पंजाब: कोरोना संक्रमण से निपटेंगे कैसे, 12 हजार स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर, टीकाकरण भी प्रभावित
पंजाब में एनएचएम कर्मियों की हड़ताल ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पंजाब में लगभग 12 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से टीकाकरण व सैंपलिंग का काम प्रभावित हो रहा है।
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आहट ने पंजाब सेहत विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत काम कर रहे सूबे के 12 हजार स्वास्थ्य कर्मचारी इस समय अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में इन कच्चे कर्मचारियों को सैंपलिंग व वैक्सीनेशन की सबसे अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा है कि अब इन कर्मचारियों की हड़ताल के बीच अगर तीसरी लहर आ गई तो वह अपना काम कैसे पूरा करेंगे। हर जिले में करीब 60 फीसदी मुलाजिम हड़ताल पर हैं। कोरोना की तीसरी लहर में यह हड़ताल काम बिगाड़ सकती है।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार आला अधिकारी इस मामले से पूरी तरह से अवगत है, वह ही इस मामले पर कुछ कर सकते है। गौरतलब है कि पंजाब में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत काम कर रहे करीब 12 हजार कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बीते दो सप्ताह से हड़ताल पर हैं। इनमें बड़ी संख्या में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा केंद्र के डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी शामिल हैं।
हड़ताल के चलते वैक्सीनेशन, सैंपलिंग, शिशु टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के डिलीवरी केस, टीबी के मरीजों का इलाज और ओपीडी का काम प्रभावित हो रहा है। यहां ब्लाक स्तर पर पहले एक सप्ताह में बीस वैक्सीनेशन कैंप लगाए जा रहे हैं। उनकी संख्या अब तीन से चार रह गई है। हड़ताल पर बैठे मुलाजिमों का साफ कहना है कि उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया था। सरकार ने उनकी कोई सुनवाई तक नहीं की। अब उनकी मांग है कि सरकार उन्हें पक्का करें। पंजाब सरकार ने 36 हजार कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा की है, इसमें नियम आड़े आ रहा हैं। जिससे उनका कोई मुलाजिम पक्का नहीं हो सकता है।
लगभग 50 फीसदी मुलाजिम इस समय हड़ताल पर हैं, इसका असर हमारी सेवाओं पर तो साफ पड़ रहा है। फिलहाल हम स्थानीय स्तर पर इसका कोई हल नहीं कर सकते है। कोरोना के नए वैरिएंट ने चाहे पंजाब में दस्तक नहीं दी है लेकिन हमें पहले से तैयार रहना होगा। हड़ताल के संबंध में आला अधिकारी अवगत है। इसलिए हम खुद चाहते है कि इस हड़ताल को जल्द समाप्त करवाया जाए, ताकी हम कोरोना की तीसरी लहर से पहले अपने इंतजाम पूरे कर सके। डॉ. एसपी सिंह, सिविल सर्जन लुधियाना।