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अब पहले जैसा खुशहाल नहीं रहा पंजाब : जस्टिस काटजू
ब्यूरो, अमर उजाला/फतेहगढ़ साहिब
Updated Tue, 02 Feb 2016 09:37 PM IST
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बहिबल कलां कांड की जांच कर रहे सिख फार ह्यूमन राइट्स और सिख संगठनों द्वारा नियुक्त किए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सी मारकंडेय काटजू सोमवार रात गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक हुए। इस मौके पर उनके साथ सिख फॉर ह्यूमन राइट्स और शिरोमणि अकाली दल पंच प्रधानी के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा भी मौजूद थे।
इस मौके पर जस्टिस काटजू ने कहा कि पंजाब के बारे में बहुत अच्छा सुना था पर आज पंजाब पहले जैसा नहीं रहा। पंजाब में रेत माफिया, बजरी माफिया, ड्रग्स माफिया और लैंड माफिया बेहद सरगर्म है और पंजाब का यूथ नशों की दलदल में धंसा हुआ है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। ठोस नीति पर काम करके इसके पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा।
जस्टिस काटजू ने कहा कि बहिबल कलां गोलीकांड में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनको लोगों की कचहरी में पेश किया जाएगा। वे गवाही पर निर्भर नहीं रहेंगे और जांच खुद करेंगे। सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया जाएगा। पंच प्रधानी अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जस्टिस काटजू सोमवार को भुच्चो मंडी में आत्महत्याएं करने वाले करीब 15 किसानों के परिवारों को मिले और वहां के डीसी को लिखित मांगपत्र देकर मृतक किसानों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी की मांग की गई।
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पंजाब को खुशहाल बनाने के लिए आईपीएस, आईएएस और पीपीएस अधिकारियों को लेकर एक संगठन बनाया जा रहा है इसमें उनकी राय ली जाएगी और राजनीति से ऊपर उठकर गंभीर हालातों पर ठोस नीति से काम किया जाएगा।
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इस मौके पर जस्टिस काटजू ने कहा कि पंजाब के बारे में बहुत अच्छा सुना था पर आज पंजाब पहले जैसा नहीं रहा। पंजाब में रेत माफिया, बजरी माफिया, ड्रग्स माफिया और लैंड माफिया बेहद सरगर्म है और पंजाब का यूथ नशों की दलदल में धंसा हुआ है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। ठोस नीति पर काम करके इसके पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा।
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जस्टिस काटजू ने कहा कि बहिबल कलां गोलीकांड में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनको लोगों की कचहरी में पेश किया जाएगा। वे गवाही पर निर्भर नहीं रहेंगे और जांच खुद करेंगे। सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया जाएगा। पंच प्रधानी अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जस्टिस काटजू सोमवार को भुच्चो मंडी में आत्महत्याएं करने वाले करीब 15 किसानों के परिवारों को मिले और वहां के डीसी को लिखित मांगपत्र देकर मृतक किसानों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी की मांग की गई।
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पंजाब को खुशहाल बनाने के लिए आईपीएस, आईएएस और पीपीएस अधिकारियों को लेकर एक संगठन बनाया जा रहा है इसमें उनकी राय ली जाएगी और राजनीति से ऊपर उठकर गंभीर हालातों पर ठोस नीति से काम किया जाएगा।