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परिजनों ने फिरोजपुर रोड रोक की नारेबाजी

Sun, 12 Jan 2014 10:14 PM IST
अमर उजाला, लुधियाना
अमर उजाला, लुधियाना Updated Sun, 12 Jan 2014 10:14 PM IST
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अबदुल्लापुर बस्ती में सीवरेज साफ करते समय गैस चढ़ने से मारे गए सुरिंदर कुमार के परिजनों और साथियों ने रविवार को मुख्य फिरोजपुर रोड पर जाम लगा दिया।
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सभी ने सरकार और नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जेई और एसडीओ को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जेई सुरजीत सिंह और एसडीओ रंजीत सिंह के खिलाफ दर्ज किए गए लापरवाही के मामले को रद्द कर उसे गैर इरादतन हत्या के मामले में तबदील करने की भी मांग की।

करीब एक घंटे तक जाम लगने से पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था खराब हो गई। इसी दौरान सर्किट हाउस में मीटिंग कर रहे अल्पसंख्यक आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने उन्हें संदेश भेजा कि जाम छोड़ वह उन्हें सर्किट हाउस में आकर मिले। आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारी वहां से हटे।
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प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे सुरिंदर कल्याण ने कहा कि सुरिंदर कुमार अपने कुछ साथियों के साथ अब्दुल्लापुर बस्ती में सीवरेज की सफाई करते समय गैस चढ़ने से गिर गया।
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उसे बचाने के चक्कर में विनय भी बेहोश होकर सीवरेज में गिर गया, जबकि तीसरा साथी राजकुमार बाहर की तरफ गिर गया।

उन्होंने कहा कि शनिवार को हादसा होने के बाद निगम का कोई भी बड़ा अधिकारी सुरिंदर के घर नहीं गया और न ही कोई अधिकारी अस्पताल में पड़े दोनों घायलों का पता लेने के लिए गया।

प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के लिए जोनल कमिश्नर जेएस सेखों पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी न सुनी और मांग की कि मृतक के परिजनों को बीस लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्यों को नौकरी दी जाए, जबकि घायलों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। जेई और एसडीओ के खिलाफ दर्ज मामले को गैर इरादन हत्या के मामले में तबदील किया जाए।

जिम्मेदार अधिकारियों को किया जाएगा जल्द गिरफ्तार : डॉ. वेरका
अल्पसंख्यक सेल आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने कहा कि ऐसे हादसे कई बार हो चुके हैं, लेकिन निगम अधिकारी नहीं सुधर रहे।

सीवरेज की सफाई करने से पहले सफाई कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन बिना ट्रेनिंग के ही अधिकारियों ने उन्हें सीवरेज की सफाई के लिए नीचे उतार दिया। निगम अधिकारी फील्ड में न जाकर खुद दफ्तर में बैठ आदेश देते रहते है।

पुलिस कमिश्नर से कहा गया है कि लापरवाही के दर्ज किए मामले को गैर इरादतन हत्या के मामले में तबदील किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।


डॉ. वेरका ने कहा कि उन्होंने सरकार से मांग की है कि मृतक के परिवार को बीस लाख रुपये और एक पारिवारिक सदस्य को नौकरी दी जाए, जबकि घायलों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे के रुप में दिए जाए।

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