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जिंदी हत्याकांड : गैंगस्टर मोनी के साथ शामिल दो आरोपी और गिरफ्तार

Wed, 12 Feb 2020 10:12 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2020 10:12 PM IST
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Jindi Murder: Gangster Moni's two accomplices arrested
जवाहर नगर कैंप में फाइनेंसर और व्यापारी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदी की गोलियां मार कर हत्या करने के मामले में दबोचे गए गैंगस्टर मोनी और सुमित चोटी सहारनपुर के दो और साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के तीन साथी अभी भी फरार हैं। जिंदी हत्याकांड को सात आरोपियों ने अंजाम दिया था।
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पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया पुलिस ने गैंगस्टर मोनी और चोटी हरिद्वार पुलिस की मदद से काबू किया गया था। अब हत्याकांड में शामिल जवाहर नगर लेबर कालोनी केमनी कुमार उर्फ तरलोकी और जवाहर नगर निवासी जतिन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। शाम नगर निवासी दर्पन सिंगला, जतिंदर कुमार उर्फ बाला और हरविंदर पाल सिंह उर्फ सोनी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक, जाली नंबर प्लेट, मृतक की सोने की चेन और पर्स भी बरामद किया है।
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पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गैंगस्टर मोनी को शक था कि जिंदी उसकी गुप्त सूचना पुलिस को शेयर करता है। जिस कारण वह जिंदी से रंजिश रखता था। उसने जिंदी को जान से मारने की धमकियां भी दी थी। आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम देने से सिर्फ दस दिन पहले ही सारी प्लानिंग बनाई थी। इस प्लानिंग का मास्टर माइंड गैंगस्टर मोनी ही था। उसने 13 जनवरी को लुधियाना में पहुंच कर साथियों के साथ प्लानिंग बनाई। सभी आरोपियों ने रैकी की और वारदात को अंजाम देने की तारीख भी तय कर ली थी। 23 जनवरी को आरोपियों ने जवाहर नगर कैंप में जिंदी को मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गए।
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प्लानिंग के बाद सभी आरोपी अपने-अपने काम में जुट गए। गैंगस्टर मोनी हरिद्वार पहुंचा और उसने एक बाइक की। कुछ दूरी पर जाकर आरोपी ने वैगनऑर कार चोरी कर बाइक वहीं पर खड़ी कर दी। वहां आरोपियों ने टोल प्लाजा पार करने से वैगनऑर पर जाली नंबर प्लेट लगा दी। 19 जनवरी को कार चोरी के बाद आरोपी गैंगस्टर मोनी और उसका साथी चोटी सीधे लुधियाना पहुंचे। चार दिन फिर से रैकी और पूरी प्लानिंग करने के बाद 23 जनवरी को आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। उसके बाद आरोपी अंबाला, दिल्ली और फिर हरिद्वार वापिस चले गए।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार आरोपियों के फोन ट्रेसिंग पर लगा दिए। आरोपियों की लोकेशन हरिद्वार के पास पहुंची तो लुधियाना पुलिस ने वहां की पुलिस को सूचना देकर आरोपियों को काबू करवाया। पुलिस ने आरोपियों से दो पिस्तौल, सात कारतूस और बाइक बरामद की थी। जिसके बाद लुधियाना पुलिस मोनी और चोटी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई। दोनों से पूछताछ के दौरान पुलिस को सारी कहानी पता चली।
अंबाला में भी व्यापारी पर चलाई थी गोलियां
पुलिस पूछताछ में पता चला कि गैंगस्टर मोनी ने अंबाला के किसी व्यापारी को मौत के घाट उतारने के लिए दस लाख रुपये की सुपारी ली थी। उसने इस काम को अंजाम देने के लिए अपने साथी मनी और दर्पण को शामिल किया। तीनों ने व्यापारी पर गोलियां चला दी थी, लेकिन व्यापारी अस्पताल में जाकर बच गया। अंबाला में भी आरोपियों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।

गैंगस्टर मोनी ने 2016 में कोचर मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक में लूट की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब एक साल बाद आरोपी पेशी पर लाते समय पुलिस मुलाजिमों को चकमा देकर फरार हो गया था।। इसके बाद उसे हरिद्वार पुलिस ने कैश वैन लूट के मामले में गिरफ्तार किया था। वह वहां से भी फरार हो गया था। आरोपी के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड के साथ साथ पड़ोसी राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, डकैती को अंजाम देने के करीब बीस मामले दर्ज है।
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