Halwara News: साडा पिंड बुर्जलिट्टां पुस्तक का विमोचन, मास्टर अवतार सिंह धालीवाल का अनूठा प्रयास
गोर्की प्रकाशन लुधियाना द्वारा प्रकाशित मास्टर अवतार सिंह धालीवाल द्वारा लिखित पुस्तक "साडा पिंड बुर्ज लिट्टां" का सादे और प्रभावशाली समारोह में विमोचन किया गया।
विस्तार
गोर्की प्रकाशन लुधियाना द्वारा प्रकाशित मास्टर अवतार सिंह धालीवाल द्वारा लिखित पुस्तक "साडा पिंड बुर्ज लिट्टां" का सादे और प्रभावशाली समारोह में विमोचन किया गया। साहित्यकार जरनैल सिंह अच्चरवाल, आत्मा सिंह लोहटबद्दी, हरदयाल सिंह लिट्टां, प्रसिद्ध कवि भगवान ढिल्लों, जगदेव कलसी और गुरतेज कौर बुर्ज लिट्टां की अध्यक्षता में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि विज्ञान विषय के अध्यापक मास्टर अवतार सिंह धालीवाल ने इतिहास जैसे विषय को अपने हाथ में लेकर पैतृक और ऐतिहासिक गांव बुर्जलिट्टां के बारे में ज्ञानवर्धक पुस्तक लिखने का जोखिम ही नहीं उठाया, बल्कि कड़ी मेहनत से उसे सफलतापूर्वक पूरा भी किया। गांव की युवा और आने वाली पीढ़ी के लिये ये पुस्तक अमूल्य खजाना है,मास्टर अवतार सिंह धालीवाल ने दिन रात की कड़ी मेहनत से गांव के संपूर्ण इतिहास को एक पुस्तक में पिरो दिया है |
जरनैल सिंह अचरवाल और भगवान ढिल्लों ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गांव का इतिहास और पूर्वजों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिये उन्हें हरिद्वार के घाट पर बैठे पंडितों के पास कई बार जाना पडा और वहां मौजूद लिखित स्टीक जानकारी प्राप्त की,हरिद्वार में पंडितों के पास मौजूद किताबों से गांव के बुजुर्गों और अन्य चीजों के बारे में ज्ञान प्राप्त किया। ये कोई आसान काम नहीं था बल्कि इसमें लेखक का अपने काम के प्रति जजबा और गांव के लिये कुछ कर दिखाने की भावना को उजागर करता है। नरिंदरपाल सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्यों का धन्यवाद किया। पुस्तक के लेखक मास्टर अवतार सिंह धालीवाल की ये पहली कोशिश है और पुस्तक लेखन की शुरुआत से लेकर इसके विमोचन तक के सफर की कहानी प्रेणादायक है ।
एक सवाल के जवाब में लेखक मास्टर अवतार सिंह धालीवाल ने कहा कि पुस्तक लिखने का विचार उनके मन में तब आया जब कई बार बच्चों और युवाओं को उनके पूर्वजों के नाम या गांव के इतिहास के बारे में पूछने पर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में उल्लेख करने के मामले में उन्होंने अपने विरोधियों के साथ भी पूरा न्याय किया है। मा अवतार सिंह धालीवाल के अनुसार पुस्तक में गांव की गठन, प्रमुख हस्तियों, शहीदों, खिलाड़ियों, पहलवानों आदि का उल्लेख करने के अलावा, हर छोटे बड़े काम करने वाले उन लोगों का भी स्थान दिया गया है जिन्होंने गांव के लिये कुछ किया हो , बिना किसी भेदभाव के गांव में परिवारों के रूप में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों का उल्लेख करके वंशावली (कुर्सीनामा) की तरह इसका विस्तार से जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में सभी लोगों, बच्चों और युवाओं को पूरी जानकारी प्रदान करने का विनम्र प्रयास किया है जो अपने दादा, परदादा या पूर्वजों के तक नाम भूल गए हैं और गांव के गौरवमई इतिहास से अनभिज्ञ हैं। इस अवसर पर मा हरदयाल सिंह लिट्ट, मा नरिंदरपाल सिंह बुर्ज लिट्ट, लेखक जगदेव सिंह कलसी, आत्मा सिंह लोहटबद्दी के अलावा साहित्य से जुडी प्रसिद्ध हस्तियां उपस्थित थीं।