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सरबंसदानी पिता के बलिदान को शब्दों में बांधना असंभव : मुख्यमंत्री मान

Fri, 26 Dec 2025 07:16 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2025 07:16 PM IST
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It is impossible to put into words the sacrifice of Sarbansdani father: Chief Minister Mann
फतेहगढ़ साहिब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शुक्रवार को अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर के साथ गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब पहुंचे। उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में माथा टेककर बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी जी की महान शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भोरा साहिब और ठंडा बुर्ज के भी दर्शन किए और शहीदों को नमन किया।
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मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सरबंसदानी पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, उनके चारों साहिबजादों और माता गुजरी जी की अतुलनीय कुर्बानी को शब्दों में समेटना संभव नहीं है। यदि धरती पर मौजूद सभी वृक्षों को कलम और समुद्रों के जल को स्याही बना लिया जाए तब भी उनके महान बलिदान की गाथा पूरी तरह लिखी नहीं जा सकती। यह कुर्बानी अनमोल है, जिसका उदाहरण विश्व इतिहास में कहीं नहीं मिलता।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी सभा के ये दिन पूरे पंजाब के लिए शोक और स्मरण के दिन हैं। इन्हीं दिनों ज़ालिम हुक्मरानों ने छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवार में चिनवा दिया था। यह बलिदान केवल सिख इतिहास तक सीमित नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए अन्याय, अत्याचार और ज़ुल्म के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि इस अद्वितीय शहादत पर पूरी दुनिया को गर्व है और यह आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी।
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लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीदी सभा के दौरान लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं के फतेहगढ़ साहिब पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात प्रबंधन, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं, ताकि संगत को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहीदी सभा के दौरान संगत की सेवा सरकार का सर्वोच्च कर्तव्य है। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत मानव इतिहास की लाजवाब और दुर्लभ घटना है, जिसे सिख इतिहास में निक्कियां जिंदां-वड्डा साका कहा जाता है। तीन सौ वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इसकी पीड़ा और संदेश आज भी उतने ही जीवंत हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर अमृतसर (वॉल्ड सिटी), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर घोषित किया गया है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने संगत के साथ लंगर की चाय पी और श्रद्धालुओं से संवाद किया।
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