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कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारी पर फायरिंग: सिख भाईचारे ने रंगदारी और टारगेट करने का आरोप लगाया
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अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा। कनाडा के पंजाबी बहुल शहर ब्रैम्पटन के नजदीक स्थित कैलेडन में भारतीय मूल के कारोबारी रणवीर मंड के घर पर गोलियां चलाने की घटना ने सिख भाईचारे में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। इस हमले को सिखों को टारगेट करने और रंगदारी वसूलने की एक नई कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। कारोबारी मंड पर तीसरे हमले के बाद सिख समुदाय ने कनाडा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह सिखों को निशाना बना रही है और उनके घरों व व्यवसायों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रही है। रणवीर मंड के परिवार पर हुए हमले को आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के कत्ल से जोड़ते हुए सिख भाईचारे ने इसे कनाडा सरकार की नाकामी और भारत सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिशों से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंड ने बताया कि हमलावर ने धमकी भरे फोन कॉल्स के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 20 लाख डॉलर की फिरौती मांगी थी। हमलावर ने यह भी कहा कि यह केवल ट्रेलर है, पूरी पिक्चर जल्दी दिखा देंगे। मंड ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए छह नई बंदूकें खरीदी थीं, लेकिन कनाडा पुलिस ने उन्हें बंदूकें लॉक करके रखने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में जब कभी हमला हो, लॉक खोलने का समय किसके पास होगा।
रणवीर मंड का यह तीसरा हमला था। इससे पहले उनके भाई के घर और रेस्टोरेंट पर भी गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना के बाद ओंटारियो गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अन्य सिख संगठनों ने तात्कालिक बैठक बुलाई और ब्रैम्पटन सिटी काउंसिल व कनाडा सुरक्षा कमेटी के अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक के बाद सिख समुदाय ने कनाडा पुलिस बोर्ड से समय मांगा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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ढीली कार्रवाई पर सवाल
मनोहर सिंह बल और रणवीर मंड ने आरोप लगाया कि कनाडा पुलिस घटना के बाद काफी देर से मौके पर पहुंची जबकि हमलावरों को जल्दी पकड़ने का अवसर था। उन्होंने पुलिस की ढीली कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और इसे गंभीर सुरक्षा चूक करार दिया। मंड ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की बजाय उन्हें घर बदलने की सलाह दी गई। सिख भाईचारे ने कनाडा सरकार से यह भी आग्रह किया है कि वह इस प्रकार के अपराधों को गंभीरता से ले और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हो सकें।
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हलवारा। कनाडा के पंजाबी बहुल शहर ब्रैम्पटन के नजदीक स्थित कैलेडन में भारतीय मूल के कारोबारी रणवीर मंड के घर पर गोलियां चलाने की घटना ने सिख भाईचारे में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। इस हमले को सिखों को टारगेट करने और रंगदारी वसूलने की एक नई कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। कारोबारी मंड पर तीसरे हमले के बाद सिख समुदाय ने कनाडा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह सिखों को निशाना बना रही है और उनके घरों व व्यवसायों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रही है। रणवीर मंड के परिवार पर हुए हमले को आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के कत्ल से जोड़ते हुए सिख भाईचारे ने इसे कनाडा सरकार की नाकामी और भारत सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिशों से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंड ने बताया कि हमलावर ने धमकी भरे फोन कॉल्स के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 20 लाख डॉलर की फिरौती मांगी थी। हमलावर ने यह भी कहा कि यह केवल ट्रेलर है, पूरी पिक्चर जल्दी दिखा देंगे। मंड ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए छह नई बंदूकें खरीदी थीं, लेकिन कनाडा पुलिस ने उन्हें बंदूकें लॉक करके रखने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में जब कभी हमला हो, लॉक खोलने का समय किसके पास होगा।
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रणवीर मंड का यह तीसरा हमला था। इससे पहले उनके भाई के घर और रेस्टोरेंट पर भी गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना के बाद ओंटारियो गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अन्य सिख संगठनों ने तात्कालिक बैठक बुलाई और ब्रैम्पटन सिटी काउंसिल व कनाडा सुरक्षा कमेटी के अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक के बाद सिख समुदाय ने कनाडा पुलिस बोर्ड से समय मांगा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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ढीली कार्रवाई पर सवाल
मनोहर सिंह बल और रणवीर मंड ने आरोप लगाया कि कनाडा पुलिस घटना के बाद काफी देर से मौके पर पहुंची जबकि हमलावरों को जल्दी पकड़ने का अवसर था। उन्होंने पुलिस की ढीली कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और इसे गंभीर सुरक्षा चूक करार दिया। मंड ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की बजाय उन्हें घर बदलने की सलाह दी गई। सिख भाईचारे ने कनाडा सरकार से यह भी आग्रह किया है कि वह इस प्रकार के अपराधों को गंभीरता से ले और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हो सकें।