किसान संगठन की चेतावनी- केंद्र ने मालगाड़ियां शुरू नहीं कीं तो दिल्ली की दूध सप्लाई करेंगे बंद
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भारतीय किसान यूनियन राजेवाल की एक बैठक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब कोटा में अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल की अध्यक्षता में गई। इसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मोदी सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि केंद्र सरकार ने मालगाड़ियों का आवागमन शुरू न करवाया तो पंजाब के किसान, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और देश के अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर दिल्ली को दूध, सब्जियों, चारे और अन्य खाद्य पदार्थों की आपूर्ति को बंद कर देंगे।
राजेवाल ने कहा कि पंजाब में किसान संगठन 22 अक्तूबर से रेलवे लाइनों पर धरना दे रहे हैं लेकिन केंद्र ने अपने अड़ियल व्यवहार के चलते मालगाड़ियों को बंद कर दिया। बैठक में उपकार सिंह, सचिव, नेक सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, परगट सिंह माखू, घुमन सिंह राजगढ़ दोनों सचिवों के अलावा पंजाब के लगभग 200 पदाधिकारी मौजूद रहे।
पराली जलाने पर सजा तो जरूर भुगत लेंगे लेकिन जुर्माना नहीं देंगे: किसान मजदूर संघर्ष कमेटी
किसान संगठनों के नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार किसानों को निशाना बना रही है। इसके चलते किसानों को मिलने वाली सुविधाएं छीन ली हैं। केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये और पंजाब सरकार के ड्रामे से पंजाब की जनता परेशान है। किसान नेताओं ने कहा कि पराली जलाने पर सजा तो जरूर भुगत लेंगे परंतु जुर्माना नहीं देंगे।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश संगठन सचिव सुखविंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार एक के बाद एक किसानों पर जुल्म कर रही है। किसानों को बर्बाद करने के लिए कृषि कानून बनाया और अब पराली जलाकर प्रदूषण फैलाने पर एक करोड़ रुपये जुर्माना और पांच साल कैद का कानून बना दिया है।
सुखविंदर ने कहा कि किसान सजा तो काट लेंगे, परंतु जुर्माना नहीं भुगत पाएंगे। मौजूदा समय में किसान आर्थिक तंगी के चलते खुदकुशी कर रहे हैं। प्रदूषण के लिए किसानों को टारगेट बनाया जा रहा है। किसानों का साल में दो बार सिर्फ छह फीसदी प्रदूषण है, जबकि रोजाना फैक्ट्रियों का 51 फीसदी और वाहनों का 25 फीसदी प्रदूषण है। किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा के नेता जो बयानबाजी कर रहे हैं, उनकी सख्त शब्दों में किसान संगठन ने निंदा की है।
इस मौके पर कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पांच नवंबर को भारत बंद को सफल बनाने की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। तीन नवंबर को चंडीगढ़ में किसानों की पंजाब सरकार के साथ बैठक है। रविवार शाम को कोर कमेटी की बैठक में कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कारपोरेट घरानों के खिलाफ संघर्ष तेज करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
सरवन सिंह ने कहा कि जाखल-धूरी सेक्शन पर मालगाड़ी दौड़ती देखी गई है, उसमें पत्थर भरा था। जब ये मालगाड़ी चल सकती है तो अन्य मालगाड़ियां क्यों नहीं चलाई जा रही हैं। सरवन ने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब में मालगाड़ियां नहीं चला रही है। किसानों ने मालगाड़ियों का रास्ता नहीं रोका है।
सरवन ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को मिलने वाली सुविधाओं को बंद कर रही है। अब किसानों को ब्याज माफी से बाहर कर दिया है। सरवन ने कहा कि किसान कृषि कानून, बिजली बिल के बाद अब प्रदूषण से संबंधित किसानों विरुद्ध बने कानून के खिलाफ भी आंदोलन करेंगे और इसे रद्द करवाएंगे।
टोल प्लाजा व पेट्रोल पंपों पर किसानों का धरना जारी
बरनाला में किसान 15 दिन से भाजपा जिला प्रधान यादविंदर शंटी के आवास के सामने धरने पर बैठे हैं। इसी तरह संघेड़ा, महलकलां, भदलबढ़, भोतना, धनौला, धौला में पेट्रोल पंप बंद रखे गए हैं। पंप बंद होने से वाहन चालकों को पेट्रोल के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं टोल प्लाजा पर चल रहे धरने के कारण वाहन चालक बिना टोल दिए सफर कर रहे हैं।
हंडियाया रोड पर शापिंग माल व बरनाला बाजाखाना रोड पर मॉल के सामने गेट पर धरना चल रहा है। इस दौरान किसी भी ग्राहक को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का रेलवे स्टेशन बरनाला के प्लेटफार्म पर धरना 32वें दिन भी जारी है। केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है।