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लुधियाना में गोशाला की कुटिया में था नारायण का डेरा
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 04 Dec 2013 10:42 PM IST
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दुराचार के आरोप में भगोड़ा घोषित और पांच लाख के इनामी नारायण साईं पिछले कई दिन से लुधियाना के नजदीक गांव टिब्बा के पास स्थित बापू आसाराम की गोशाला में बनी एक कुटिया में रह रहा था, लेकिन इसकी किसी को कानों कान खबर नहीं थी।
साहनेवाल के नजदीक बने बापू आसाराम के आश्रम और गोशाला के भक्त इस संबंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
बताया जाता है कि मॉडल टाउन निवासी एक इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी बापू का नजदीकी भक्त है। नारायण साईं की उसने हरसंभव सहायता की। वह कारोबारी भी शक के दायरे में है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से नारायण साईं को ढूंढ रही दिल्ली पुलिस कि क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर लुधियाना में अपना जाल बिछाया था।
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दिल्ली पुलिस ने लुधियाना के टिब्बा गांव में आसाराम के आश्रम के अलावा शहर के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर भी अपने कर्मचारी गुप्त तरीके से तैनात किए थे। इनमें कुछ कर्मचारी आसाराम के नजदीकी भक्तों के घरों के पास भी तैनात थे।
देर रात दिल्ली पुलिस ने अपनी सूचना के अनुसार नारायण साईं की तलाश शुरू की। पुलिस ने शहर के इलेक्ट्रानिक कारोबारी को उस समय काबू किया, जब वह गांव टिब्बा आश्रम से वापस मॉडल टाउन जा रहे थे।
कारोबारी के परिजन इस मामले में मीडिया से बातचीत से इंकार कर रहे हैं। उधर जानकार लोगों का कहना है कि कारोबारी के बापू एवं नारायण साईं से अच्छे संबंध थे।
बापू दो-तीन बार उनके निवास पर आए भी थे। लेकिन आसपास के लोगों ने ज्यादा बात करने से गुरेज किया। सूत्रों के मुताबिक नारायण ने कारोबारी को फ ोन से अपने पास बुलाया था और उससे मदद मांगी थी
दिल्ली पुलिस ने गोपनीयता बरती
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने अपना अभियान पूरी तरह से गुप्त रखा। लुधियाना पुलिस कमिश्नरी तक को सूचित नहीं किया गया।
पुलिस कमिश्नर निर्मल सिंह ढिल्लों का कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस के लुधियाना में आने की कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने उनसे संपर्क किया। कमिश्नर ने कहा कि नारायण साईं के लुधियाना में होने की भी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
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साहनेवाल के नजदीक बने बापू आसाराम के आश्रम और गोशाला के भक्त इस संबंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
बताया जाता है कि मॉडल टाउन निवासी एक इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी बापू का नजदीकी भक्त है। नारायण साईं की उसने हरसंभव सहायता की। वह कारोबारी भी शक के दायरे में है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
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जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से नारायण साईं को ढूंढ रही दिल्ली पुलिस कि क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर लुधियाना में अपना जाल बिछाया था।
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दिल्ली पुलिस ने लुधियाना के टिब्बा गांव में आसाराम के आश्रम के अलावा शहर के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर भी अपने कर्मचारी गुप्त तरीके से तैनात किए थे। इनमें कुछ कर्मचारी आसाराम के नजदीकी भक्तों के घरों के पास भी तैनात थे।
देर रात दिल्ली पुलिस ने अपनी सूचना के अनुसार नारायण साईं की तलाश शुरू की। पुलिस ने शहर के इलेक्ट्रानिक कारोबारी को उस समय काबू किया, जब वह गांव टिब्बा आश्रम से वापस मॉडल टाउन जा रहे थे।
कारोबारी के परिजन इस मामले में मीडिया से बातचीत से इंकार कर रहे हैं। उधर जानकार लोगों का कहना है कि कारोबारी के बापू एवं नारायण साईं से अच्छे संबंध थे।
बापू दो-तीन बार उनके निवास पर आए भी थे। लेकिन आसपास के लोगों ने ज्यादा बात करने से गुरेज किया। सूत्रों के मुताबिक नारायण ने कारोबारी को फ ोन से अपने पास बुलाया था और उससे मदद मांगी थी
दिल्ली पुलिस ने गोपनीयता बरती
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने अपना अभियान पूरी तरह से गुप्त रखा। लुधियाना पुलिस कमिश्नरी तक को सूचित नहीं किया गया।
पुलिस कमिश्नर निर्मल सिंह ढिल्लों का कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस के लुधियाना में आने की कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने उनसे संपर्क किया। कमिश्नर ने कहा कि नारायण साईं के लुधियाना में होने की भी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।