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पंजाब में अब नहीं लगेंगे पावर कट: सभी पावर प्लांट आपरेशनल, बिजली मंत्री का दावा-मिलेगी निर्बाध बिजली
Mon, 14 Sep 2026 12:34 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Published by: Nivedita
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:34 PM IST
सार
बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
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जानकारी देते तरुणप्रीत सिंह सौंद
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब में बिजली संकट के बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दावा किया है कि 13 सितंबर के बाद राज्य में किसी भी सेक्टर में पावर कट नहीं लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सभी बिजली प्लांटों को दुरुस्त कर ऑपरेशनल कर दिया गया है। इसके लिए पावरकाम के 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात काम किया।
मंत्री के मुताबिक अब घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि चारों सेक्टर को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। कृषि क्षेत्र को पहले रोजाना आठ घंटे बिजली दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 10 घंटे प्रतिदिन करने का दावा किया गया है। इसका उद्देश्य धान की फसल को जरूरत के मुताबिक सिंचाई उपलब्ध करवाना है।
पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग
सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है।
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हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है।
उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी
बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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मंत्री के मुताबिक अब घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि चारों सेक्टर को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। कृषि क्षेत्र को पहले रोजाना आठ घंटे बिजली दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 10 घंटे प्रतिदिन करने का दावा किया गया है। इसका उद्देश्य धान की फसल को जरूरत के मुताबिक सिंचाई उपलब्ध करवाना है।
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पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग
सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है।
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हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है।
उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी
बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।