फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   Hundreds of tons of farmers paddy got wet in the grain markets of Ludhiana

एशिया की सबसे बड़ी मंडी का हाल: पुख्ता इंतजाम न होने से परेशान किसान, बारिश से भीगा सैकड़ों टन धान

Sun, 24 Oct 2021 05:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना/जगरांव/खन्ना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना/जगरांव/खन्ना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 24 Oct 2021 05:38 PM IST
सार

पंजाब में बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। सैकड़ों टन धान मंडियों में भीग गया है। सूखने के बाद ही इसकी खरीद होगी। किसानों का कहना है कि मंडियों में पुख्ता इंतजाम नहीं थे। यही वजह है कि धान भीग गया है। अब हफ्ते पर इन्हें सूखाना पड़ेगा। 

विज्ञापन
Hundreds of tons of farmers paddy got wet in the grain markets of Ludhiana
लुधियाना की मंडियों में भीगा धान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

देर रात से हो रही बारिश ने पंजाब की मंडियों में सरकार के प्रबंध की पोल खोल दी। बरसात की वजह से मंडियों में सैकड़ों टन धान की फसल भीग चुकी है। धान की फसल को किसान किसी तरह से फटी तिरपाल के सहारे बचाने का प्रयास करते रहे पर उनको कोई लाभ हुआ नहीं।

विज्ञापन


नतीजा यह हुआ कि अब किसानों को धान की फसल को सुखाने के लिए करीब एक सप्ताह और मंडियों में बैठना होगा। फसल भीगने के कारण अब इसकी बोली नहीं लगेगी और खरीद एजेंसियां तभी फसल खरीदेंगी जब यह पूरी तरह से सूख जाएगी जो फसल भीगने से बच भी गई है उसमें नमी की मात्रा बढ़ गई है। जिसकी वजह से किसानों के लिए यह एक नई परेशानी बन गई है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि धान की फसल की खरीद के लिए सरकार ने बड़े दावे किए थे। एशिया की सबसे बड़ी खन्ना अनाज मंडी, जिला लुधियाना की दूसरी सबसे बड़ी मंड़ी जगरांव में सैकड़ों टन अनाज भीग चुका है। सबसे ज्यादा बुरे हालात छोटी मंडियों के है। जहां शेड तो थे नहीं और तिरपाल का प्रबंध भी नहीं किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहां मंडी में पड़ी धान की फसल पूरी तरह भीग चुकी है। जगरांव मंडी की बात करें तो अभी तक यहां महज दस फीसदी धान की फसल पहुंची है। महानगर लुधियाना में आसपास हंबड़ा रोड और बहादुर के रोड स्थित अनाज मंडी में पुख्ता प्रबंध न होने के कारण भी धान की फसल भीग चुकी है।

एशिया की सबसे बड़ी मंडी जलमग्न

Hundreds of tons of farmers paddy got wet in the grain markets of Ludhiana
खन्ना अनाज मंडी का हाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

खन्ना में शनिवार देर रात से शुरू हुई बरसात ने एशिया की सबसे बड़ी मंडी खन्ना जलमग्न हो गई। मंडी में पड़ा ज्यादातर धान गीला होने के कारण बर्बाद हो गया। मंडी में बैठे किसान अमरजीत सिंह गांव सलोदी से बताया कि अगर मार्केट कमेटी ने समय रहते सही प्रबंध किए होते तो हमारी फसल बर्बाद न होती। 

बारिश शुरू होती है तभी मोटर चालू कर देनी चाहिए जिससे साथ-साथ मंडी में पानी जमा न हो। मार्केट कमेटी की लापरवाही के कारण ही हम लोगों की फसल बर्बाद हुई है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस नुकसान की भरपाई सरकार को करनी चाहिए। किसानों का कहना है कि मार्केट कमेटी लाखों रुपये हमसे टैक्स के रूप में लेती है तो क्या उचित प्रबंध नहीं कर सकती।

फड़ों पर पड़ी फसल तक बर्बाद हो गई। इसकी वजह थी कि जो फसल बोरियों में या थैलों में भरी गई थी उसके नीचे क्रेट तक नहीं रखे गए थे। उनका कहना है कि अगर बोरियों को नीचे क्रेट रख दिए जाते तो फसल बर्बाद न होती। कमेटी के पास तिरपाल ही हैं।

मार्केट कमेटी के सचिव सुरजीत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि कुदरती आफत के आगे हम क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिर भी हमने प्रबंध अच्छे किए थे जिससे फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। शनिवार शाम से लेकर अब तक चार से पांच हजार क्विंटल धान मंडी में पड़ा है। धान कितना बर्बाद हुआ है इसका अभी अनुमान नहीं ।

पहले छह दिन से बैठे है मंडी में अब ओर होगा इंतजार
जिला लुधियाना की जगरांव मंडी में हालात भी कुछ ऐसे है, कुप्रबंधन के चलते किसानों को सैकड़ों टन अनाज भीग गया है। गांव सोइया से आए किसान परमजीत सिंह ने बताया कि वह लगभग छह दिन से यहां पर बैठे है। रात को बरसात शुरू होते ही उन्हें तिरपाल मुहैया करवाई गई लेकिन वह जगह जगह से फटी थी। इस लापरवाही से उनकी 25 फीसदी से ज्यादा फसल भीग गई है। 

अब फसल सूखने तक उन्हें पता नहीं कितने दिन और यहां बिताने पड़ेंगे। गांव मलकपुर निवासी मेहर सिंह ने बताया कि यहां कोई प्रबंध दिखाई नहीं दे रहे है। बरसात के चलते उनकी फसल भीग गई है। सरकार पहले नमी की बात कहकर फसल खरीद नहीं रही है। अब भीग चुकी फसल को सुखाने के लिए उन्हें पता नहीं कितने दिन यहां बैठकर मशक्कत करनी होगी। बरसात में कुछ तिरपाल आढ़ती से मिली थी, बाकी का इंतजाम उन्होंने खुद घर से किया है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed