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Ludhiana News: शहीदी जोड़ मेले के दूसरे दिन हजारों संगत गुरुद्वारा भट्टा साहिब में हुई नतमस्तक
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रोपड़ में जोड़ मेले में दर्शन के लिए पहुंची संगत।
- फोटो : ROPAR
रोपड़। दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार और सिंहों का शहादत को समर्पित मनाए जाने वाले सलाना शहीदी जोड़ मेले के दूसरे दिन रोपड़ में गुरुद्वारा भट्टा साहिब में धार्मिक दीवान सजाए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में संगत नतमस्तक हुई और शहीदों को याद किया। इस दौरान एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी समेत अलग अलग धार्मिक और राजनीतिक नेताओं ने हाजिरी भरी। इस मौके पर रागी, ढाडी सिंहों और कथावाचकों ने संगत को गुरबाणी के साथ जोड़ा। वहीं पर शहीदों के इतिहास के बारे में बताया। धार्मिक व राजनीतिक नेताओं ने शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। इस मौके पर एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि युवा पीढ़ी को अमृपान करने का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के चरनछोह प्राप्त स्थान पूजनीय है। उन्होंने कहा कि सिखी सिद्धांत है कि सिंहों ने जान की परवाह नहीं की और शहादत दी। धामी ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने साहिबजादों को बाकी सिंहों को बराबर ही महत्व दिया। शहीदी जोड़ मेले के दौरान सादे लंगर लगाने चाहिए और अमृतपान किया जाए। इस दौरान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि मुश्किल की घड़ी में गुरु साहिब की सहायता करने वाले कोटला निहंग खान के परिवार को ढूंढकर मौजूदा पीढ़ी को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान अकाली नेता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि शहीदी जोड़ मेले के दिनों को सिख कौम में गंभीरता से लिया जाता है और इस इतिहास को याद कर रूह कांप उठती है। युवा पीढ़ी गतके के मुकाबले और मार्शल आर्ट सीखे और अपने इतिहास के साथ जुड़े। अकाली नेता प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने शहीदों को श्रद्धा और सत्कार भेंट करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह की सोच के कारण ही देश बचा है और गुरु साहिब ने अपना सारा परिवार सच और इंसाफ के लिए कुर्बान कर दिया। इस मौके पर एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला, अजमेर सिंह खेड़ा, करनैल सिंह पंजोली, पंथक कवि बलबीर सिंह बल्ल, अरमजीत सिंह जिंदवड़ी ने हाजिरी भरी।
गतका, लंबे केस और दुमाला सजाने के मुकाबले करवाए
इस मौके पर बाबा दीप सिंह गतका अखाड़ा की ओर से गतके, लंबे मामले व लड़के-लड़कियों के दुमाला सजाने के मुकाबले करवाए गए। इस मुकाबलों में विजेता बच्चों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान भी एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी, डा. दलजीत सिंह चीमा ने हाजिरी भरी। इस मौके पर हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि गतका अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है आगे ओलंपिक में भी ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी को मार्शल खेलों के साथ जुड़ने का संदेश दिया। बाबा दीप सिंह गतका अखाड़ा को एक लाख रुपये का चेक भी दिया। इस मौके पर संत बाबा अवतार सिंह के अलावा गतका अखाड़ा के प्रबंधक मोहन सिंह, दीप सिंह, गुरमुख सिंह सैनी मौजूद रहे।
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गतका, लंबे केस और दुमाला सजाने के मुकाबले करवाए
इस मौके पर बाबा दीप सिंह गतका अखाड़ा की ओर से गतके, लंबे मामले व लड़के-लड़कियों के दुमाला सजाने के मुकाबले करवाए गए। इस मुकाबलों में विजेता बच्चों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान भी एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी, डा. दलजीत सिंह चीमा ने हाजिरी भरी। इस मौके पर हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि गतका अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है आगे ओलंपिक में भी ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी को मार्शल खेलों के साथ जुड़ने का संदेश दिया। बाबा दीप सिंह गतका अखाड़ा को एक लाख रुपये का चेक भी दिया। इस मौके पर संत बाबा अवतार सिंह के अलावा गतका अखाड़ा के प्रबंधक मोहन सिंह, दीप सिंह, गुरमुख सिंह सैनी मौजूद रहे।
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