभव नहीं है। सरकार नशे के कारोबार पर कार्रवाई करने के बजाय खाकी को बचाने में लगी रहती है।
पीजीआई में विभिन्न संगठनों और पुलिस बलों की मौजूदगी के चलते पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
सरकार की तरफ से सभी मांगें मानने के बाद झोटा इंसाफ मोर्चा भी अब पोस्टपोन किया जाएगा। मोर्चा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अब मांगें पूरी होने के बाद मोर्चा पोस्टपोन करने का आधिकारिक ताैर पर एलान होगा। सूत्रों ने बताया कि मोर्चा पूरी तरह से समाप्त करने का कोई इरादा नहीं है, क्योंकि अगर सरकार ने कोई मांग पूरी ना की तो फिर से मोर्चा खुल सकता है।
13 अक्तूबर को हुई थी हत्या
मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा की हत्या के बाद पूरे पंजाब में आक्रोश फैल गया था। परिवार इंसाफ की मांग पर अड़ गया था। झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष के 23वें दिन पंजाब सरकार और एक्शन कमेटी के बीच सहमति बनी थी। परिवार को 2 करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने का भरोसा दिया गया। दलजीत सिंह भम्मे के परिवार को भी नौकरी और मुआवजा देने का भरोसा दिया गया है।