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किसानों की आजादी नहीं, जिंदगी छीन रही है सरकार : मेधा पाटकर

Sun, 04 Apr 2021 10:38 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 10:38 PM IST
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No freedom for farmers, government also snatching life : Medha Patkar
सुनाम में शहीद ऊधम सिंह के समारक पर एकजुटता के नारे लगातीं मेधा पाटकर व अन्य। - फोटो : SANGOOR
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर (नर्मदा आंदोलन बचाओ की प्रमुख) मिट्टी सत्याग्रह यात्रा के तहत रविवार को शहीद ऊधम सिंह की पैतृक भूमि सुनाम पहुंचीं। प्रेसवार्ता में मेधा पाटकर ने केंद्र पर हमला बोलते कहा कि मोदी सरकार, किसानों की आजादी नहीं बल्कि जिंदगी छीन रही है। इससे पहले उन्होंने अन्य गणमान्य लोगों के साथ शहीदों की स्मारक स्थली पर श्रद्धांजलि भेंट कर कृषि कानूनों को वापस न लेने पर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया। स्मारक स्थली पर मेधा पाटकर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘आजादी’ कविता पेश की। साथ ही शहीद की पैतृक भूमि से मिट्टी जुटाई। उन्होंने कहा कि देश के 23 राज्यों से शहीदों के स्थलों से पवित्र मिट्टी जुटाई गई है और इस मिट्टी से गाजीपुर व सिंघु बॉर्डर पर शहीदी स्मारकें बनाईं जाएंगी, जो देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए मेधा पाटकर ने कहा कि लॉकडाउन में राज्यों के अधिकार कुचल कर कृषि कानून थोपे गए। लंबे समय से देश आंदोलन कर रहा है और 300 किसान शहीद हो चुके हैं। पंजाब ने सबसे ज्यादा शहादतें दी हैं, आजादी के बाद के नर्मदा आंदोलन, उड़ीसा व नंदीग्राम आंदोलनों में शहादतें हुईं। केंद्र सरकार की फितरत देखिए इन शहीदों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है, लेकिन रोजाना करोड़ों कमाने वालों के प्रति मोदी सरकार संवेदना रखती है। उन्हें जमाखोरी की छूट दी जा रही है। खेती में घुसपैठ हो रही है। केंद्र मजदूरों और किसानों का दमन करके उद्योगपतियों का राज कायम करना चाहता है। सत्ता हासिल करने के लिए धर्म, जाति व स्त्री पर अत्याचार करने से गुरेज नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए किसान आंदोलन आगे बढ़ा रहा है, लेकिन सरकार इसे हिंसक रूप देना चाहती है। किसान नेता राकेश टिकैत पर हमले की निंदा करते उन्होंने कहा कि सरकार, कृषि कानूनों से पीछे हट रही है और शायद बंगाल के चुनाव परिणाम आने के बाद इसे वापस लेने को मजबूर हो जाए। इस मौके पर प्रफुल्ल सामंता, राकेश कुमार, एडवोकेट हरिंदर लाली, एडवोकेट संपूर्ण सिंह छाजली, भोला सिंह संग्रामी, नामदेव भुटाल, करम सिंह, रामशरण सिंह, गोबिंद सिंह, संत राम आदि हाजिर थे।

सुनाम में भाकियू एकता उगराहां की महिलाओं के साथ मेधा पाटकर।

सुनाम में भाकियू एकता उगराहां की महिलाओं के साथ मेधा पाटकर।- फोटो : SANGOOR

सुनाम में शहीद ऊधम सिंह को नमन करती मेधा पाटकर।

सुनाम में शहीद ऊधम सिंह को नमन करती मेधा पाटकर।- फोटो : SANGOOR

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