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दरी पर सो रहे खिलाड़ी, कंबल भी शेयर कर ओढ़ रहे हैं
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Fri, 04 Dec 2015 10:08 PM IST
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गुरु नानक स्टेडियम में चल रही 61वीं अंतर जिला स्कूल एथलेटिक मीट में पंजाब के करीब तीन हजार खिलाड़ी लुधियाना के विभिन्न स्कूलों में रुके हुए हैं। खिलाड़ी विभाग की नाइंसाफी सहने को मजबूर हैं। लुधियाना के स्मट्री रोड स्कूल में मुक्तसर और पटियाला के खिलाड़ी रुके हुए हैं। इन खिलाड़ियों को रहने के लिए तो जगह दे दी गई है, लेकिन बिस्तर और रजाई नहीं दिए गए। बच्चे सर्दी में दरी पर सो रहे हैं और कंबल ओढ़ रहे हैं। वह भी एक दूसरे के साथ शेयर कर रहे है। जवाहर नगर कैंप में रोपड़ के खिलाड़ी रुके हैं। वे भी बिना बिस्तर के सर्दी में ठिठुर रहे है।
जहां खिलाड़ियों को रहने के लिए कमरे दिए गए हैं, वहीं मैस भी बनाई हुई है। पटियाला और मुक्तसर के खिलाड़ियों के साथ आए कोच का कहना है कि मैस में खाना खाने के लिए पांच दिन के पैसे इकट्ठे जमा करवाने पड़ते हैं। अगर प्रतियोगिताएं तीन दिन में खत्म हो जाती है तो दो दिन के पैसे फिजूल चले जाते हैं। इसलिए खिलाड़ियों को ढाबे पर खाना खिला रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह और शाम को खिलाड़ियों को खाना खिलाया जा रहा है और दोपहर को फ्रूट दिए जा रहे हैं।
खिलाड़ियों को बिस्तर साथ में लाने के लिए नहीं कहा गया है। यह सब आर्गनाइजर की लापरवाही है। खिलाड़ियों को सर्दी में बिस्तर उपलब्ध न करवाना गलत है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बलबीर सिंह ढोल, डीपीआई (डायरेक्टर पब्लिक इंस्ट्रक्शन सीनियर सेकेंडरी)
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जहां खिलाड़ियों को रहने के लिए कमरे दिए गए हैं, वहीं मैस भी बनाई हुई है। पटियाला और मुक्तसर के खिलाड़ियों के साथ आए कोच का कहना है कि मैस में खाना खाने के लिए पांच दिन के पैसे इकट्ठे जमा करवाने पड़ते हैं। अगर प्रतियोगिताएं तीन दिन में खत्म हो जाती है तो दो दिन के पैसे फिजूल चले जाते हैं। इसलिए खिलाड़ियों को ढाबे पर खाना खिला रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह और शाम को खिलाड़ियों को खाना खिलाया जा रहा है और दोपहर को फ्रूट दिए जा रहे हैं।
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खिलाड़ियों को बिस्तर साथ में लाने के लिए नहीं कहा गया है। यह सब आर्गनाइजर की लापरवाही है। खिलाड़ियों को सर्दी में बिस्तर उपलब्ध न करवाना गलत है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बलबीर सिंह ढोल, डीपीआई (डायरेक्टर पब्लिक इंस्ट्रक्शन सीनियर सेकेंडरी)